Connect with us

National

ईडी को भाजपा और दक्षिण की लॉबी के बीच ‘प्रत्यक्ष सांठगांठ’ की जांच करनी चाहिएः AAP

Published

on

Delhi Ministers and AAP leaders Atishi and Saurabh Bhardwaj

यह दावा करते हुए कि उसे कथित दिल्ली आबकारी घोटाले के गवाहों और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक और कड़ी मिली है, आम आदमी पार्टी ने शनिवार को मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)-यदि वह एक स्वतंत्र निकाय होने का दावा करता है-तो ‘दक्षिण लॉबी’ और भगवा पार्टी के बीच संबंधों की जांच करे।

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए राघव मागुंटा रेड्डी के पिता मागुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी को आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी ने मैदान में उतारा है।

“मागुंता रेड्डी ने दो बयानों में कहा कि आबकारी नीति को लेकर उनके और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच कोई चर्चा नहीं हुई थी, लेकिन उनके बेटे की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने हार मान ली और मुख्यमंत्री के खिलाफ तीसरा बयान दिया। उनके बेटे राघव मागुंटा ने भी छह बयानों में मुख्यमंत्री के नाम का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके खिलाफ सातवां बयान जारी किया और सरकारी गवाह बनने के बाद जमानत हासिल करने में कामयाब रहे।

ईडी को मागुंटा रेड्डी और राघव मागुंटा के भाजपा के साथ सीधे जुड़ाव की भी जांच करनी चाहिए। उन्हें वर्षों पहले की अपनी पारस्परिक फोन कॉल का विवरण मिलेगा। यहां तक कि एक छोटी सी जांच भी तथ्य को कल्पना से अलग करेगी।

मंत्री आतिशी ने कहा कि अरबिंदो फार्मा के निदेशक शरत रेड्डी के मामले में सरकारी गवाह बनने और फिर भाजपा को चुनावी बांड के रूप में धन दान करने के ‘स्पष्टीकरण’ के बाद, यह एक और ‘बड़ा रहस्योद्घाटन’ था।

आतिशी ने कहा, “मैं ईडी को चुनौती देती हूं, अगर यह एक स्वतंत्र एजेंसी है, तो इस संबंध को रिकॉर्ड में लाए और इसकी जांच करे।

उन्होंने कहा, “ईडी को आरोप पत्र में भाजपा को आरोपी बनाकर दक्षिण के शराब कारोबारियों के साथ भाजपा के संबंधों को अदालत के सामने पेश करना चाहिए।

Also Read: CM केजरीवाल की पत्नी ने नंबर जारी कर शुरू किया ‘केजरीवाल को आशीर्वाद अभियान ‘

श्री केजरीवाल, जिन्हें एजेंसी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था, ने राउज एवेन्यू अदालत को बताया था कि उनके खिलाफ चार व्यक्तियों के बयान थे, जिसके आधार पर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। आप ने कहा कि चार गवाहों में से तीन के भाजपा से जुड़े होने का पता चला है। पार्टी ने कहा कि चौथे, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सचिव सी. अरविंद ने केवल यह उल्लेख किया कि आबकारी नीति से संबंधित कुछ दस्तावेज उन्हें मुख्यमंत्री आवास पर सौंपे गए थे, जिसमें वित्तीय लेनदेन का कोई उल्लेख नहीं था।

आतिशी ने कहा कि जांच के बारीकी से अवलोकन से पता चला है कि हर गवाह को तब तक “डराया-धमकाया” जा सकता था जब तक कि वे मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान नहीं देते।

Also Read: दिल्ली की अदालत में अरविंद केजरीवाल ने कहा-AAP को खत्म करना ED का मिशन

