Connect with us

Haryana

Haryana में राशन चोरी पर लगेगी लगाम, डिपो में लगेगा सीसीटीवी नेटवर्क

Published

on

सरकारी राशन दुकानों में गड़बड़ी और चोरी रोकने के लिए Haryana सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी राशन डिपो में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने कैमरों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है और हारट्रोन से जानकारी मांगी है। इसके बाद राशन वितरण में पारदर्शिता आएगी और गरीबों को उनका पूरा हक मिलेगा।

कैमरे से होगी निगरानी

सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर राशन डिपो पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया है। इन कैमरों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसे, कब, और कितना राशन दिया जा रहा है। इससे राशन चोरी और गड़बड़ी की घटनाएं कम होंगी और जरूरतमंदों तक सही मात्रा में अनाज पहुंचेगा।

सर्दियों में दो बार खुलेंगे डिपो

राज्य के राशन डिपो सर्दियों में रोजाना सुबह और शाम दो बार खोले जाएंगे। खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने सभी डिपो संचालकों को आदेश दिया है कि वे डिपो पूरे 30 दिन खोलें। मंत्री ने दिसंबर महीने से औचक निरीक्षण की चेतावनी भी दी है, ताकि डिपो संचालन में कोई लापरवाही न हो।

शिकायत पर होगी कड़ी कार्रवाई

यदि किसी डिपो के खिलाफ गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो उसका लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार नए डिपो खोलने की योजना पर भी काम कर रही है। इनमें प्राथमिकता एसिड पीड़िताओं और विधवाओं को दी जाएगी।

राशन वितरण की स्थिति

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम:
हर महीने राज्य में 98 लाख टन अनाज वितरित किया जाता है।

केंद्र सरकार: 66,250 टन गेहूं उपलब्ध कराती है।

प्रदेश सरकार: 31,000 टन गेहूं अपने खर्चे पर देती है।

अंत्योदय परिवार: प्रति परिवार 35 किलोग्राम गेहूं।

बीपीएल परिवार: प्रति सदस्य 5 किलोग्राम गेहूं।

अन्य खर्च:

गेहूं पर हर महीने 89 करोड़, सरसों तेल पर 95 करोड़, चीनी पर 11 करोड़।

डिपो और लाभार्थी की संख्या

हरियाणा में 9434 राशन डिपो के माध्यम से 46 लाख परिवारों को राशन वितरित किया जा रहा है।

अंत्योदय अन्न योजना: 2.92 लाख परिवार । बीपीएल परिवार: 43.33 लाख।

नए डिपो की योजना

सरकार जरूरत के अनुसार राज्य में नए राशन डिपो खोलने पर विचार कर रही है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और खासतौर पर वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।

Advertisement