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चंदा चोरी मामले में हुए इस्तीफे, गिरफ्तारी, एसआईटी और एफआईआर सब फर्जी, ये सिर्फ लोगों को दिखाने के लिए है- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में हुए चंदा चोरी मामले को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। गोवा दौरे पर आए अरविंद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता कर प्रधानमंत्री से कहा कि आपसे पूरा देश पूछ रहा कि राम मंदिर के ताकतवार चंदा चोरों को क्यों बचा रहे हैं? राम मंदिर में करोड़ों का जमीन घोटाला, निर्माण में 40 फीसद कमीशनखोरी और चढ़ावा चोरी हो गया। प्रधानमंत्री को कैसे पता नहीं चला? पीएम ने ही राम मंदिर ट्रस्ट बनाया, सारे सदस्यों को खुद चुना औरर चंपत राय को सर्वेसर्वा बनाया। अब जब घोटाला सामने आया है तो उन्हें बचाने में लग गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में हुए इस्तीफे, गिरफ्तारी, एसआईटी और एफआईआर सब फर्जी है। ये सिर्फ लोगों को दिखाने के लिए है।

गोवा दौरे पर आए “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता कर कहा कि गोवा के लोग बहुत धार्मिक हैं। जब राम मंदिर का निर्माण हुआ, तो गोवा के हिंदुओं ने बढ़-चढ़कर और दिल खोलकर पूरी श्रद्धा के साथ दान किया था। लेकिन अब जब राम मंदिर में घोटाले और चढ़ावा चोरी की बातें सामने आ रही हैं, तो गोवा के सभी सनातनी इसे सुनकर बहुत ज्यादा दुखी हैं। बताया जा रहा है कि भगवान राम का हार, पादुका और आभूषण चोरी हो गए हैं। लोगों ने पूरी श्रद्धा से हीरे-जवाहरात चढ़ाए थे, वे भी चोरी हो गए। किसी ने 200 किलो चांदी की ईंटें दी थीं, वो भी चोरी हो गईं। चांदी के दीये चोरी हो गए और 200 करोड़ रुपए का कैश चोरी हो गया। रोज जितनी बातें सामने आ रही हैं, उससे लोगों की आस्था को और ज्यादा ठेस पहुंच रही है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह चोरी अभी शुरू नहीं हुई है, बल्कि 2021 से शुरू हुई, जब वहां जमीनों का बहुत जबरदस्त घोटाला हुआ। इन लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए पूरे देश से करोड़ों-अरबों रुपए इकट्ठे किए और जिस तरह से पैसे को साइफन ऑफ किया गया, उसका एक उदाहरण 2021 का मामला है। अयोध्या में एक पाठक परिवार के पास जमीन थी, जिसे उन्होंने इनकी पार्टी के एक नेता को 2 करोड़ रुपए में बेचा। 10 मिनट के अंदर उस नेता ने वही जमीन मंदिर ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपए में बेच दी। जाहिर तौर पर मंदिर निर्माण के लिए लोगों द्वारा दिया गया 16 करोड़ रुपए का चंदा साइफन ऑफ कर लिया गया।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यह मामला उन दिनों मीडिया में भी था और सबको पता था। इसी तरह 3 करोड़ की जमीन मंदिर ट्रस्ट ने 24 करोड़ में और 9 करोड़ की एक जमीन 55 करोड़ में खरीदी। 14 करोड़ की जमीनें 95 करोड़ में खरीदी गईं। इसके कागज जनता के बीच मौजूद हैं। इन लोगों ने 1 रुपए की जमीन को 10 रुपए में खरीदकर राम मंदिर निर्माण के चंदे को साइफन ऑफ किया।

