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सेक्सुअल फेवर, छेड़छाड़ और गलत तरीके से छुआ…2 FIR, 7 शिकायतों में Brij Bhushan पर लगे ये आरोप

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allegations against Brij Bhushan

यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष और कैसरगंज के भाजपा सांसद Brij Bhushan शरण सिंह के खिलाफ दर्ज की गई दो एफआईआर में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बृजभूषण शरण सिंह पर प्रोफेशनल मदद के बदले सेक्सुअल फेवर मांगने के दो मामले, 15 यौन उत्पीड़न के मामले शामिल हैं। 15 यौन उत्पीड़न के मामलों में 10 गलत तरीके से छूने की शिकायत शामिल है। एफआईआर में महिला पहलवानों ने शिकायत में बताया कि बृजभूषण शरण सिंह कथित तौर पर बिना उनकी मर्जी के स्तन और पेट पर हाथ फेरते थे, साथ ही डराने-धमकाने की भी बात का जिक्र भी दोनों एफआईआर में है।

भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों एफआईआर में आईपीसी की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 34 (सामान्य इरादे) का हवाला दिया गया है, जिसमें एक से तीन साल की जेल की सजा है। पहली प्राथमिकी में छह वयस्क पहलवानों के आरोप शामिल हैं और इसमें WFI सचिव विनोद तोमर का भी नाम है, दूसरी प्राथमिकी एक नाबालिग के पिता की शिकायत पर आधारित है।

एफआईआर में जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया है वे कथित तौर पर 2012 से 2022 तक भारत और विदेशों में हुई हैं। प्राथमिकी के अनुसार, नाबालिग ने आरोप लगाया कि बृजभूषण ने उसे कसकर पकड़कर, तस्वीर लेने का नाटक करते हुए अपनी ओर खींचा, उसके कंधे पर जोर से दबाया और फिर जानबूझकर उसके स्तनों पर हाथ फेरा। एफआईआर में बताया गया कि उसने स्पष्ट रूप से आरोपी (सिंह) से कहा कि वह पहले ही उसे बता चुकी है कि उसे किसी भी प्रकार के शारीरिक संबंध बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है और उसे उसका पीछा करना बंद कर देना चाहिए…”  एक महिला पहलवान ने बताया कि आरोपी (सिंह) हमेशा अनुचित बात / इशारों में लिप्त होने की तलाश में था। लड़कियां, दोपहर या रात का खाना खाने अकेले नहीं जाना चाहती थीं, सामूहिक रूप से जाना शुरू कर दिया, जिसमें मैं भी शामिल थीं। वहीं इससे पहले गुरुवार को   ब्रजभूषण ने कहा था कि पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार है जो रिपोर्ट में आएगा और न्यायालय मुझे जो रास्ता दिखाएगा उसी रास्ते में चलूंगा। मुझसे कोई सवाल न कीजिए जांच रिपोर्ट का इंतजार कीजिए।

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Chennai: गोदी से गिरी थी बेटी, लोगो ने किया मां को खूब ट्रोल, अब ली अपनी जान

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सोशल मीडिया पर ‘कुछ भी लिख देने की आजादी’ का कड़वा सच सामने आया है। तमिलनाडु की राजधानी Chennai में एक महिला आईटी प्रोफेशनल ने सिर्फ इसलिए जान दे दी क्योंकि लोग उसे सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे थे। रम्या (33) पिछले महीने 28 अप्रैल को सात माह की बेटी को अपार्टमेंट की चौथी मंजिल की गैलरी पर स्तनपान करा रही थी। तभी बच्ची फिसलकर पहली मंजिल के छज्जे पर गिर गई। 15 मिनट मशक्कत के बाद लोगों ने उसे बचा लिया था।

इस घटना का एक वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग बिना सही घटना जाने मां को जिम्मेदार ठहराते हुए ट्रोल करने लगे थे। यही रम्या के लिए जानलेवा बना। ट्रोलिंग से परेशान होकर दो हफ्ते पहले रम्या पति और दोनों बच्चों (5 साल के बेटे, 7 महीने की बेटी) के साथ मायके कोयंबटूर आई थी। रविवार को रम्या के माता-पिता, पति शादी में गए थे। वे घर लौटे तो रम्या को मृत पाया।

 डिप्रेशन में आ गई थी, बचने के लिए मायके गई, वहां भी पीछा नहीं छोड़ा

घटना के बाद से रम्या डिप्रेशन और तनाव से जूझ रही थी। उनका इलाज चल रहा था। स्थानीय चैनल भी लगातार बच्ची को बचाने वाले लोगों को हीरो और मां को लापरवाह बताने में तुले थे। इनसे बचने के लिए आईटी प्रोफेशनल पति अपनी पत्नी को लेकर कोयंबटूर स्थित उनके मायके चले गए थे। लेकिन वहां भी ट्रोलिंग चलती रही और रम्या ने सुसाइड कर लिया।

लोगो का लिखा और बोला हुआ दूसरों के लिए जानलेवा

सोशल मीडिया पर कुछ भी लिख देने वालों और इस दुनिया की बातों को गंभीरता से लेने वालों के लिए यह घटना बहुत बड़ा सबक है। वर्चुअल स्पेस पर बिना सोचे समझे अपमानजनक और आक्रामक टिप्पणी करने का सीधा असर पीड़ित के मन पर पड़ता है। यह आभासी दुनिया लोगों को बेपरवाह और गैर जिम्मेदार बना देती है। किसी भी व्यक्ति को छलनी कर देने वाले शब्द सोशल मीडिया पर लिखकर उस पर लाइक्स और शेयरिंग के नंबर गिनने वाले ऐसे लाखों निर्दयी किरदार रोज न जाने कितने लोगों की जिंदगी में तनाव घोल रहे हैं।

