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Haryana

Manohar Lal का बयान, “किसान आंदोलन का समाधान बातचीत से ही संभव, शर्तों के बिना मिलकर समाधान पर जोर”

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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री Manohar Lal रविवार को करनाल स्थित कर्ण कमल कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन को लेकर कहा कि यह मसला मुख्यतः पंजाब से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा में ऐसी कोई स्थिति नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और केंद्र सरकार की कोशिशें
Manohar Lal ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा किसानों से बातचीत के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में एक कमेटी बनाई थी और किसानों से बातचीत के लिए कई बार पहल की। सरकार ने किसानों को दो-तीन बार बातचीत के लिए आमंत्रित किया, लेकिन किसान कमेटी से मिलने के लिए तैयार नहीं हुए।

उन्होंने बताया कि किसानों को पंचकूला में मीटिंग का ऑफर दिया गया, लेकिन वहां भी बातचीत नहीं हो पाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर समाधान निकालना है, तो दोनों पक्षों को बिना शर्त मिल-बैठकर बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने इसे समस्याओं के समाधान का एकमात्र तरीका बताया।

निकाय चुनाव और दिल्ली विधानसभा पर चर्चा
Manohar Lal ने करनाल में आगामी निकाय चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव पर भी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी वहां चुनाव जीतने जा रही है।

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