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि जब मंदिर बनने लगा तो इंजीनियर्स ने रिकॉर्ड पर गवाही दी कि हर टेंडर में 40 फीसद कमीशन लिया गया। अब निकलकर आ रहा है कि चढ़ावे की चोरी हो रही थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पता चला है कि 40 दिन में 70 बार चोरी होने के सबूत सामने आए हैं। लोग सीसीटीवी में 70 बार चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं और इन लोगों ने 8 महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी है। जितनी चोरी की जानकारी सामने आई है, वह केवल एक छोटी सी झलक है, पता नहीं कितनी चोरी हुई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हर राम भक्त, हिंदू और सनातनी के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या चंदा चोरों को सजा मिलेगी? क्या बड़े लोग पकड़े जाएंगे? ऐसा लगता नहीं है, क्योंकि जब से यह मामला सामने आया है, इसे दबाने, सबूतों को मिटाने और गवाहों को डराने की पूरी कोशिश की जा रही है। पूरे मामले की लीपापोती की जा रही है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मीडिया के एंकर कहते हैं कि मोदी जी किसी को नहीं बख्शेंगे और बड़े-बड़े लोगों को सजा दिलाएंगे। वे कह रहे हैं कि मोदी जी को अभी तक पता नहीं था, अब पता चला है। लेकिन लोग मीडिया की इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं कि मोदी जी को पता नहीं था। लोगों को यकीन है कि प्रधानमंत्री को सब पता था। मोदी जी ने खुद ट्रस्ट बनाया और उसमें एक-एक व्यक्ति उनका अपना चुना हुआ आदमी है। चंपत राय मोदी जी के खास आदमी हैं, जिन्हें उन्होंने इस मंदिर का सर्वेसर्वा बनाया। सारी पावर और मैनेजमेंट चंपत राय के पास थी, उनके बिना मंदिर में एक पत्ता नहीं हिल सकता था।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो लोग कह रहे हैं कि मोदी जी को पता नहीं था, उनसे पूछना चाहिए कि इतने दिनों से इतनी चोरी चल रही थी और उन्हें कैसे पता नहीं चला? 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में बिकी, मीडिया में भी आया, क्या मोदी जी को पता नहीं चला? 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में बिकी, 14 करोड़ की जमीनें 95 करोड़ में खरीदी गईं और सारे कागज सार्वजनिक डोमेन में हैं, फिर भी मोदी जी को पता नहीं था? कंस्ट्रक्शन में 40 फीसद कमीशन मांगा जा रहा था, चढ़ावे में इतनी चोरी हो गई, 200 किलो चांदी की ईंटें, भगवान का हार, पादुका और हीरे-जवाहरात गायब हो गए, क्या मोदी जी को पता नहीं चला? 40 दिन के अंदर सीसीटीवी में 70 बार चोरी पकड़ी गई और 8 महीने की फुटेज गायब कर दी गई, क्या मोदी जी को पता नहीं चला?

