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हमारी सरकार बनी तो पूरे Chattisgarh को नक्सल समस्या से मुक्त कर देंगे : Amit Shah

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Amit shah BJP

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shahने Chattisgarh में कांग्रेस के नेतृत्व वाली भूपेश बघेल सरकार पर नक्सलवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को बस्तर की जनता से वादा किया कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य को नक्सल समस्या से मुक्त कर दिया जाएगा। शाह ने राज्य सरकार पर वादा खिलाफी करने और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने का भी आरोप लगाया। गृह मंत्री ने आज शहर के लालबाग परेड मैदान में नामांकन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह भाजपा के प्रत्याशियों को जिताने के लिए राज्य में हैं।

पूरे छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से मुक्त कर देंगे
उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा, ”देश में हर बार एक दिवाली मनाई जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ में तीन दिवाली मनाना है। पहली दिवाली त्योहार की दिवाली, दूसरी दिवाली तीन दिसंबर को कमल की सरकार बनने पर और तीसरी दिवाली, जब अयोध्या स्थित राम जन्म भूमि में जनवरी में प्रभु श्रीराम के मंदिर का शुभारंभ होगा… तब भी श्रीराम के ननिहाल में दिवाली बनेगी।” केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ”बस्तर क्षेत्र एक जमाने में धुर नक्सली क्षेत्र माना जाता था। आज भी छत्तीसगढ़ में कुछ समस्याएं हैं। मैं आपको कहने आया हूं कि एक बार फिर से कमल फूल (भाजपा) की सरकार बना दो, पूरे छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से मुक्त कर देंगे।”

शाह ने कहा, ”मोदी सरकार के नौ वर्षों में (नक्सली) हिंसा की घटनाओं में 52 प्रतिशत, मौतों (माओवादी हिंसा में) में 70 प्रतिशत, नागरिकों की मौत में 68 प्रतिशत और नक्सल प्रभावित जिलों में 62 प्रतिशत की गिरावट आई है।” भाजपा नेता ने कहा कि यदि यदि नक्सली हिंसा होती है और पुलिस के जवान की मृत्यु होती है तब आदिवासी की मृत्यु होती है और यदि नक्सली मरता है तब आदिवासी की मृत्यु होती है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक की मृत्यु होती है तब भी आदिवासी की मृत्यु होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के 15 वर्ष के शासन के दौरान रमन सिंह सरकार ने राज्य का विकास किया और पिछले नौ वर्ष के शासनकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार देश को विकास के रास्ते पर आगे ले जा रही है।

भूपेश बाबू आपने क्या किया?
शाह ने मुख्यमंत्री बघेल पर निशाना साधा और पूछा कि भूपेश बाबू आपने क्या किया? उन्होंने कहा, ”भूपेश बघेल की सरकार ने राज्य में शराब की दुकान खोली और दो हजार करोड़ रुपए का घोटाला किया। कोयले के परिवहन में 540 करोड़ रुपए का घोटाला किया। गरीबों के अनाज में पांच हजार करोड़ रुपए का घोटाला किया और गौठान योजना में 1300 करोड़ रुपए का घोटाला किया।” उन्होंने कहा, ”बहुत घोटाले सुने हैं लेकिन गाय के गोबर में 1300 करोड़ का घोटाला करें, ऐसा आदमी मैं नहीं सुना।” शाह ने राज्य सरकार पर महादेव एप जुआ में पांच हजार करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य शासन की गलत नीति के कारण युवाओं को निर्वस्त्र होकर रैली निकालनी पड़ी।

घोटाले करने वालों को बीजेपी सरकार सीधा करेगी
केंद्रीय गृह मंत्री ने जनता से कहा, ”आज मैं आपसे कहने आया हूं कि आप एक बार फिर से राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाओ। जो आदिवासी का पैसा हजारों करोड़ रुपये के घोटाले में खा गए हैं उनको सीधा करने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार करेगी।” शाह ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा आदिवासियों के हित में किए गए कार्यों का जिक्र किया तथा बघेल सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने वादा पूरा नहीं किया और गरीब आदिवासियों का पैसा कांग्रेस के नेताओं को पहुंचाने का काम किया है। शाह ने राज्य सरकार पर झूठ बोलने का भी आरोप लगाया और कहा, ”राज्य सरकार कह रही है कि नगरनार स्टील प्लांट (एनएमडीसी) का निजीकरण होगा।”

