कम उम्र में जिम जाने से हो सकता है कई नुकसान - Early News 24

कम उम्र में जिम जाने से हो सकता है कई नुकसान

कम उम्र में जिम जाने से हो सकता है कई नुकसान

आजकल हर कोई फिट रहना चाहता है। ये क्रेज युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रहा है. इसके लिए वे जिम में घंटों मेहनत करते हैं। इसमें युवा लड़के सिक्स पैक एब्स और मस्कुलर बॉडी बनाने का जुनून रखते हैं, जबकि किशोर लड़कियां जीरो फिगर और स्लिम लुक पाने के लिए जिम शुरू करती हैं। लेकिन कम उम्र में जिम शुरू करना घातक हो सकता है। आपको कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि सही उम्र में जिम शुरू किया जाए, ताकि आपको इसका सही फायदा मिल सके। अब सवाल यह है कि जिम शुरू करने की सही उम्र क्या होनी चाहिए?

डॉक्टर बता ते है की, यह सच है कि शारीरिक विकास के लिए व्यायाम बहुत जरूरी है। इसके लिए बच्चा जन्म से ही हाथ-पैर मारना शुरू कर देता है। ऐसा करने से बच्चे के शरीर का विकास होता है और शरीर को लचीलापन और ताकत भी मिलती है। इसके बाद बच्चे को खेलना-कूदना चाहिए, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं। लेकिन जिम जाने से बचना चाहिए. लेकिन कम उम्र में जिम जाने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

डॉक्टर बता ते है की, यह सच है कि शारीरिक विकास के लिए व्यायाम बहुत जरूरी है। इसके लिए बच्चा जन्म से ही हाथ-पैर मारना शुरू कर देता है। ऐसा करने से बच्चे के शरीर का विकास होता है और शरीर को लचीलापन और ताकत भी मिलती है। इसके बाद बच्चे को खेलना-कूदना चाहिए, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं। लेकिन जिम जाने से बचना चाहिए. लेकिन कम उम्र में जिम जाने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
अगर आप भी अपने बच्चे को जिम भेजने की सोच रहे हैं तो आप गलत हैं। बेशक 13-14 साल की उम्र में हड्डियां और शरीर के अंग मजबूत हो जाते हैं, लेकिन जिम शुरू करने की यह सही उम्र नहीं है। क्योंकि, यही वह उम्र होती है जब शरीर में लंबाई समेत कई तरह के बदलाव होते हैं। ऐसे में जिम जाने की सही उम्र 20 साल से 50 साल के बीच है। हालाँकि आप चाहें तो 17-18 साल की उम्र में भी जिम शुरू कर सकते हैं। लेकिन, समय और वजन का खास ख्याल रखें।

कम उम्र में जिम शुरू करने से मांसपेशियों को नुकसान होता है और चोट लग सकती है। बॉडीबिल्डिंग, स्टेरॉयड या भारी वर्कआउट से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। मांसपेशियों में दर्द या खिंचाव के साथ-साथ मांसपेशियों में कमजोरी का खतरा भी बढ़ जाता है। जिम में कार्डियो या पावर लिफ्टिंग हृदय गति को बढ़ाकर हृदय को नुकसान पहुंचा सकती है।

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