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अकालियों को ख्याली दुनिया से बाहर आ जाना चाहिए; सत्ता में वापसी की बजाय, अब उनकी जेल जाने की बारी आ गई है: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब पर बारी-बारी से राज करने वाली राजनीतिक पार्टियों का दौर अब खत्म हो चुका है और सूबे के भरोसे को ठेस पहुंचाने वालों को जवाबदेह बनाया जाएगा। फगवाड़ा में ‘लोक मिलनी’ के दौरान भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आम आदमी पार्टी (आप) का ‘झाड़ू’ पंजाब की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है, वहीं एक ही सिक्के के दो पहलू—अकाली और कांग्रेस—दशकों तक अपने निजी हितों की पूर्ति करने के बाद अब अपनी राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

अकाली नेतृत्व द्वारा लोगों को गुमराह करने और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष झूठ बोला, वे किसी के वफादार नहीं हो सकते। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अपनी आंतरिक लड़ाई के कारण आखिरी दम पर है, जबकि ‘आप’ सरकार के जन-पक्षीय शासन के तहत पंजाब शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कल्याण के क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति देख रहा है।

लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वे दिन गए जब ये पार्टियाँ ‘उत्तर काटो मैं चढ़ा’ की खेल खेलती थीं और सत्ता में अपनी बारी का इंतजार करती थीं। असल में इन पार्टियों ने सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके कुकर्म कभी सामने नहीं आए। पर अब लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुना है और इस पार्टी का चुनाव चिह्न ‘झाड़ू’ सूबे की राजनीतिक व्यवस्था को साफ कर रहा है। वह दिन दूर नहीं, जब अकाली अपने पापों के कारण जेल की सलाखों के पीछे होंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्हें लोगों की कोई परवाह नहीं, बल्कि सिर्फ अपने निजी हितों की चिंता है। उन्होंने खुद कई स्थानों पर बेअदबी की घटनाओं को अंजाम दिया और श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष झूठ बोला और बाद में इसे माना भी। उन्होंने आतंकवाद के दौरान नौजवानों को मरवाया और दोषी पुलिस अधिकारियों को तरक्कियाँ तक दीं। उन्होंने खुद को ‘फख्र-ए-कौम’ की उपाधि से नवाजा, जबकि उन्होंने 1978 की घटना के दोषियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की थी।”

अकाली नेतृत्व पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने सारी उम्र ऐशो-आराम और सुख-सुविधाओं वाले सुरक्षित माहौल में गुजारी है। सुखबीर सिंह बादल कॉन्वेंट से पढ़े राजनीतिक नेता हैं, जो सूबे की बुनियादी भौगोलिक स्थिति से भी वाकिफ नहीं हैं, पर पंजाब में राजनीतिक सत्ता हासिल करना चाहते हैं। पूर्व उप-मुख्यमंत्री सूबे की मुख्य फसलों में भी फर्क नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में बहुत कम समझ है।”

बेअदबी के मुद्दे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएँ हुईं, करोड़ों लोगों की मानसिकता को गहरी ठेस पहुँची। परमात्मा ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह बिल लाने की ताकत बख्शी है। सूबा सरकार ने इस बिल को बड़ी सावधानी से तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या कमी इसे कमजोर न कर सके।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “यह बिल समाज विरोधी तत्वों को भविष्य में ऐसा कोई भी पाप करने से रोकने के लिए एक निवारक उपाय के रूप में काम करेगा और कोई भी कभी ऐसा घिनौना अपराध करने की जुर्रत नहीं कर सकेगा। अकाली अपने सत्ता के दिनों के दौरान कभी भी ऐसा कानून बनाने के लिए सुहृद नहीं थे। सच्चाई यह है कि उनके इरादे शुरू से ही गलत रहे हैं। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए बेअदबी की घटनाएँ होने दीं। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के आगे अपनी गलतियाँ भी मानीं पर बाद में लोगों के सामने सरेआम इससे मुकर गए। जो लोग तख्त साहिब के आगे झूठ बोल सकते हैं वे कभी भी किसी के वफादार नहीं हो सकते। लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहना चाहिए जो किसी के भी वफादार नहीं हैं और सिर्फ सूबे को लूटने के लिए सत्ता हथियाना चाहते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “अकालियों ने अपने निजी हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। जथेदार अकालियों की जेबों से निकलते हैं, जिसके कारण वे राजनीति में भी सक्रिय रहते हैं। इन लोगों का कोई एजेंडा नहीं है, बल्कि इनका एकमात्र उद्देश्य मुझे किसी भी तरह से बदनाम करना है। लोग इन नेताओं के दोगले चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं, जो कभी भी इनकी नाटकीय चालों से प्रभावित नहीं होंगे।”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस पार्टी सत्ता से पूरी तरह बाहर होने के कगार पर है, जो जल्द ही खत्म हो जाएगी क्योंकि इस पार्टी के पास लोगों और सूबे के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है। इनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता संभालकर पंजाब के खजाने को लूटना है पर इनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी गुटबाजी का शिकार है जो अपने कलेश के कारण जल्द ही ढह-ढेरी हो जाएगी। यह कितनी अफसोस की बात है कि सत्ता के लिए झगड़ने वाले इन नेताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रहे शीर्ष कांग्रेसी नेता इनके नामों का सही उच्चारण तक नहीं जानते।”

