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“राम भक्तों की पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार”: अमन अरोड़ा ने श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले में प्रधानमंत्री मोदी से कड़ी सज़ा की मांग की

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के चंदा चोरी मामले के ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी सज़ा दिलाएं। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़ी भावनाओं को उठाकर सत्ता में आई भाजपा को श्रद्धलुओं की आस्था के साथ धोखा करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शना चाहिए। चंदा चोरी की 105 घटनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने सीनियर अधिकारियों की भूमिका की पूरी जांच की मांग की और सवाल किया कि जवाबदेही सिर्फ़ जूनियर कर्मचारियों तक ही क्यों होनी चाहिए। अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के एक लाख से ज़्यादा राम श्रद्धलुओं ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर न्याय और जवाबदेही की मांग की है और ऐलान किया है: “राम भक्तों की पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार ।”

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि लाखों राम भक्तों ने अपनी मेहनत की कमाई अयोध्या में श्री राम मंदिर बनाने के लिए पूरी श्रद्धा और भावना से दी है। अगर श्रद्धालुओं के दिए गए चंदे में कोई घोटाला हुआ है, तो यह उनकी आस्था के साथ बहुत बड़ा धोखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो भी दोषी पाया जाए, उसे सख्त से सख्त सज़ा मिले।

आप पंजाब प्रधान ने कहा कि वह यह मुद्दा पार्टी प्रधान के तौर पर नहीं, बल्कि एक राम भक्त के तौर पर उठा रहे हैं, जो पूरे पंजाब के लाखों लोगों का दर्द महसूस करते हैं। पूरे देश में लोगों ने श्री राम मंदिर बनने का जश्न बड़ी खुशी से मनाया और इस पवित्र प्रोजेक्ट के लिए अपनी बचत से दिल खोलकर योगदान दिया। उनकी आस्था और योगदान का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।

पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से मिले पत्रों के बंडल दिखाते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के एक लाख से ज़्यादा राम श्रद्धलुओं ने अपनी मर्ज़ी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठियां लिखी हैं, जिसमें उनसे दखल देने और न्याय सुनिश्चित करने की अपील की गई है। ये चिट्ठियां राज्य के करीब 22,000 पोलिंग बूथों से आई हैं। हम इन्हें श्रद्धलुओं की मिली-जुली अपील के तौर पर प्रधानमंत्री को सौंपेंगे, जो जवाबदेही चाहते हैं और हर ज़िम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं।

उन्होंने सवाल किया कि जब बड़े अधिकारियों और मंदिर का प्रबंधन देखने वालों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते हैं, तो जवाबदेही सिर्फ़ निचले लेवल के कर्मचारियों तक ही क्यों खत्म होनी चाहिए? अगर चोरी की घटनाएं बार-बार हुई हैं, तो संस्था की देखरेख करने वालों की ज़िम्मेदारी की भी जांच होनी चाहिए।

आप पंजाब प्रधान ने कहा कि रिपोर्ट में सीसीटीवी कैमरों में कैद और एसआईटी द्वारा जांच की गई चंदा चोरी की 105 घटनाओं का ज़िक्र है। चोरी की ये घटनाएं निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाए बिना बार-बार कैसे हो सकती हैं? पूरी जांच से यह साफ हो जाएगा कि ये घटनाएं कैसे हुईं और क्या हर जिम्मेदार व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया गया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर इतने बड़े धार्मिक महत्व वाले संस्थान में, जो करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है, बार-बार चोरी की घटनाएं हुई हैं, तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ कुछ जूनियर कर्मचारियों तक सीमित नहीं की जा सकती। सीनियर अधिकारियों और इसके प्रबंधन के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

अमन अरोड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और भाजपा लीडरशिप को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गलत कामों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। श्री राम मंदिर भाजपा का मुख्य राजनीतिक प्रतिबद्धता रहा है, और यह पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह श्रद्धलुओं की आस्था के साथ धोखा न होने दे। दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति को उसे पद, राजनीतिक संबंध या प्रभाव के बिना संख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

श्री राम मंदिर आंदोलन के राजनीतिक महत्व को याद करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि श्री राम मंदिर के मुद्दे ने भाजपा की राजनीतिक बढ़त में अहम भूमिका निभाई। 1996 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 161 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। पार्टी को श्री राम मंदिर से जुड़ी आस्था और भावनाओं से बहुत राजनीतिक ताकत मिली थी। आज उसे यह दिखाना चाहिए कि राम भक्तों की आस्था का रक्षा करना उनकी भावनाओं को उभारने जितना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां लोगों की धार्मिक आस्था को हल्के में नहीं ले सकतीं। शिरोमणि अकाली दल इस बात का उदाहरण है कि कैसे जो पार्टियां धर्म की शरण लेती हैं लेकिन अपने मानने वालों की आस्था बनाए रखने में नाकाम रहती हैं, वे जनता का समर्थन खो देती हैं। श्रद्धलुओं की आस्था को कभी भी राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जब तक कि उनकी जवाबदेही को लेकर जायज़ चिंताएं अनसुलझी रहें।

अमन अरोड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार और भाजपा लीडरशिप को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रद्धालुओं के डोनेशन का गबन करने वाले हर दोषी को कड़ी सज़ा मिले। किसी को भी उनके रुतबे, पद या राजनीतिक असर की वजह से बख्शा नहीं जाना चाहिए। इंसाफ़ होना चाहिए और जांच में केस के हर ज़रूरी पहलू की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राम भक्तों के विश्वास को तोड़ा है, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। कड़ी सज़ा ज़रूरी है ताकि भविष्य में कोई इस तरह लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।

पंजाब के श्रद्धलुओं की अपील पर अमन अरोड़ा ने कहा, “राम श्रद्धलुओं की एक पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार।” राम श्रद्धलुओं की मांग बिल्कुल साफ़ है: जवाबदेही, इंसाफ़ और गलत काम करने वाले हर व्यक्ति को कड़ी सज़ा।

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