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शुक्राना यात्रा’ में लाखों संगतों ने शिरकत करके बेअदबी विरोधी ऐतिहासिक कानून के लिए अकाल पुरख का धन्यवाद किया-भगवंत सिंह मान

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बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ सख्ती से निपटने और पंजाब में सांप्रदायिक सद्भावना का माहौल महफूज़ रखने के लिए अपने दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान प्यार, स्नेह और अपनत्व दिखाने के लिए पंजाब के लोगों का दिल से धन्यवाद किया। 6 मई को खालसे की जन्मभूमि से शुरू हुई ‘शुक्राना यात्रा’ आज पवित्र नगर श्री फतेहगढ़ साहिब में संपन्न हुई।

गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद विशाल समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब की पवित्र धरती पंजाबियों को जुल्म-जबरदस्ती के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि यात्रा श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब से शुरू हुई थी। दूसरे दिन यात्रा के दौरान श्री दरबार साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब में माथा टेका, उसके बाद तीसरे दिन तख्त श्री दमदमा साहिब और गुरुद्वारा मस्तूआणा साहिब में माथा टेका। उन्होंने आगे कहा कि आज गुरुद्वारा श्री दुःख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद यात्रा अब समाप्त हो गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यात्रा के दौरान लोगों द्वारा दिखाए गए प्यार ने सरकार को और भी अधिक नम्रता, लोगों की इच्छाओं के प्रति जिम्मेदारी और उनके आदेशों के प्रति जवाबदेही से भर दिया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी अपनी सरकार द्वारा ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026’ लागू करने से बहुत खुश हैं, जिसमें बेअदबी के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है।”

गांव-गांव जाकर कानून के बारे में लोगों को जागरूक करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस घिनौने अपराध में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति से अब सख्ती से निपटा जाएगा और कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों का बेअदबी को रोकने के लिए कानून बनाने का न तो इरादा था और न ही इच्छाशक्ति, जिसके कारण उनके शासनकाल के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी बार-बार होती रही। उन्होंने कहा, “अब पंजाब सरकार द्वारा पारित यह ऐतिहासिक एक्ट इस अक्षम्य अपराध को खत्म कर देगा क्योंकि कोई भी दोबारा ऐसे कृत्यों की हिम्मत नहीं करेगा।”

अकाली लीडरशिप पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पंजाब भर में बेअदबी की घटनाओं का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए निर्दोष लोगों पर गोलीबारी करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि अकालियों पर “पीढ़ियों के नरसंहार” का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि नशे के कारोबार को उनके शासन के दौरान संरक्षण दिया गया था और उनके लंबे कुशासन के दौरान यह फला-फूला। उन्होंने कहा, “उन नेताओं के हाथ लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं जो सरकारी वाहनों के माध्यम से भी राज्य में सप्लाई किए जाने वाले नशों का शिकार हो गए थे।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये पाप क्षमा करने योग्य नहीं हैं और पंजाबी इन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।” उन्होंने कहा कि अकाली लीडरशिप ने गुरबाणी के नाम पर बार-बार वोट मांगने के बावजूद बेअदबी की घटनाओं के जरिए पंजाबियों के दिलों को गहरी ठेस पहुंचाई है।

अकाली शासन के दौरान विकास को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री के दावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने कोटकपूरा, बहबल कलां और अन्य बेअदबी की घटनाओं के त्रासदी को आसानी से नजरअंदाज कर दिया, जहां मासूम लोगों ने अपनी जानें गंवाईं। उन्होंने कहा कि अकाली नेताओं ने अपने जालिम शासन के दौरान पंजाब को बेरहमी से लूटा और आम लोगों पर जुल्म ढाए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों ने पंजाब में माफिया को संरक्षण दिया और नशे और भ्रष्टाचार के जरिए पीढ़ियां बरबाद कीं। सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “अकालियों का लोगों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है और अब रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए किराए पर लाए गए कार्यकर्त्ताओं पर निर्भर हो गए हैं। हर अकाली रैली में वही भीड़ देखी जा सकती है।” उन्होंने आगे कहा कि जो लोग कभी दावा करते थे कि वे 25 साल पंजाब पर राज करेंगे, अब उन्हें सूबे के सूझवान और बहादुर लोगों ने राजनीतिक तौर पर नकार दिया है।

अकाली लीडरशिप पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन अवसरवादी नेताओं ने अपनी सुविधा और सियासी हितों के मुताबिक गिरगिट की तरह रंग बदले। उन्होंने बताया कि बेअदबी के लिए जिम्मेदार लोग एक बार श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए थे और उन्होंने अपने जुर्म सार्वजनिक तौर पर कबूल किए थे, लेकिन बाद में जब यह उनके सियासी मंसूबों के फिट नहीं बैठा तो उन्होंने पूरी तरह पलटी मार ली। उन्होंने कहा, “पंजाब इन नेताओं का असली चेहरा अच्छी तरह पहचानता है, जिन्होंने बार-बार अपनी संकीर्ण सियासी चालों के जरिए लोगों को गुमराह किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि वही लोग जिन्हें कभी अजेय माना जाता था, लेकिन आज उन्हें अपनी पार्टी के लिए कमेटी बनाने के लिए पांच सदस्य भी नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने पंजाबियों को याद दिलाया कि इन नेताओं ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और नशा तस्करों को शरण दी, जिन्होंने पंजाब की जवानी को नशे की दलदल में धकेल दिया। उन्होंने कहा, “लोगों ने उन पर बार-बार भरोसा किया, लेकिन उन्होंने हर बार धोखा दिया।”

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