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बठिंडा से शुरू हुईं ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ की समाप्ति 29 नवंबर को पटियाला में होगी- भगवंत सिंह मान

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पंजाब के गाँवों और शहरों में खेलों को प्रोत्साहित करने के प्रयास के साथ आज बठिंडा से ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के चौथे सीज़न का आगाज हुआ। इसके उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की खेल प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का विशाल दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। यह चौथा सीज़न 14 से 70 साल से अधिक उम्र के लगभग 10 लाख खिलाड़ियों को 39 खेल प्रतियोगिताओं और चार पैरा-खेल खेलने के लिए खेल मैदान में उतारेगा। ये खेल पीढ़ियों को जोड़ेंगे और प्रदेश भर के गाँवों और शहरों की खेल प्रतिभा को निखारेंगे। ये खेल 29 नवंबर को पटियाला में समाप्त होंगे, जिनमें विजेताओं के लिए 12.50 करोड़ रुपये के नकद इनाम रखे गए हैं, जिसमें पहली बार वेटरन खिलाड़ियों के लिए भी नकद इनाम शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राष्ट्रमंडल खेल-2026 की रजत पदक विजेता हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह को 50-50 लाख रुपये से सम्मानित किया। इससे प्रदेश सरकार की मजबूत खेल ढाँचा निर्माण और पंजाब के नौजवानों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया गया।

‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के चौथे सीज़न की शुरुआत शहीद भगत सिंह स्टेडियम, बठिंडा में बड़े उत्साह और धूमधाम से हुई, जिसमें पंजाब की समृद्ध खेल और सांस्कृतिक भावना का जश्न मनाया गया। उद्घाटन समारोह में भांगड़ा और गिद्धा सहित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल थीं, जिन्होंने प्रदेश की समृद्ध पृष्ठभूमि और खेलों से इसकी गहरी साँझ का प्रदर्शन किया। प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरदास मान और कुलविंदर बिल्ला ने भी समारोह में अपनी गायकी से रंग बिखेरा, जिससे इस महान खेल कुंभ की शान और खुशी का माहौल और यादगार बन गया।

इस जश्न का एक यादगार पल उस समय भी देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और गायक गुरदास मान ने संयुक्त रूप से आसमान में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर चौथे सीज़न की औपचारिक शुरुआत की। इस समारोह ने पंजाब के खेल जज़्बे, सांस्कृतिक विरासत और नौजवानों की असीम ऊर्जा को रंगारंग जश्न में पिरो दिया।

इस समारोह की कुछ झलकियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा: “आज ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के चौथे सीज़न का बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में शानदार आगाज किया गया। इस साल 39 खेलों में लगभग 10 लाख खिलाड़ियों को खेल मैदानों में लाने का लक्ष्य है। विजेताओं के लिए 12.50 करोड़ की इनामी राशि रखी गई है, और पहली बार वेटरन खिलाड़ियों को भी नकद इनाम मिलेंगे। आज इसी मंच से राष्ट्रमंडल खेल-2026 की पदक विजेता हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह को 50-50 लाख रुपये की इनामी राशि से सम्मानित किया गया। पंजाब के नौजवानों को नशों से दूर करके खेलों से जोड़ने और प्रदेश को खेलों में फिर से नंबर एक बनाने की हमारी मुहिम निरंतर जारी है। इनकलाब जिंदाबाद।”

शहीद भगत सिंह स्टेडियम में खेलों की औपचारिक शुरुआत की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम अपनी बहादुरी, उद्यम और खेल भावना के लिए जाने जाते हैं, जिसके कारण हमने हमेशा हर क्षेत्र में सफलता हासिल की हैं। इन खेलों का उद्देश्य इस भावना को सही दिशा देना और हमारे नौजवानों को खेलों में नाम रोशन करने के लिए मंच प्रदान करना है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीज़न आज बठिंडा से शुरू हुआ है, जबकि 12 अगस्त को संगरूर से शुरू हुई खेल मशाल भी बठिंडा पहुँच गई है। उन्होंने आगे कहा, “इस साल प्रदेश भर के लगभग 10 लाख खिलाड़ियों को शामिल करने का लक्ष्य है ताकि नौजवानों की असीम ऊर्जा को खेलों और अन्य सकारात्मक गतिविधियों की ओर लगाया जा सके। खेलों में 14 साल से लेकर 70 साल से अधिक उम्र के 9 आयु वर्गों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।”

