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शराब घोटाला : Supreme Court ने सीबीआई और ईडी को लगाई लताड़, कहा- सिसोदिया को लंबे समय तक जेल में नहीं रख सकते

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AAP Minister Manish Sisodia

Supreme Court ने सोमवार को सीबीआई और ईडी, दोनों जांच एजेंसियों को दिल्ली शराब घोटाला मामले में जमकर लताड़ लगाई है। कोर्ट ने जांच एजेंसियों से कहा कि वे दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामलों में पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया को “अनिश्चित अवधि” के लिए जेल में नहीं रख सकते। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ ने दोनों जांच एजेंसियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से पूछा कि निचली अदालत में सिसोदिया के खिलाफ आरोपों पर बहस कब शुरू होगी। पीठ ने राजू से कहा, “आप उन्हें अनिश्चित काल तक सलाखों के पीछे नहीं रख सकते। एक बार किसी मामले में आरोप पत्र दायर हो जाने के बाद, आरोप पर बहस तुरंत शुरू होनी चाहिए।”

सीवी राजू ने पीठ को बताया कि मनीष सिसौदिया के खिलाफ मामले सीआरपीसी की धारा 207 (आरोपी को दस्तावेजों की आपूर्ति) के चरण में हैं और उसके बाद आरोप पर बहस शुरू होगी। इसपर न्यायमूर्ति खन्ना ने राजू से कहा, “आरोप पर बहस अभी तक क्यों शुरू नहीं हुई है और वे कब शुरू होंगी? ये आप हमें कल यानी मंगलवार तक बताएं।”

सोमवार को घंटे भर चली सुनवाई
सोमवार को शीर्ष अदालत सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सोमवार को घंटे भर चली सुनवाई के दौरान, सीवी राजू ने कहा कि अगर उप मुख्यमंत्री स्तर का कोई व्यक्ति और उत्पाद शुल्क विभाग सहित 18 विभाग संभाल रहा है और वह रिश्वत लेता है तो इसे लेकर एक उचित उदाहरण स्थापित करने की जरूरत है।

राजू ने अपने तर्कों के बारे में बताया कि क्यों सिसोदिया को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि “बस इस व्यक्ति की भूमिका पर एक नजर डालें। उन्होंने शराब नीति में बदलाव के कारण उपभोक्ताओं को उनके पैसे से वंचित कर दिया गया है। उनकी इस मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश को दिखाने के लिए व्हाट्सएप चैट और अन्य सबूत भी मौजूद हैं।”

राजू ने दावा किया कि मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध को छुपाने के लिए उन्होंने अपने मोबाइल फोन को नष्ट करके सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी जिसके आरोप को पुष्ट करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है, जो जमानत से इनकार करने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा, “हाथ मरोड़ने का एक उदाहरण भी था जहां एक थोक व्यापारी को अपना लाइसेंस छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था, जबकि एक फर्म को मानदंडों पर खरा नहीं उतरने के बावजूद लाइसेंस दिया गया था।”

मंगलवार को भी होगी मामले की सुनवाई

राजू ने आरोपी से सरकारी गवाह बने दिल्ली के व्यवसायी दिनेश अरोड़ा के बयान का हवाला दिया और दावा किया कि उन्होंने जांच एजेंसियों को सिसोदिया द्वारा ली गई रिश्वत के बारे में बताया था। एएसजी ने कहा, ”उन्होंने (अरोड़ा) अपने बयान में कहा है कि उन्होंने सिसोदिया की भूमिका के बारे में पहले क्यों नहीं बताया, इसपर उन्होंने कहा कि उन्हें डर था कि उन्हें नुकसान पहुंचाया जाएगा।” पीठ ने पूछा कि क्या भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत सिसोदिया के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पूर्व अनुमति ली गई है, जिस पर राजू ने हां में जवाब दिया। राजू ने आरोप लगाया कि नई उत्पाद शुल्क नीति ने गुटबंदी को बढ़ावा दिया है और इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि उपभोक्ताओं को अधिक भुगतान करना पड़ेगा। सोमवार की सुनवाई बेनतीजा रही और मंगलवार को भी जारी रहेगी।