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

Chennai: गोदी से गिरी थी बेटी, लोगो ने किया मां को खूब ट्रोल, अब ली अपनी जान

Published

on

सोशल मीडिया पर ‘कुछ भी लिख देने की आजादी’ का कड़वा सच सामने आया है। तमिलनाडु की राजधानी Chennai में एक महिला आईटी प्रोफेशनल ने सिर्फ इसलिए जान दे दी क्योंकि लोग उसे सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे थे। रम्या (33) पिछले महीने 28 अप्रैल को सात माह की बेटी को अपार्टमेंट की चौथी मंजिल की गैलरी पर स्तनपान करा रही थी। तभी बच्ची फिसलकर पहली मंजिल के छज्जे पर गिर गई। 15 मिनट मशक्कत के बाद लोगों ने उसे बचा लिया था।

इस घटना का एक वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग बिना सही घटना जाने मां को जिम्मेदार ठहराते हुए ट्रोल करने लगे थे। यही रम्या के लिए जानलेवा बना। ट्रोलिंग से परेशान होकर दो हफ्ते पहले रम्या पति और दोनों बच्चों (5 साल के बेटे, 7 महीने की बेटी) के साथ मायके कोयंबटूर आई थी। रविवार को रम्या के माता-पिता, पति शादी में गए थे। वे घर लौटे तो रम्या को मृत पाया।

 डिप्रेशन में आ गई थी, बचने के लिए मायके गई, वहां भी पीछा नहीं छोड़ा

घटना के बाद से रम्या डिप्रेशन और तनाव से जूझ रही थी। उनका इलाज चल रहा था। स्थानीय चैनल भी लगातार बच्ची को बचाने वाले लोगों को हीरो और मां को लापरवाह बताने में तुले थे। इनसे बचने के लिए आईटी प्रोफेशनल पति अपनी पत्नी को लेकर कोयंबटूर स्थित उनके मायके चले गए थे। लेकिन वहां भी ट्रोलिंग चलती रही और रम्या ने सुसाइड कर लिया।

लोगो का लिखा और बोला हुआ दूसरों के लिए जानलेवा

सोशल मीडिया पर कुछ भी लिख देने वालों और इस दुनिया की बातों को गंभीरता से लेने वालों के लिए यह घटना बहुत बड़ा सबक है। वर्चुअल स्पेस पर बिना सोचे समझे अपमानजनक और आक्रामक टिप्पणी करने का सीधा असर पीड़ित के मन पर पड़ता है। यह आभासी दुनिया लोगों को बेपरवाह और गैर जिम्मेदार बना देती है। किसी भी व्यक्ति को छलनी कर देने वाले शब्द सोशल मीडिया पर लिखकर उस पर लाइक्स और शेयरिंग के नंबर गिनने वाले ऐसे लाखों निर्दयी किरदार रोज न जाने कितने लोगों की जिंदगी में तनाव घोल रहे हैं।

लेकिन हम उन्हें ‘ट्रोलर’ मानकर और नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाते हैं। अंततः इनका दुस्साहस एक मां, एक संवेदनशील महिला और एक परिवार की तबाही का कारण बन जाता है। कोई जान दे देता है, कोई परेशान होकर जान ले लेता है, तो कोई डिप्रेशन में चला जाता है। इसलिए ऐसे तत्वों को पहले कदम पर ही पहचानकर इनसे कानूनी तरीके के निपटना चाहिए। ऐसी स्थिति में पीड़ित साइबर क्राइम सेल को फोन करे।

पुलिस में ऑनलाइन ही शिकायत भेज दें। सोशल मीडिया कंपनियों को भी ऐसे जानलेवा कंटेंट पर आपरधिक भागीदार करार देना चाहिए। हमें अपने परिवार, बच्चों व शुभचिंतकों को भी समझाना होगा कि उन्हें सोशल मीडिया कंटेंट को गंभीरता से लेने की जरूरत ही नहीं है। जो माध्यम भावनाएं नहीं समझता, जहां परिचित भी कई बार क्रूर होकर बुलीइंग करने लग जाते हैं, ऐसे माध्यम में अपरिचितों के कमेंट का मोल ही क्या है? हमें सोशल मीडिया के उपयोग में संयम और इसके असर से सतर्क रहने की जरूरत है।

author avatar
Editor Two
Continue Reading

National

Pune: रईस जादे की रफ्तार ने ली दो लोगो की जान, निबंद लिखने की सुनाई सजा !

