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Haryana

JJP के देवेंद्र बबली-ईश्वर सिंह समेत 3 MLA ने दिया इस्तीफा

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हरियाणा में कभी अहम नेता रहे अनूप धानक ने आज अपनी राजनीतिक पार्टी जननायक जनता पार्टी (JJP) छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने पार्टी में अपनी नौकरी और जिम्मेदारियां छोड़ दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखकर सभी को अपने फैसले के बारे में बताया।

JJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला को भेजे पत्र में पूर्व मंत्री ने लिखा, “मैं, अनूप धानक विधायक उकलाना, आपसे अनुरोध करता हूं कि मैं व्यक्तिगत कारणों से जननायक जनता पार्टी के सभी पदों/दायित्वों से इस्तीफा देता हूं। कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।”

अनूप धानक नाम का एक शख्स JJP नामक एक समूह के लिए काम करता था, लेकिन पिछले कुछ समय से वह उनके साथ ज्यादा कुछ नहीं कर रहा था। जब कोई बड़ा चुनाव हुआ, तो उसने मदद नहीं की, क्योंकि उसने कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है। अब लोग कह रहे हैं कि धानक BJP नामक एक अन्य समूह में शामिल होना चाहता है और 2024 के चुनाव में भाग लेना चाहता है। इसलिए, जब चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई, तो उसने सभी को बताया कि वह JJP छोड़ रहा है।

मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार में अनूप धानक को मंत्री के रूप में विशेष पद मिला है। अपने गुट जेजेपी से दुष्यंत के बाद यह पद पाने वाले वे अकेले व्यक्ति थे। अनूप की दोस्ती बीजेपी नामक दूसरे गुट के लोगों से भी होने लगी। जब जेजेपी और बीजेपी की दोस्ती खत्म हुई तो अनूप काफी दुखी हुए। उसके बाद उन्होंने कुछ खास नहीं किया और ज्यादा सक्रिय भी नहीं रहे।

अनूप धानक चौटाला परिवार के अच्छे दोस्त और अहम मददगार थे। जब इनेलो नामक गुट टूट गया तो उन्होंने अजय चौटाला और दुष्यंत चौटाला के साथ मिलकर जेजेपी नामक नए गुट में शामिल होने का फैसला किया। इससे पहले वे इनेलो में ही थे। लोग अक्सर अनूप को दुष्यंत और अजय चौटाला के साथ देखते थे।

अनूप धानक दो बार उकलाना के नेता चुने जा चुके हैं। पहली बार वे इनेलो नामक दल की मदद से जीते थे। दूसरी बार वे जेजेपी नामक अलग दल से जीते थे। लोगों को लगा कि इस बार भी वे जेजेपी के साथ होंगे, लेकिन चुनाव से पहले उन्होंने दल छोड़ने का फैसला कर लिया।

अनूप धानक ने लगातार दो बार बीजेपी पार्टी के खिलाफ जीत दर्ज की। 2019 में उन्होंने भाजपा की आशा खेदड़ को हराया। इससे पहले 2014 में उन्होंने उकलाना सीट से 58,120 वोट पाकर चुनाव जीता था, जो अनुसूचित जाति के लोगों के लिए है। भाजपा की सीमा गैबीपुर को उनसे कम वोट मिले, 40,193 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहीं।

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