लेकिन हम उन्हें ‘ट्रोलर’ मानकर और नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाते हैं। अंततः इनका दुस्साहस एक मां, एक संवेदनशील महिला और एक परिवार की तबाही का कारण बन जाता है। कोई जान दे देता है, कोई परेशान होकर जान ले लेता है, तो कोई डिप्रेशन में चला जाता है। इसलिए ऐसे तत्वों को पहले कदम पर ही पहचानकर इनसे कानूनी तरीके के निपटना चाहिए। ऐसी स्थिति में पीड़ित साइबर क्राइम सेल को फोन करे।

पुलिस में ऑनलाइन ही शिकायत भेज दें। सोशल मीडिया कंपनियों को भी ऐसे जानलेवा कंटेंट पर आपरधिक भागीदार करार देना चाहिए। हमें अपने परिवार, बच्चों व शुभचिंतकों को भी समझाना होगा कि उन्हें सोशल मीडिया कंटेंट को गंभीरता से लेने की जरूरत ही नहीं है। जो माध्यम भावनाएं नहीं समझता, जहां परिचित भी कई बार क्रूर होकर बुलीइंग करने लग जाते हैं, ऐसे माध्यम में अपरिचितों के कमेंट का मोल ही क्या है? हमें सोशल मीडिया के उपयोग में संयम और इसके असर से सतर्क रहने की जरूरत है।

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Pune: रईस जादे की रफ्तार ने ली दो लोगो की जान, निबंद लिखने की सुनाई सजा !

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Pune में कार चलाते समय एक नाबालिग ने दो इंजीनियरों की हत्या कर दी| हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके साथी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने येरवडा पुलिस स्टेशन में कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन कुछ ही घंटों में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई. इसी बीच कोर्ट ने उन्हें घटना पर एक पैराग्राफ लिखने की सजा सुनाई|

नाबालिग का संबंध पुणे के एक नामी बिल्डर से है। हादसे में मारे गए लोगों की पहचान अनीस दुधिया और अश्विनी कोस्टा के रूप में हुई। दोनों राजस्थान के रहने वाले हैं. हादसा रविवार देर रात 2.30 बजे हुआ| हादसे के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की लेकिन भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी और फिर पुलिस को सौंप दिया |

14 घंटे के अंदर मिली जमानत

कार एक्सीडेंट के आरोपी को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 14 घंटे के अंदर जमानत दे दी, क्योंकि आरोपी नाबालिग था, इसलिए उसे पुणे के जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने आरोपी को चार शर्तों पर जमानत दी है| आरोपी को 15 दिन तक ट्रैफिक सिपाहियों के साथ ट्रैफिक पुलिस की मदद भी करनी होगी।आरोपी को मनोचिकित्सक से इलाज कराना होगा। यदि आरोपी को भविष्य में कोई दुर्घटना होती दिखे तो उसे दुर्घटना पीड़ितों की मदद करनी होगी। कोर्ट ने आरोपी को सजा के तौर पर ‘सड़क दुर्घटना का प्रभाव और उसके समाधान’ विषय पर कम से कम 300 शब्दों का निबंध लिखने का आदेश दिया|

आरोपी नाबालिग के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया गया है| पुलिस को संदेह है कि वह गाड़ी चलाते समय शराब पी रहा था। इसलिए उनके खून की जांच की गई| हालांकि, इस टेस्ट की रिपोर्ट आने से पहले ही कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी| मामले में आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 3, 5, 199-ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है|

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Bihar: 4 साल के बच्चे का शव मिलने से परिजनों ने गुस्से में स्कूल को लगा दी आग

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Bihar की राजधानी पटना के दीघा इलाके में उस वक्त सन सनी फैल गई जब एक निजी स्कूल में गुरुवार से लापता स्कूली छात्र का शव नाले में मिला | बताया जा रहा है कि छात्र का शव स्कूल के नाले में मिला| मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस भी मोर्चे पर पहुंच गई| लोग गुस्से में हैं और सड़कें जाम कर रहे हैं| बता दें कि बच्चा कल से लापता था और लगातार उसकी तलाश की जा रही थी| छात्र की उम्र चार साल का थी | छात्र का शव मिलने के बाद आक्रोशित भीड़ की शक्ल में असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया|

बतादें की असामाजिक तत्वों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए पटना दानापुर रोड पर आगजनी की| दीघा एशियाना रोड भी जाम हो गया| कई स्कूल बसें रोकी गईं और पैदल यात्रियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुईं| इतना ही नहीं गुस्साई भीड़ ने स्कूल में भी आग लगा दी | पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई है| स्कूल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है |

इस बीच स्कूल बिल्डिंग में लगी आग पर काबू पा लिया गया और 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है| परिजनों की शिकायत पर दीघा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है| इस बीच पुलिस ने सभी लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है|

वहीं सिटी एसपी ने बताया कि रात में छात्र के लापता होने की जानकारी मिली| मौके का सीसीटीवी फुटेज भी मिला जिसमें बच्चा जाता तो दिखा, लेकिन आता नहीं। इसलिए हम इसकी जांच हत्या के तौर पर करेंगे| फिलहाल तीन लोगों को हिरासत लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है |

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