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Uttar Pradesh

योगी सरकार की तत्परता से Mahakumbh में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित, पीएम मोदी और अधिकारियों की लगातार निगरानी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज Mahakumbh में हुए हादसे को लेकर पत्रकारों से बातचीत की और स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में इस समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है, लगभग 8 से 10 करोड़ श्रद्धालु इस समय प्रयागराज में हैं। संगम नोज पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं का दबाव है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से मौके पर मौजूद है और हालात नियंत्रण में हैं। उन्होंने देशवासियों, प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं और पूज्य संतों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संयम बनाए रखें। यह आयोजन सभी का है, और प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता से श्रद्धालुओं की सेवा में लगा हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार हर प्रकार के सहयोग के लिए तत्पर हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने 4 बार ली श्रद्धालुओं की स्थिति का जायजा
मुख्यमंत्री ने बताया कि मौनी अमावस्या के मुहूर्त के बाद से प्रशासन श्रद्धालुओं के सकुशल स्नान की व्यवस्था में जुटा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रातः काल से ही चार बार श्रद्धालुओं के कुशलक्षेम की जानकारी ली। इसके अलावा, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी इस अवसर पर सभी का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद भी उच्च स्तरीय बैठकें कर रहे हैं, जिसमें मुख्य सचिव, डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह शामिल हैं।

घायलों का उपचार और व्यवस्था की तत्परता
घटना के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि रात 1 से 2 बजे के बीच अखाड़ा मार्ग पर श्रद्धालु बैरिकेड्स लांघने की कोशिश कर रहे थे, जिससे कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल भेजकर उपचार की व्यवस्था की जा रही है, और सभी घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। मुख्यमंत्री ने अपील की कि लोग नकारात्मक अफवाहों पर विश्वास न करें।

अखाड़ों का अमृत स्नान श्रद्धालुओं के दबाव कम होने के बाद
मुख्यमंत्री ने बताया कि अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों और पूज्य संतों से बातचीत की है। सभी ने कहा है कि जब आम श्रद्धालुओं का दबाव कम होगा, तब वे संगम पर स्नान करेंगे। मंगलवार को 5.5 करोड़ और आज सुबह 8:30 बजे तक 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। संगम नोज और अखाड़ा मार्ग पर श्रद्धालुओं का दबाव बना हुआ है, और वहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।

बुजुर्ग, बच्चे और श्वांस रोगियों के लिए विशेष सलाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में लगभग 15 किलोमीटर के दायरे में अस्थाई घाट बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और श्वांस रोगियों से अपील की कि वे लंबी दूरी तय न करें। सभी घाट गंगा के ही घाट हैं, और वहां स्नान करने से भी वही पुण्य प्राप्त होगा। इसके अलावा, रेलवे ने मेला स्पेशल ट्रेनें भी चलायी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने से स्नान पर्व सकुशल संपन्न होगा।

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