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि ट्रस्ट में केंद्र सरकार का एक प्रतिनिधि भी है, क्या उसने भी मोदी जी को कुछ नहीं बताया? इस देश के हर बूथ पर कौन सा वोटर किस पार्टी का है, एसआईआर में किसकी वोट कटवानी या जुड़वानी है, मोदी जी को सब पता है। लेकिन भगवान राम के चंदे की चोरी के बारे में उन्हें पता नहीं चला, ऐसा कैसे हो सकता है? उन्हें पता तो सब था।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमें सूत्रों से पता चला है कि आईबी ने राम मंदिर में हो रहे घोटाले और चंदा चोरी के बारे में प्रधानमंत्री मोदी जी को 12 रिपोर्ट दी थीं। लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। वे केवल और केवल अपने लोगों को बचा रहे थे। हम यह नहीं कह रहे कि पैसा मोदी जी तक पहुंचा, इसका हमारे पास कोई सबूत नहीं है और इस पर हम कोई टिप्पणी नहीं कर रहे। लेकिन सारा घटनाक्रम यह दिखाता है कि मोदी जी सक्रिय रूप से अपने लोगों को बचाने के लिए पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब चोरी सामने आई और पानी सिर से ऊपर हो गया तो उन्होंने एक लूली-लंगड़ी एसआईटी बना दी। मैं भी कानून का जानकार हूं और इनकम टैक्स में काम कर चुका हूं, एफआईआर के बिना एसआईटी बन ही नहीं सकती। यह एसआईटी गैर-कानूनी है, इसके पास कोई पावर नहीं है। यह किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती, रेड नहीं मार सकती और न ही किसी को समन कर सकती है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस एसआईटी के बनने के बाद “आप” सांसद संजय सिंह जब जमीनों के घोटाले के कागज लेकर गए, तो एसआईटी ने कहा कि जमीनों के घोटाले की जांच करना उनकी पावर में नहीं है। तो फिर इनकी पावर क्या है? ये जमीनों और कंस्ट्रक्शन में हुए घोटाले की जांच नहीं कर रहे, तो फिर क्या जांच कर रहे हैं? 2021 में जब जमीनों का घोटाला सामने आया था, तब भी इन्होंने एक एसआईटी बना दी थी। उस एसआईटी का क्या हुआ, किसी को कुछ पता नहीं है। कोई एफआईआर, कोई गिरफ्तारी और कोई एक्शन नहीं हुआ, वह एसआईटी मर गई। अब यह एसआईटी भी मर जाएगी। असल में ये लोगों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। इन्हें पता है कि जनता की याददाश्त बहुत छोटी होती है, इसलिए ये 15-15 दिन का एक्सटेंशन देते रहेंगे और यह एसआईटी भी मर जाएगी।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि अब इन्होंने एक फर्जी एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें आठ छोटे-छोटे लोगों को पकड़ा गया है जो नोट गिनते थे। 200 करोड़ रुपए का कैश गायब हो गया और इन लोगों से सिर्फ 80 लाख रुपए की रिकवरी हुई है। फिर भी वे शाबाशी ले रहे हैं और हर तरफ हल्ला मचवा रहे हैं कि मोदी जी ने एक्शन ले लिया। सबसे मजे की बात यह है कि जब भी किसी की गिरफ्तारी होती है, तो पुलिस उसकी कस्टडी लेती है और पूछताछ करती है कि चोरी कहां से की और पैसा कहां रखा है। लेकिन पुलिस ने कोई पूछताछ नहीं की, कस्टडी नहीं ली और उन्हें सीधा ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया। उन आठ छोटे-छोटे लोगों को बोल रखा है कि चिंता मत करो, दो-चार दिन में बेल करा देंगे।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि चंपत राय समेत दो लोगों ने इस्तीफा दिया है, लेकिन अयोध्या से रोज खबरें आ रही हैं कि मंदिर आज भी चंपत राय ही चला रहे हैं। इसलिए इस्तीफे, गिरफ्तारी और एफआईआर सब फर्जी है। मोदी जी इस मामले को पूरी तरह से रफा-दफा करने में लगे हुए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि भाजपा के एक बाहुबली नेता बृजभूषण सिंह का बयान आया है कि वे कुछ नहीं बोलेंगे क्योंकि इसमें बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं और उनके बोलने से उन पर भी आंच आ सकती है। बाबा बागेश्वर धाम का भी बयान आया है कि अगर उन्होंने पर्ची निकालकर असली नाम उजागर कर दिए तो उन्हें छोड़ेंगे नहीं और निपटा देंगे। जब इतने बड़े लोग इसमें शामिल हैं, तो उनका नाम क्यों नहीं आ रहा? उनके खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी और सीबीआई-ईडी की कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? आज पूरा देश यह जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री जी किन बड़े लोगों को बचा रहे हैं और क्यों बचा रहे हैं?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन लोगों की भगवान राम में कोई आस्था नहीं है, ये भगवान राम को नहीं मानते और इन्हें भगवान राम का आशीर्वाद भी नहीं चाहिए। अगर ये राम को भगवान मानते तो चोरी नहीं करते। चोरी करने से उन्हें पाप लगने और भविष्य खराब होने का डर लगता। इन्हें कोई डर नहीं है, ये राम को पत्थर की मूर्ति मानते हैं। इन्हें भगवान राम और उनके नाम की जरूरत केवल वोट लेने और पैसे के लिए है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जनता को जानकर ताज्जुब होगा कि अमित शाह आज तक भगवान राम के दर्शन करने मंदिर नहीं गए। मंदिर बने ढाई साल हो गए, लेकिन वे एक बार भी दर्शन करने नहीं गए। जबकि पिछले ढाई साल में वे अपने भाषणों और इंटरव्यू में 42 बार भगवान राम और राम मंदिर का जिक्र कर चुके हैं। वोट तो राम के नाम पर मांग रहे हैं, लेकिन दर्शन करने का समय नहीं है।

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि पूरे देश में करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और ये लोग कुछ नहीं करने वाले हैं। हर हिंदू और सनातनी को इसके खिलाफ आवाज उठानी पड़ेगी। मैं भगवान राम से प्रार्थना करता हूं कि इन पापियों को छोड़ना मत, कठोर से कठोर सजा देना।

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