उन्होंने बताया कि इस साल कुल 39 खेलों की प्रतियोगिताएँ करवाई जाएँगी और एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल सहित चार पैरा-खेल शामिल हैं। “पहली बार लड़कों और लड़कियों के लिए टेनिस-बॉल क्रिकेट को प्रदर्शनी खेल के रूप में शामिल किया गया है। खेल 29 नवंबर को पटियाला में समाप्त होंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘खेडां वतन पंजाब दियां’ पंजाब के गाँवों और शहरों के कोने-कोने से छिपी खेल प्रतिभा की पहचान करने, उसे उभारने और निखारने का सबसे अच्छा मंच है।” उन्होंने साथ ही कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों की एक खास बात यह है कि यह विभिन्न पीढ़ियों को जोड़ती है। उन्होंने बताया कि पिछले सीज़नों में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियाँ – दादा, बेटा और पोता – ने एक साथ हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, “‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान में खेल हमारा सबसे मजबूत और प्रभावी हथियार हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ अब एक जन आंदोलन बन चुकी है, जिसका उद्देश्य नौजवानों को तंदुरुस्त, अनुशासित, आत्मविश्वासी और मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा, “इस कदम का एकमात्र उद्देश्य पंजाब के नौजवानों को खेलों से जोड़ना और पंजाब को खेलों में आगे लाना है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार खेलों को प्रोत्साहित करने और नौजवानों को इन अवसरों का लाभ सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि विजेता खिलाड़ियों को कुल 12.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली बार वेटरन खिलाड़ियों को भी नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 रुपये, रजत पदक विजेताओं को 7,000 रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 5,000 रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। 40 वर्ष तक की आयु वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे सरकारी नौकरियों में खेल कोटे का लाभ उठा सकेंगे।

पिछले सीजनों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पहले तीन सीजनों के दौरान अब तक 25.51 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है। वर्ष 2022 में आयोजित पहले सीजन में लगभग 3.50 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इनमें से 9,688 खिलाड़ियों ने पदक जीते और उन्हें 6.88 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वर्ष 2023 में आयोजित दूसरे सीजन में लगभग 4 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 12,500 खिलाड़ियों ने पदक जीते और 8.87 करोड़ रुपये वितरित किए गए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में आयोजित तीसरे सीजन में लगभग 4.35 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस दौरान 14,500 खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए और 9.76 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। हालांकि, वर्ष 2025 में बाढ़ की स्थिति के कारण ये खेल आयोजित नहीं किए जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पंजाब एक बार फिर इन खेलों का आयोजन पहले से कहीं अधिक बड़े स्तर पर कर रहा है।

खेल विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार केवल खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 40,415 खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारी के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये, जबकि एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। अब तक खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए 15 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले पंजाब के 20 खिलाड़ियों को 9.80 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई थी।

उन्होंने कहा कि कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम में शामिल पंजाब के आठ खिलाड़ियों में से प्रत्येक को एक-एक करोड़ रुपये दिए गए। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने वाले 11 खिलाड़ियों को पीसीएस/डीएसपी के पदों पर नियुक्त किया गया।

उन्होंने बताया कि एशियाई खेल-2023 में पंजाब के खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते थे और 33 पदक विजेता खिलाड़ियों के बीच 30 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। इसी प्रकार, 85 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले दो खिलाड़ियों को कोच और 42 खिलाड़ियों को जूनियर कोच नियुक्त किया गया।

खेल ढांचे को मजबूत करने के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यभर में 3,148 ‘ग्रामीण खेल मैदान’ विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 750 का उद्घाटन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6,000 जिम स्थापित किए जा रहे हैं और पहले चरण में 500 जिम लोगों को समर्पित किए जा चुके हैं। खिलाड़ियों को खेल सामग्री खरीदने के लिए 9,501 खिलाड़ियों के बैंक खातों में 12.50 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कई दशकों से पंजाब ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर भारतीय खेल जगत में असाधारण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और भारतीय बास्केटबॉल टीम के कप्तान पालप्रीत सिंह बराड़ पंजाब से हैं।

उन्होंने आगे बताया कि हॉकी विश्व कप के लिए भारतीय टीम में कप्तान सहित पंजाब के आठ खिलाड़ी शामिल थे, जबकि 27 पंजाबी खिलाड़ी एशियाई खेल-2026 में हिस्सा लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार पंजाब एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा। इसके मुकाबले अक्टूबर-नवंबर के दौरान जालंधर और मोहाली में आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के लोगों को अपने हॉकी सितारों को अपनी घरेलू धरती पर खेलते हुए देखने का अवसर मिलेगा।

पंजाब की खेल क्षमता पर विश्वास जताते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि अगले दस वर्षों में, वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में पंजाब के खिलाड़ी भारत के लिए 10 से अधिक पदक जीतेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक खेल ढांचा तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने पंजाबभर के अभिभावकों से अपने बच्चों को खेलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि प्रत्येक बच्चा पदक जीते, लेकिन खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, अनुशासित, आत्मविश्वासी और टीम भावना से परिपूर्ण बनाने के साथ-साथ जीवन में आगे बढ़ने का साहस अवश्य प्रदान करते हैं।

इससे पहले प्रमुख खिलाड़ियों गुरप्रीत सिंह (एथलेटिक्स), रुपिंदर पाल सिंह (हॉकी), लवप्रीत सिंह (भारोत्तोलन), हरजिंदर कौर (भारोत्तोलन), अवतार सिंह (जूडो), सिमरनजीत सिंह (हॉकी), अवनीत कौर (शूटिंग) और गुरजंट सिंह (हॉकी) ने मशाल मार्च समारोह में हिस्सा लिया। विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता परनीत कौर (तीरंदाजी) ने खिलाड़ियों को शपथ दिलाई, जबकि एशियाई खेलों के पदक विजेता चरणजीत सिंह ने फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, तरुनप्रीत सिंह सौंद और हरदीप सिंह मुंडियां, लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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