Uttar Pradesh
UP: मैं ही क्यों, कोई भी बन सकता है मुख्यमंत्री… पॉडकास्ट में सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्यों दिया ऐसा बयान ?

उत्तर प्रदेश। पिछले दिनों UP भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक श्याम प्रकाश के एक बयान से सूबे की सियासत गर्मा गई. विधायक ने कहा कि ‘बाबा दिल्ली जाएं और केशव प्रसाद मौर्य कमान संभालें’. हालांकि बाद में विधायक की सफाई भी आ गई पर अब इसे लेकर जो सियासत शुरू होनी थी, वो तो हो ही गई. यूपी में फिर एक बार चर्चा हो गई कि क्या सीएम योगी आदित्यनाथ की सियासी यात्रा में कोई नया दायित्व जुड़ने की कवायद चल रही है?
लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया.पिछले दिनों सीएम योगी खुद भी अलग-अलग मंचों से ये बात कह चुके हैं कि दिल्ली आने का उनका कोई खास इरादा नहीं. एक कदम आगे बढ़कर वो यह भी कह चुके हैं कि उनके लिए गोरखपुर मठ लौटने में ज्यादा आनंद है. अब सीएम योगी ने न्यूज एजेंसी ANI के साथ पॉडकास्ट में मुख्यमंत्री पद को लेकर ऐसी बातें कहीं हैं कि ये चर्चाएं जोरशोर से फिर सामने आ रही हैं. इस पॉडकास्ट में सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या कोई बड़े सियासी इशारे किए हैं? आइए समझते हैं.
दरअसल, इस पॉडकास्ट में सीएम योगी से कई सवाल पूछे गए, लेकिन जब उनसे पूछा गया ‘तीसरी बार सीएम आप ही बनेंगे’ इस पर सीएम योगी ने जो कहा वो अब सुर्खियों में है. बता दें कि सीएम योगी ने साफ कहा, “नहीं मैं क्यों बन सकता हूं, भारतीय जनता पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता बन सकता है.’ आपको बता दें कि राजनीतिक जानकार इस बयान के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं. यूपी की राजनीति में इस समय चुनावी सुगबुगाहट तेज है और ऐसे में सीएम योगी का यह बयान भविष्य की रणनीति को लेकर कई संकेत दे सकता है.

भाजपा का कोई भी सदस्य CM बन सकता है- क्या हो सकते हैं इस बयान के मायने?
UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान कि ‘2027 में भाजपा का कोई भी सदस्य मुख्यमंत्री बन सकता है’, UP की राजनीति में बड़े संकेत दे रहा है। इस बयान के कई आयाम हो सकते हैं, जिन्हें समझने की कोशिश की जा सकती है।
सीएम योगी का कहना कि ‘कोई भी भाजपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बन सकता है’, शायद पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सामूहिक नेतृत्व को महत्व देने की दिशा में एक कदम हो सकता है। यह संकेत हो सकता है कि मुख्यमंत्री पद किसी विशेष व्यक्ति का नहीं, बल्कि पार्टी का निर्णय ही सर्वोपरि होगा।
सियासी हलकों में यह चर्चा हो रही है कि सीएम योगी का UP से बाहर का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, और उनका यह बयान यह भी दिखाता है कि वे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को और बढ़ा सकते हैं। ऐसे में UP में कोई नया मुख्यमंत्री भी बन सकता है।
यह बयान सिर्फ एक सामान्य टिप्पणी नहीं, बल्कि एक विचारशील राजनीतिक रणनीति भी हो सकता है, जो UP की भाजपा राजनीति में संभावित बदलावों और मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों को नया मोड़ दे सकता है।