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Uttar Pradesh

Uttar Pradesh में टैक्स चोरी पर सख्ती ! आयरन, स्टील और पान मसाला उद्योग पर कड़ी निगरानी

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Uttar Pradesh सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए पान मसाला और आयरन-स्टील उद्योगों पर व्यापक कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार ने इन संवेदनशील उत्पादों की आवाजाही और उत्पादन पर सख्त निगरानी के आदेश दिए हैं।

आयरन-स्टील इकाइयों पर 24 घंटे निगरानी

प्रदेश में बड़ी और मध्यम आयरन-स्टील इकाइयों के बाहर चौबीस घंटे ड्यूटी के आदेश दिए गए हैं। ई-वे बिल स्कैनिंग के बिना किसी भी गाड़ी को निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

उत्पादन में गिरावट: निगरानी के चलते स्टील इकाइयों से निकलने वाले उत्पादों में अचानक कमी आई है।

फैसले का असर: आयरन और स्टील उद्योगों में टैक्स अनुपालन बढ़ा है, लेकिन कुछ व्यापारियों ने उत्पादन धीमा कर दिया है।

पान मसाला उद्योग पर सख्ती

पान मसाला प्रदेश में सबसे अधिक टैक्स चोरी वाले उत्पादों में से एक है।

टैक्स चोरी के ट्रक: दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान से बिना टैक्स चुकाए रोजाना 20 से अधिक ट्रक यूपी पहुंच रहे हैं।

अवैध आवाजाही में वृद्धि: टैक्स चोरी रोकने के प्रयास के बावजूद हाईवे और मुख्य मार्गों पर निगरानी कम होने से अवैध खेप तीन गुना तक बढ़ गई है।

मुख्य मार्गों का उपयोग: पहले इन उत्पादों को अंदरूनी रास्तों से लाया जाता था, लेकिन अब मुख्य मार्गों से खुलेआम लाया जा रहा है।

पिछले कामकाज की समीक्षा: तीन दिन में मांगा हिसाब

प्रमुख सचिव ने टैक्स चोरी की रोकथाम के लिए एसआईबी (विशेष जांच शाखा) और सचल दलों की कार्रवाई की समीक्षा का आदेश दिया है।

मार्च 2024 तक का विवरण: अब तक की गई जांचों, टैक्स चोरी की पकड़ी गई खेपों, वसूले गए टैक्स और पेनाल्टी का पूरा ब्योरा 30 नवंबर तक मांगा गया है।

निलंबन की चेतावनी: यदि निर्धारित समय पर रिपोर्ट नहीं मिली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निलंबन हो सकता है।

प्रमुख चुनौतियां और समाधान

टैक्स चोरी के उत्पादों की आवक रोकना।

हाईवे और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाना।

ट्रकों की निगरानी के लिए GPS सिस्टम लागू करना।

टैक्स चोरी की सूचना पर तत्काल कार्रवाई।

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