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जालंधर में अमित शाह की रैली से पहले लगे पोस्टर, नशे, पंजाब के पानी और अकाली दल (बादल) के साथ भाजपा के गठबंधन पर पूछे गए 3 सवाल

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जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की आखिरी रैली को संबोधित करने जालंधर पहुंचे, तो शहर में कई जगहों पर भाजपा से सवाल पूछने वाले पोस्टर देखे गए। अमित शाह की तस्वीर वाले इन पोस्टरों में नशे, पंजाब के पानी और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के साथ भाजपा के प्रस्तावित राजनीतिक गठबंधन पर सवाल उठाए गए थे। ‘द ट्रिब्यून’ ने भी शाह के दौरे के दिन जालंधर के मुख्य चौकों पर ऐसे होर्डिंग्स लगाने खबर दी है।

आप ने कहा कि नशों के खिलाफ भाजपा की मुहिम ने पंजाब में नशों के सोर्स और रास्तों के सवाल को केंद्र में ला दिया है। एक पोस्टर में पूछा गया है कि भाजपा गुजरात से पंजाब में नशों की तस्करी क्यों करवा रही है। आप ने कहा कि अमित शाह को पंजाब में नशों के खिलाफ भाजपा की मुहिम को सिर्फ राजनीतिक भाषणों तक सीमित रखने के बजाय इस सवाल का जवाब देना चाहिए।

आप ने कहा कि एक और पोस्टर में पूछा गया है कि भाजपा पंजाब का पानी हरियाणा और राजस्थान को क्यों देना चाहती है। पार्टी ने कहा कि पंजाब के लोग भाजपा से पंजाब के नदियों के पानी और राज्य के पानी के अधिकारों पर साफ जवाब चाहते हैं।

आप ने कहा कि ये पोस्टर अकाली दल (बादल) के साथ भाजपा के प्रस्तावित राजनीकित समझौते पर भी सवाल उठाते हैं, जिसमें पूछा गया है कि भाजपा अकाली दल (बादल) से हाथ क्यों मिलाना चाहती है और काले खेती कानून वापस क्यों लाना चाहती है। आप ने कहा कि भाजपा को खेती कानूनों और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के साथ अपने राजनीतिक समझौते पर अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।

आप ने कहा कि ये सवाल सिर्फ़ जालंधर तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान पोस्टरों के ज़रिए भी उठाए गए थे। 18 सितंबर को आप ने सबके सामने कहा था कि जैसे-जैसे भाजपा की यात्रा पंजाब में आगे बढ़ रही है, पोस्टरों के ज़रिए गुजरात से पंजाब में आ रहे नशे, पंजाब के पानी और अकाली दल (बादल) के साथ प्रस्तावित गठबंधन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

आप ने कहा कि अमित शाह और भाजपा राजनीतिक रैलियों के ज़रिए इन सवालों से बच नहीं सकते, लेकिन उन्हें नशे, पंजाब के पानी और अकाली दल (बादल) के साथ अपने प्रस्तावित राजनीतिक समझौते पर साफ़ जवाब देने चाहिए।

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