पंजाब के भविष्य को सही दिशा देने में शासन की भूमिका पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “किसी भी सरकार का काम बच्चों के सपनों को पंख देना होता है ताकि वे जीवन में सफलता की नई कहानी लिख सकें। मेरे द्वारा हस्ताक्षरित की जाने वाली हर फाइल आम आदमी और राज्य के हित के लिए होती है। युवाओं को बिना भ्रष्टाचार या सिफारिश के 67,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सरकार का हर फैसला राज्य की प्रगति और इसके लोगों की खुशहाली की ओर केंद्रित है।

शिक्षा क्षेत्र में आई क्रांति को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य भर में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं। इन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, पूरी तरह सुसज्जित प्रयोगशालाएं और वैज्ञानिक शिक्षा के लिए खेल मैदान हैं। अध्यापकों की विशेषज्ञता को निखारने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत अध्यापकों और प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से भली-भांति परिचित होकर राज्य के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार कर सकें। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ने भारत सरकार द्वारा कराए गए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में केरल को भी पीछे छोड़कर पहला स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों की परीक्षा, नीट, जेईई, क्लैट और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए क्वालीफाई किया है। पंजाब सभी नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है और लगभग 1,000 आम आदमी क्लीनिक प्रतिदिन मुफ्त उपचार प्रदान कर रहे हैं।

अपनी सरकार द्वारा बिजली क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “2022 में ‘आप’ सरकार के सत्ता संभालने के बाद राज्य के लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। पंजाब के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान दिन के समय भी कृषि मोटरों के लिए आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है। ‘आप’ सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए राज्य भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई हैं और खालों का निर्माण किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन पाइपलाइनों और नहरों के माध्यम से 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। राज्य सरकार द्वारा छोड़ा गया यह पानी दो भाखड़ा नहरों द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले पानी के बराबर है। इस पहल से पंजाब भर के किसानों को बहुत लाभ होगा। नहरों और नदियों में रिचार्ज पॉइंट बनाए गए हैं ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सके और कई क्षेत्रों में जल स्तर पहले ही दो से चार मीटर तक बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास का लाभ राज्य के हर गांव, किसान और घर तक पहुंचे।

‘आप’ सरकार के जन-केंद्रित शासन मॉडल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “करदाताओं का पैसा लोगों की भलाई पर पूरी समझदारी से खर्च किया जा रहा है और यह स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के विकास के माध्यम से उनके पास वापस आ रहा है। राज्य सरकार अब लोगों के लिए काम कर रही है और टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, जिससे प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। ‘आप’ सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रही है और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है।”

मांवां-धियां सत्कार योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने मुख्यमंत्री मांवां-धियां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। आम लोगों, विशेषकर गरीबों के लिए 1,000 से 1,500 रुपये एक महत्वपूर्ण राशि है। यह राशि माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक है और इस योजना के कारण महिलाओं के चेहरों पर आई मुस्कान मुझे बहुत संतोष देती है।”

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए ‘आप’ सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो देश की अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाता है। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसी व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए जनता पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करने में सफलता प्राप्त की है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। लोगों ने इस योजना के तहत अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त किया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “आज पंजाब हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है क्योंकि राज्य सरकार ने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव कदम उठाया है। ‘आप’ सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और अन्य क्षेत्रों में अभिनव पहलें की हैं। 49,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों के निर्माण का कार्य पूरी गति से चल रहा है और जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकार ने पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे टोल शुल्क के रूप में आम लोगों की जेबों से प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। ‘आप’ सरकार ने अब तक राज्य के लोगों से किया गया हर वादा पूरा किया है और पंजाब ऐसा करने वाला पहला राज्य है। राज्य सरकार का एकमात्र एजेंडा राज्य की प्रगति और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करना है।” इस दौरान मुख्यमंत्री ने फगवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 18 करोड़ रुपये से अधिक की ग्रांट की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा, “हलके के विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डिप्टी कमिश्नर को यह भी निर्देश दिए कि एडीसी फगवाड़ा को अधिक शक्तियां दी जाएं ताकि क्षेत्र के लोगों को छोटे-मोटे कार्यों के लिए कपूरथला न जाना पड़े। लोक मिलनी कार्यक्रम के वास्तविक उद्देश्य के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोक मिलनियां राजनीति से जुड़ा कार्यक्रम नहीं है। राज्य सरकार का एकमात्र उद्देश्य विकास और खुशहाली लाना है। लोक मिलनियां सरकार और जनता के बीच एक पुल के रूप में कार्य करती हैं। ‘आप’ सरकार लोगों के कल्याण के लिए अथक मेहनत कर रही है और राज्य में पहले ही कई महत्वपूर्ण पहलें की जा चुकी हैं।”

इस अवसर पर लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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