Published

on

Pune में कार चलाते समय एक नाबालिग ने दो इंजीनियरों की हत्या कर दी| हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके साथी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने येरवडा पुलिस स्टेशन में कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन कुछ ही घंटों में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई. इसी बीच कोर्ट ने उन्हें घटना पर एक पैराग्राफ लिखने की सजा सुनाई|

नाबालिग का संबंध पुणे के एक नामी बिल्डर से है। हादसे में मारे गए लोगों की पहचान अनीस दुधिया और अश्विनी कोस्टा के रूप में हुई। दोनों राजस्थान के रहने वाले हैं. हादसा रविवार देर रात 2.30 बजे हुआ| हादसे के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की लेकिन भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी और फिर पुलिस को सौंप दिया |

14 घंटे के अंदर मिली जमानत

कार एक्सीडेंट के आरोपी को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 14 घंटे के अंदर जमानत दे दी, क्योंकि आरोपी नाबालिग था, इसलिए उसे पुणे के जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने आरोपी को चार शर्तों पर जमानत दी है| आरोपी को 15 दिन तक ट्रैफिक सिपाहियों के साथ ट्रैफिक पुलिस की मदद भी करनी होगी।आरोपी को मनोचिकित्सक से इलाज कराना होगा। यदि आरोपी को भविष्य में कोई दुर्घटना होती दिखे तो उसे दुर्घटना पीड़ितों की मदद करनी होगी। कोर्ट ने आरोपी को सजा के तौर पर ‘सड़क दुर्घटना का प्रभाव और उसके समाधान’ विषय पर कम से कम 300 शब्दों का निबंध लिखने का आदेश दिया|

आरोपी नाबालिग के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया गया है| पुलिस को संदेह है कि वह गाड़ी चलाते समय शराब पी रहा था। इसलिए उनके खून की जांच की गई| हालांकि, इस टेस्ट की रिपोर्ट आने से पहले ही कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी| मामले में आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 3, 5, 199-ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है|

author avatar
Editor Two
Continue Reading

National

Bihar: 4 साल के बच्चे का शव मिलने से परिजनों ने गुस्से में स्कूल को लगा दी आग

Published

on

Bihar की राजधानी पटना के दीघा इलाके में उस वक्त सन सनी फैल गई जब एक निजी स्कूल में गुरुवार से लापता स्कूली छात्र का शव नाले में मिला | बताया जा रहा है कि छात्र का शव स्कूल के नाले में मिला| मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस भी मोर्चे पर पहुंच गई| लोग गुस्से में हैं और सड़कें जाम कर रहे हैं| बता दें कि बच्चा कल से लापता था और लगातार उसकी तलाश की जा रही थी| छात्र की उम्र चार साल का थी | छात्र का शव मिलने के बाद आक्रोशित भीड़ की शक्ल में असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया|

बतादें की असामाजिक तत्वों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए पटना दानापुर रोड पर आगजनी की| दीघा एशियाना रोड भी जाम हो गया| कई स्कूल बसें रोकी गईं और पैदल यात्रियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुईं| इतना ही नहीं गुस्साई भीड़ ने स्कूल में भी आग लगा दी | पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई है| स्कूल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है |

इस बीच स्कूल बिल्डिंग में लगी आग पर काबू पा लिया गया और 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है| परिजनों की शिकायत पर दीघा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है| इस बीच पुलिस ने सभी लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है|

वहीं सिटी एसपी ने बताया कि रात में छात्र के लापता होने की जानकारी मिली| मौके का सीसीटीवी फुटेज भी मिला जिसमें बच्चा जाता तो दिखा, लेकिन आता नहीं। इसलिए हम इसकी जांच हत्या के तौर पर करेंगे| फिलहाल तीन लोगों को हिरासत लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है |

author avatar
Editor Two
Continue Reading

Trending