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CM भगवंत सिंह मान द्वारा विकास परियोजनाओं की सौगात, सनौर में 87 करोड़ की लागत से सड़कों के नवीनीकरण की शुरुआत

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  पटियाला के सनौर विधानसभा क्षेत्र में व्यापक बुनियादी ढांचे और सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत करके पंजाब के विकास में जमीनी स्तर पर तेजी लाई। इस मौके पर उन्होंने 87 करोड़ रुपये की सड़क नवीनीकरण कार्यों के साथ-साथ 27 करोड़ रुपये की नहरी लाइनिंग परियोजनाओं का ऐलान किया, जिससे 83 गांवों में 40,066 एकड़ रकबे को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।

पिछली सरकारों की तुलना में मौजूदा समय के मिसाल बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान भ्रष्टाचार के कारण कुछ ही दिनों में सड़कों की हालत खस्ता हो जाती थी, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा ठेकेदारों के लिए सड़कों के पांच साल के अनिवार्य रखरखाव संबंधी धारा लागू की गई है, जिससे जवाबदेही में वृद्धि होगी। उन्होंने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार ने न केवल सिंचाई अधीन रकबा पहले के 21,050 एकड़ से बढ़ा दिया है, बल्कि कानूनी लड़ाई के माध्यम से हरियाणा को दिए जाने वाले भाखड़ा नहर के पानी का पंजाब का 25 प्रतिशत हिस्सा भी प्राप्त किया है, ताकि किसानों को उनका हक मिल सके।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की बेमिसाल तरक्की को देखकर पारंपरिक पार्टियां अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं। आज, पंजाब के विकास की गाड़ी फिर से पटरी पर आ गई है और हर गुजरते दिन के साथ इसकी गति और तेज हो रही है। विपक्षी पार्टियों को यह बात हजम नहीं हो रही, जिस कारण वे रोजाना बेबुनियाद और तर्कहीन बयान जारी कर रही हैं। यह विपक्षी पार्टियों में निराशा को दर्शाता है, जो सूबे के विकास और इसके लोगों की खुशहाली से ईर्ष्या करती हैं।”

सनौर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज सनौर क्षेत्र में 49.60 करोड़ रुपये की लागत से कई नई लिंक सड़कें बनाई जाएंगी और कुछ मौजूदा सड़कों को नया रूप दिया जाएगा। लोग जल्द ही अपने गांवों जाने वाली सड़कों में प्रत्यक्ष बदलाव देखेंगे। मुख्य पटियाला-पिहोवा सड़क को नया रूप दिया जाएगा और दिल्ली जाने वाली आवाजाही को आसान बनाने के लिए जल्द ही इसे चार लेन का बनाया जाएगा।”

जवाबदेही में वृद्धि पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों की तरह सड़कें अब घटिया दर्जे की नहीं होंगी क्योंकि अब सड़कों के रखरखाव संबंधी पांच साल की जिम्मेदारी ठेकेदारों के पास है और किसी भी नुकसान के नतीजे में भुगतान रोका जा सकता है, ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और भविष्य में कोई भी ठेका न देने के साथ-साथ अन्य परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।”

सड़क बुनियादी ढांचे के विकास के स्तर पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब सरकार द्वारा सूबे के इतिहास का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जिसके तहत कुल 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।”

उन्होंने कहा, “ये सभी सड़कें पांच साल के रखरखाव की धारा के अधीन बनाई जाएंगी, जिससे विश्व स्तरीय सड़क सुरक्षा के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य सूबे में बेहतर आवागमन सुविधाएं प्रदान करना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना है, जिससे आम लोगों को बड़ा लाभ होगा।”

पानी के संरक्षण और सिंचाई के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पानी के रक्षक होने का दावा करने वालों ने कभी भी पानी की संरक्षण की ओर ध्यान नहीं दिया, जबकि पंजाब सरकार द्वारा पानी की हर बूंद की बचत की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “सूबे में 6,900 किलोमीटर लंबी 18,349 खालों को बहाल किया गया है, ताकि सूबे के दूर-दराज के हिस्सों में पानी उपलब्ध करवाया जा सके, जिससे किसानों को बड़ा लाभ हुआ है। हमारी सरकार ने नहरी प्रणाली को फिर से जीवित करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, ताकि सूबे के हर क्षेत्र तक पानी पहुंच सके, और पहली बार सूबे के 1,444 गांवों को नहरी पानी मिला है।”

शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पहला स्थान प्राप्त किया है और यह सभी पंजाबियों के लिए बेहद गर्व और संतुष्टि की बात है कि इस सर्वेक्षण में सूबे ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है।”