‘आपके सामने दो विकल्प हैं’
उन्होंने कहा, ”मैं आज कह कर जा रहा हूं कि कोई निजीकरण नहीं होना है। इस पर अधिकार मेरे आदिवासी भाइयों बहनों का है। मोदी जी ने जगदलपुर की सभा (संयंत्र के उद्घाटन मौके पर) में यह बात कह कर बहुत अच्छे ढंग से इसको स्पष्ट कर दिया है।” केंद्रीय मंत्री ने जनता से कहा, ”आपके सामने दो विकल्प हैं। एक ओर नक्सलवाद को बढ़ावा देने वाली कांग्रेस सरकार और दूसरी ओर नक्सलवाद को समाप्त करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। एक ओर करोड़ों गरीबों को गैस, शौचालय, पानी, स्वास्थ्य, अनाज और घर देने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। दूसरी ओर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करने वाली कांग्रेस पार्टी है।”

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Chennai: गोदी से गिरी थी बेटी, लोगो ने किया मां को खूब ट्रोल, अब ली अपनी जान

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सोशल मीडिया पर ‘कुछ भी लिख देने की आजादी’ का कड़वा सच सामने आया है। तमिलनाडु की राजधानी Chennai में एक महिला आईटी प्रोफेशनल ने सिर्फ इसलिए जान दे दी क्योंकि लोग उसे सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे थे। रम्या (33) पिछले महीने 28 अप्रैल को सात माह की बेटी को अपार्टमेंट की चौथी मंजिल की गैलरी पर स्तनपान करा रही थी। तभी बच्ची फिसलकर पहली मंजिल के छज्जे पर गिर गई। 15 मिनट मशक्कत के बाद लोगों ने उसे बचा लिया था।

इस घटना का एक वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग बिना सही घटना जाने मां को जिम्मेदार ठहराते हुए ट्रोल करने लगे थे। यही रम्या के लिए जानलेवा बना। ट्रोलिंग से परेशान होकर दो हफ्ते पहले रम्या पति और दोनों बच्चों (5 साल के बेटे, 7 महीने की बेटी) के साथ मायके कोयंबटूर आई थी। रविवार को रम्या के माता-पिता, पति शादी में गए थे। वे घर लौटे तो रम्या को मृत पाया।

 डिप्रेशन में आ गई थी, बचने के लिए मायके गई, वहां भी पीछा नहीं छोड़ा

घटना के बाद से रम्या डिप्रेशन और तनाव से जूझ रही थी। उनका इलाज चल रहा था। स्थानीय चैनल भी लगातार बच्ची को बचाने वाले लोगों को हीरो और मां को लापरवाह बताने में तुले थे। इनसे बचने के लिए आईटी प्रोफेशनल पति अपनी पत्नी को लेकर कोयंबटूर स्थित उनके मायके चले गए थे। लेकिन वहां भी ट्रोलिंग चलती रही और रम्या ने सुसाइड कर लिया।

लोगो का लिखा और बोला हुआ दूसरों के लिए जानलेवा

सोशल मीडिया पर कुछ भी लिख देने वालों और इस दुनिया की बातों को गंभीरता से लेने वालों के लिए यह घटना बहुत बड़ा सबक है। वर्चुअल स्पेस पर बिना सोचे समझे अपमानजनक और आक्रामक टिप्पणी करने का सीधा असर पीड़ित के मन पर पड़ता है। यह आभासी दुनिया लोगों को बेपरवाह और गैर जिम्मेदार बना देती है। किसी भी व्यक्ति को छलनी कर देने वाले शब्द सोशल मीडिया पर लिखकर उस पर लाइक्स और शेयरिंग के नंबर गिनने वाले ऐसे लाखों निर्दयी किरदार रोज न जाने कितने लोगों की जिंदगी में तनाव घोल रहे हैं।

लेकिन हम उन्हें ‘ट्रोलर’ मानकर और नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाते हैं। अंततः इनका दुस्साहस एक मां, एक संवेदनशील महिला और एक परिवार की तबाही का कारण बन जाता है। कोई जान दे देता है, कोई परेशान होकर जान ले लेता है, तो कोई डिप्रेशन में चला जाता है। इसलिए ऐसे तत्वों को पहले कदम पर ही पहचानकर इनसे कानूनी तरीके के निपटना चाहिए। ऐसी स्थिति में पीड़ित साइबर क्राइम सेल को फोन करे।

