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चांदी ने बनाया इतिहास, ₹2.45 लाख के ऑल टाइम हाई पर पहुंची सोना भी ₹1.37 लाख के पार, निवेशकों की सुरक्षित पसंद बरकरार

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भारतीय सर्राफा बाजार में आज बड़ा रिकॉर्ड बना है। चांदी पहली बार ₹2.45 लाख प्रति किलो के करीब पहुंच गई है, जबकि सोना भी मजबूती के साथ ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वैश्विक हालात, डॉलर की कमजोरी और औद्योगिक मांग ने कीमतों को नई ऊंचाई दी है।

चांदी का ऑल टाइम हाई, एक दिन में ₹7,725 की छलांग

6 जनवरी को चांदी ने इतिहास रच दिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत एक ही दिन में ₹7,725 बढ़कर ₹2,44,788 हो गई। इससे पहले यह ₹2,37,063 प्रति किलो थी। बीते 10 दिनों में चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद रुझान मजबूती का रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी अब केवल ज्वेलरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के कारण इसकी औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि निवेशक और उद्योग दोनों ही चांदी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

सोने में भी मजबूती, ₹1.37 लाख के करीब

सोने की कीमतों में भी आज तेजी देखने को मिली। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹741 बढ़कर ₹1,36,909 पर पहुंच गया। हालांकि सोना 29 दिसंबर 2025 को ₹1,38,161 के ऑल टाइम हाई को छू चुका है, लेकिन मौजूदा स्तर भी इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

कैरेट के हिसाब से देखें तो 22 कैरेट सोना ₹1,25,409, 18 कैरेट ₹1,02,682 और 14 कैरेट सोना ₹80,092 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत में सोने की मांग बनी हुई है, खासकर शादी-ब्याह और निवेश के नजरिये से।

2025 में रिकॉर्ड तेजी सोना 75% और चांदी 167% महंगी

पूरा साल 2025 कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक रहा। आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में सालभर में ₹57,033 यानी करीब 75% की बढ़ोतरी हुई। 31 दिसंबर 2024 को सोना ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1,33,195 पर पहुंच गया।

वहीं चांदी ने और भी बड़ा रिकॉर्ड बनाया। इसकी कीमतों में ₹1,44,403 यानी करीब 167% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। एक साल पहले ₹86,017 प्रति किलो मिलने वाली चांदी अब ₹2.30 लाख के पार पहुंच चुकी है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम और आगे क्या संकेत

सोने की तेजी के पीछे तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती से डॉलर की कमजोरी, रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे जियोपॉलिटिकल तनाव और चीन जैसे देशों द्वारा अपने रिजर्व बैंक में भारी मात्रा में सोने की खरीद।

वहीं चांदी की कीमतों को इंडस्ट्रियल डिमांड, अमेरिका में संभावित टैरिफ का डर और मैन्युफैक्चरर्स की अग्रिम खरीदारी का सहारा मिल रहा है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, आने वाले महीनों में चांदी ₹2.75 लाख प्रति किलो तक जा सकती है, जबकि सोना साल के अंत तक ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच सकता है।

भारत में लोग आज भी सोना और चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। महंगाई, बाजार की अनिश्चितता और वैश्विक तनाव के बीच ये कीमती धातुएं भारतीय निवेशकों के भरोसे की कसौटी पर खरी उतरती नजर आ रही हैं।

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