उन्होंने कहा, “पिछले कुछ वर्षों के दौरान 740 छात्रों ने जेईई परीक्षा और 1,284 ने नीट परीक्षा पास की है तथा 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही कार्यशील हो चुके हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये स्कूल प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी योग्यताओं और रुचियों के अनुसार शिक्षा प्रदान करके उनके सपनों को साकार करने में मदद कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पहली बार, 24 लाख माता-पिता ने मेगा पीटीएम में हिस्सा लिया है।”

शिक्षा सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी स्कूलों में छात्रों को मेडिकल और नॉन-मेडिकल समेत सभी स्ट्रीम की पेशकश की जा रही है।” उन्होंने आगे कहा, “छात्रों को आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी, नीट, जेईई और सीएलएटी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए कोचिंग भी प्रदान की जा रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केवल शिक्षा से ही सभी सामाजिक बुराइयों का समाधान किया जा सकता है, इसलिए पंजाब सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में बेमिसाल पहल की हैं।”

सामाजिक परिवर्तन में शिक्षा की अहम भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत सूबे में गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें गरीबी से बाहर निकाल सकती है।”

उन्होंने कहा, “शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके दुनिया में प्रकाश बिखेरती है, जिस कारण पंजाब सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं।”

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (एमएमएसवाई) के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जा रहा है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। इस योजना के तहत 1.65 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और लोगों को इन कार्डों का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार धान के मौसम के दौरान खेतों की मोटरों के लिए आठ घंटे से अधिक निर्विघ्न बिजली आपूर्ति दी गई है।

बिजली सुधारों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन में बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का उपयोग पूरी सूझ-बूझ से कर रही है।

मांवां-धीयां सत्कार योजना के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार की यह योजना 18 वर्ष और इससे अधिक उम्र की अनुसूचित जातियों से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये और अन्य सभी वर्गों से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये प्रदान करेगी।

वित्तीय जिम्मेदारी की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के टैक्स का पैसा सूबे का है और इसे लोगों की भलाई के लिए ही खर्च किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि करदाताओं का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस जा रहा है। उन्होंने कहा कि भले ही पंजाब सरकार ने अपनी सभी गारंटियां पूरी कर ली हैं, लेकिन पंजाब की तरक्की के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हम मंच पर खड़े होकर शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि के बारे में बात करते हैं, जबकि दूसरी पार्टियां सिर्फ सत्ता हथियाने पर अपना ध्यान केंद्रित करके चल रही हैं।

विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये अवसरवादी नेता निराशा के आलम में गुजर रहे हैं और लोग उन्हें कोई हुंकार नहीं दे रहे क्योंकि उनका एजेंडा लोगों की बजाय सिर्फ अपने परिवारों की भलाई तक सीमित रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं का एकमात्र एजेंडा लोगों को गुमराह करके उनमें फूट डालने के सिवा और कुछ नहीं होता।

सड़क सुरक्षा फोर्स के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार ने देश भर में समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स नाम की अपनी तरह की पहली पहल शुरू की है, जो राज्य और राष्ट्रीय मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए लोगों की कीमती जानें बचाने के लिए हर समय तैनात है। उन्होंने आगे कहा कि विशेष रूप से प्रशिक्षित नवीन भर्ती किए गए 1,597 कर्मचारी इस फोर्स की रीढ़ की हड्डी के रूप में काम कर रहे हैं, जिन्हें 144 पूर्ण रूप से सुसज्जित वाहन प्रदान किए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल फरवरी में अपनी शुरुआत के बाद से यह फोर्स सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 48 प्रतिशत तक कम करने में सफल रही है। इसके अलावा यह फोर्स दुर्घटना के पीड़ितों से संबंधित हर चीज और उनके पैसे को परिवार के सदस्यों तक सुरक्षित पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फोर्स 4,200 किलोमीटर हाईवे पर, जहां सड़क दुर्घटनाओं की संभावना अधिक है, तैनात की गई है और यह ट्रैफिक उल्लंघनों के विरुद्ध एक मजबूत रोकथाम प्रणाली के रूप में काम करती है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछली किसी भी सरकार ने ऐसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया, जिस कारण पंजाब पहले सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में शीर्ष तीन राज्यों में आता था। उन्होंने आगे कहा कि इस महत्वपूर्ण फैसले की भारत सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी भरपूर सराहना की है।

प्रशासनिक सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ईजी रजिस्ट्री प्रोजेक्ट को पंजाब भर में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे पारदर्शी और परेशानी मुक्त संपत्ति पंजीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल ने पंजीकरण प्रक्रिया को आसान और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया है।

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