पुलिस में ऑनलाइन ही शिकायत भेज दें। सोशल मीडिया कंपनियों को भी ऐसे जानलेवा कंटेंट पर आपरधिक भागीदार करार देना चाहिए। हमें अपने परिवार, बच्चों व शुभचिंतकों को भी समझाना होगा कि उन्हें सोशल मीडिया कंटेंट को गंभीरता से लेने की जरूरत ही नहीं है। जो माध्यम भावनाएं नहीं समझता, जहां परिचित भी कई बार क्रूर होकर बुलीइंग करने लग जाते हैं, ऐसे माध्यम में अपरिचितों के कमेंट का मोल ही क्या है? हमें सोशल मीडिया के उपयोग में संयम और इसके असर से सतर्क रहने की जरूरत है।

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Pune: रईस जादे की रफ्तार ने ली दो लोगो की जान, निबंद लिखने की सुनाई सजा !

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Pune में कार चलाते समय एक नाबालिग ने दो इंजीनियरों की हत्या कर दी| हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके साथी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने येरवडा पुलिस स्टेशन में कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन कुछ ही घंटों में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई. इसी बीच कोर्ट ने उन्हें घटना पर एक पैराग्राफ लिखने की सजा सुनाई|

नाबालिग का संबंध पुणे के एक नामी बिल्डर से है। हादसे में मारे गए लोगों की पहचान अनीस दुधिया और अश्विनी कोस्टा के रूप में हुई। दोनों राजस्थान के रहने वाले हैं. हादसा रविवार देर रात 2.30 बजे हुआ| हादसे के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की लेकिन भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी और फिर पुलिस को सौंप दिया |

14 घंटे के अंदर मिली जमानत

कार एक्सीडेंट के आरोपी को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 14 घंटे के अंदर जमानत दे दी, क्योंकि आरोपी नाबालिग था, इसलिए उसे पुणे के जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने आरोपी को चार शर्तों पर जमानत दी है| आरोपी को 15 दिन तक ट्रैफिक सिपाहियों के साथ ट्रैफिक पुलिस की मदद भी करनी होगी।आरोपी को मनोचिकित्सक से इलाज कराना होगा। यदि आरोपी को भविष्य में कोई दुर्घटना होती दिखे तो उसे दुर्घटना पीड़ितों की मदद करनी होगी। कोर्ट ने आरोपी को सजा के तौर पर ‘सड़क दुर्घटना का प्रभाव और उसके समाधान’ विषय पर कम से कम 300 शब्दों का निबंध लिखने का आदेश दिया|

आरोपी नाबालिग के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया गया है| पुलिस को संदेह है कि वह गाड़ी चलाते समय शराब पी रहा था। इसलिए उनके खून की जांच की गई| हालांकि, इस टेस्ट की रिपोर्ट आने से पहले ही कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी| मामले में आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 3, 5, 199-ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है|

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Bihar: 4 साल के बच्चे का शव मिलने से परिजनों ने गुस्से में स्कूल को लगा दी आग

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Bihar की राजधानी पटना के दीघा इलाके में उस वक्त सन सनी फैल गई जब एक निजी स्कूल में गुरुवार से लापता स्कूली छात्र का शव नाले में मिला | बताया जा रहा है कि छात्र का शव स्कूल के नाले में मिला| मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस भी मोर्चे पर पहुंच गई| लोग गुस्से में हैं और सड़कें जाम कर रहे हैं| बता दें कि बच्चा कल से लापता था और लगातार उसकी तलाश की जा रही थी| छात्र की उम्र चार साल का थी | छात्र का शव मिलने के बाद आक्रोशित भीड़ की शक्ल में असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया|

बतादें की असामाजिक तत्वों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए पटना दानापुर रोड पर आगजनी की| दीघा एशियाना रोड भी जाम हो गया| कई स्कूल बसें रोकी गईं और पैदल यात्रियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुईं| इतना ही नहीं गुस्साई भीड़ ने स्कूल में भी आग लगा दी | पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई है| स्कूल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है |

इस बीच स्कूल बिल्डिंग में लगी आग पर काबू पा लिया गया और 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है| परिजनों की शिकायत पर दीघा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है| इस बीच पुलिस ने सभी लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है|

वहीं सिटी एसपी ने बताया कि रात में छात्र के लापता होने की जानकारी मिली| मौके का सीसीटीवी फुटेज भी मिला जिसमें बच्चा जाता तो दिखा, लेकिन आता नहीं। इसलिए हम इसकी जांच हत्या के तौर पर करेंगे| फिलहाल तीन लोगों को हिरासत लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है |

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