26 फरवरी को मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
बता दें कि 5 अक्टूबर को, शीर्ष अदालत ने दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति ‘घोटाले’ के बारे में सीबीआई और ईडी से सवालों की झड़ी लगा दी थी और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी से पूछा था कि सिसोदिया के खिलाफ मामला कैसे बनाया गया। शीर्ष अदालत ने कहा था कि केवल इसलिए कि कुछ लॉबी या दबाव समूहों ने एक निश्चित नीति परिवर्तन की मांग की थी, इसका मतलब यह नहीं है कि भ्रष्टाचार या अपराध हुआ था जब तक कि रिश्वतखोरी का कोई तत्व शामिल न हो। सिसदिया को 26 फरवरी को ‘घोटाले’ में उनकी कथित भूमिका के लिए सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। तब से वह हिरासत में हैं।

ईडी ने तिहाड़ जेल में उनसे पूछताछ के बाद 9 मार्च को सीबीआई की एफआईआर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सिसोदिया ने 28 फरवरी को दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। उच्च न्यायालय ने 30 मई को सीबीआई मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि उपमुख्यमंत्री और उत्पाद शुल्क मंत्री होने के नाते, वह एक “हाई-प्रोफाइल” व्यक्ति हैं जो गवाहों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।

3 जुलाई को, उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार की उत्पाद शुल्क नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था, यह मानते हुए कि उनके खिलाफ आरोप “बहुत गंभीर प्रकृति” के हैं। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नीति लागू की लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया।

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Bihar: 4 साल के बच्चे का शव मिलने से परिजनों ने गुस्से में स्कूल को लगा दी आग

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Bihar की राजधानी पटना के दीघा इलाके में उस वक्त सन सनी फैल गई जब एक निजी स्कूल में गुरुवार से लापता स्कूली छात्र का शव नाले में मिला | बताया जा रहा है कि छात्र का शव स्कूल के नाले में मिला| मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस भी मोर्चे पर पहुंच गई| लोग गुस्से में हैं और सड़कें जाम कर रहे हैं| बता दें कि बच्चा कल से लापता था और लगातार उसकी तलाश की जा रही थी| छात्र की उम्र चार साल का थी | छात्र का शव मिलने के बाद आक्रोशित भीड़ की शक्ल में असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया|

बतादें की असामाजिक तत्वों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए पटना दानापुर रोड पर आगजनी की| दीघा एशियाना रोड भी जाम हो गया| कई स्कूल बसें रोकी गईं और पैदल यात्रियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुईं| इतना ही नहीं गुस्साई भीड़ ने स्कूल में भी आग लगा दी | पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई है| स्कूल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है |

इस बीच स्कूल बिल्डिंग में लगी आग पर काबू पा लिया गया और 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है| परिजनों की शिकायत पर दीघा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है| इस बीच पुलिस ने सभी लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है|

वहीं सिटी एसपी ने बताया कि रात में छात्र के लापता होने की जानकारी मिली| मौके का सीसीटीवी फुटेज भी मिला जिसमें बच्चा जाता तो दिखा, लेकिन आता नहीं। इसलिए हम इसकी जांच हत्या के तौर पर करेंगे| फिलहाल तीन लोगों को हिरासत लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है |

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Rajasthan में किराये के लिए किराएदार ने बुजर्ग महिला को उतारा मौत के घाट

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Rajasthan के जयपुर में सोमवार को किराए को लेकर माकन मालकिन और किरायेदार के बीच विवाद हो गया था | जिसके बाद एक किरायेदार ने 55 वर्षीय बुजर्ग महिला और उसके नाबालिग पोते की हत्या कर दी। दरसअल, पोते ने किराएदार को अपनी दादी की हत्या करते हुए देख लिया, जिसके बाद आरोपी ने उसकी भी हत्या कर दी| पुलिस ने बताया कि जयपुर के सांगानेर इलाके में बहस के बाद आरोपी मनोज बैरवा ने प्रेम देवी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया|

रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने वहां खड़े महिला के सात वर्षीय पोते गौरव की भी हत्या कर दी| इतना ही नहीं दोनों को मारने के बाद मनोज बैरवा ने दोनों शवों को घर की पानी से भरी टंकी में फेंक दिया| जानकरी के मुताबिक, शव को पानी की टंकी में फेंकने के बाद आरोपी भागने लगा लेकिन तभी पड़ोसियों को इसकी भनक लग गई और उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसका पीछा किया और हत्यारे किरायेदार को पकड़ लिया|

इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो सांगानेर पुलिस ने आरोपी मनोज को हिरासत में ले लिया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया| पुलिस पूछताछ में आरोपी मनोज बैरवा ने बताया कि उसका मकान मालकिन से कई बार झगड़ा होता था और घटना से पहले भी झगड़ा हुआ था| इस दौरान वह होश में नहीं था क्युकी उसने नशा कर रखा था और गुस्से में आकर बुजर्ग महिला की हत्या कर दी|

रिपोर्ट के मुताबिक उस बुजर्ग महिला के पोते गौरव ने किराएदार मनोज को हत्या करते हुए देख लिया और जब वह चिल्लाने लगा तो किराएदार ने उस पर भी चाकू से वार कर हत्या कर दिया | फिर उन दोनों के शवों को छिपाने के लिए पानी की टंकी में फेंक दिया | फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया|

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Rajasthan: मै आगे की पढ़ाई नहीं करना चाहता, मां में घर छोड़ कर जा रहा हूं, NEET की तैयारी कर रहे छात्र ने परिवार को लिखा पत्र

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Rajasthan के कोटा में एक अजीब मामला सामने आया है | जहां एक 19 वर्षीय छात्र ने अपने परिवार को एक पत्र लिखा। पत्र में छात्र ने लिखा कि मैं घर छोड़ रहा हूं, मैं आगे पढ़ाई नहीं करना चाहता। मेरे पास कम से कम 8 हजार रुपये हैं और मैं पांच साल के लिए घर छोड़ रहा हूं| छात्र ने आगे लिखा कि मैं अपना फोन बेचकर सिम तोड़ रहा हूं और मां से कहूंगा कि वह टेंशन न लें। मैं कोई गलत कदम नहीं उठाऊंगा| मेरे पास सभी के नंबर हैं, जरूरत पड़ने पर मैं खुद फोन कर लूंगा।’

कोटा में 3 साल रहकर निजी कोचिंग से पढ़ाई कर रहा था| 5 मई को उसने नीट का एग्जाम दिया| उसके बाद घर वालों से भी बात हुई | पिता को राजेंद्र ने कहा कि 160 क्वेश्चन वह करके आया है और पेपर अच्छा गया है| 6 मई को राजेंद्र ने अपने बड़े भाई के फोन पर एक मैसेज भेजा |

उसमें उसने लिखा कि – “मैं घर छोड़कर जा रहा हूं, मुझे आगे की पढ़ाई अब नहीं करनी 5 साल बाद घर लौट आऊंगा, मम्मी को कहना वह कोई टेंशन ना ले, मैं कोई भी मैं कोई भी गलत कदम नहीं उठाऊंगा और साल में एक बार फोन जरूर करूंगा”|

यह पत्र बामनवास, गंगारामपुर निवासी राजिंदर मीना ने अपने माता-पिता को लिखा है। मीना कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही थी। वहीं, बेटे की चिट्ठी पढ़कर परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक राजिंदर के पिता जगदीश मीना ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है| परिजनों को उसके लापता होने की जानकारी तब हुई जब उनके मोबाइल पर छात्र का मैसेज आया। राजेंद्र के पिता किसान है और वह खेती करते हैं| 6 मई से ही अपने बेटे को पुलिस के साथ मिलकर ढूंढ रहे हैं|

राजेंद्र के पिता के मुताबिक, उनका बेटा छह मई को लापता हो गया था| वह दोपहर 1.30 बजे कोटा में अपने पेइंग गेस्ट आवास से निकले थे। उसका संदेश मिलने के बाद, उसके परिवार के सदस्यों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने से पहले उसकी तलाश शुरू कर दी। फिलहाल राजिंदर का कोई पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है|

हर साल देशभर से लाखों छात्र NEET मेडिकल परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा आते हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से कोटा से भी ऐसी खबरें आ रही हैं, जहां छात्र पढ़ाई का दबाव नहीं झेल पाते और आत्महत्या कर लेते हैं।

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