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हरियाणा-पंजाब पानी विवाद, CM सैनी बोले- पानी देना पड़ेगा; सीएम मान बोले- हमारे यहां कत्ल हो जाते हैं।

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बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम CM ने आरोप लगाया कि, “पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने असंवैधानिक तरीके से हरियाणा का जल प्रवाह रोका है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में हुई चुनावी हार का बदला लेने के लिए यह जल विवाद खड़ा किया है।”

मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि राज्य के सात जिलों में पीने के पानी की भारी किल्लत है और 156 जलघरों में पानी की एक बूंद भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब अपने हिस्से से अधिक पानी का उपभोग कर रहा है, जबकि हरियाणा को उसके निर्धारित हिस्से से 17% कम जल मिल रहा है।
वहीं जालंधर में CM भगवंत मान ने कहा-

पानी के लिए पंजाब में कत्ल हो जाया करते हैं। इसलिए पंजाब से एक भी बूंद किसी को पानी नहीं दिया जाएगा।

उधर, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) की चंडीगढ़ में हरियाणा, हिमाचल और राजस्थान के अधिकारियों से मीटिंग हुई। पंजाब ने मीटिंग को गैरकानूनी बताते हुए पहले ही शामिल होने से इनकार कर दिया था। मीटिंग में तय हुआ कि BBMB के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी पंजाब सरकार से कोऑर्डिनेट करेंगे।

भाखड़ा डैम से पुलिस हटाने के लिए पंजाब सरकार से बातचीत की जाएगी। उसके बाद पानी रिलीज करने पर चर्चा होगी। अगर पंजाब को पानी की जरूरत होगी तो BBMB व्यवस्था करेगा।

ऑल पार्टी मीटिंग के बाद CM सैनी की 5 अहम बातें…

पानी बहकर पाकिस्तान जाता है: नायब सैनी ने कहा- 2016 से 2018 तक डैम का जल स्तर सबसे कम रहा। वहीं इस समय जल स्तर उन वर्षों से कहीं ज्यादा है। वर्ष 2019 में जल स्तर 1623 था, उस समय 0.553 MAF पानी ज्यादा हो गया था। उसे फेंकना पड़ा था। ये बहकर पाकिस्तान चला जाता है। इससे पहले 2015 और 2016 में भी पानी फेंकना पड़ा था। हमें लगभग 8500 क्यूसेक पानी मिलता रहा है। राज्यों की मांग हर 15 दिन में कम या ज्यादा होती है। इसे BBMB की टेक्निकल कमेटी तय करती है।

CM मान ने भरोसा दिया, फिर वीडियो जारी किया: 26 अप्रैल को मैंने भगवंत मान को फोन पर बताया था कि BBMB की कमेटी ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को पानी छोड़ने का फैसला लिया था। इसको लागू करने में पंजाब के अधिकारी आनाकानी कर रहे हैं। तब मान ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पंजाब के अधिकारियों ने कुछ नहीं किया तो मैंने मान को दोबारा लेटर लिखा। हैरानी की बात है कि 48 घंटे तक मेरे लेटर का जवाब नहीं दिया। मान साहब ने अपनी राजनीति को ऊपर रखते हुए एक वीडियो जारी किया और बिना तथ्यों के जनता को गुमराह किया।

पंजाब ज्यादा पानी यूज कर रहा: नायब सैनी ने कहा- पंजाब हर साल अपने हिस्से से काफी ज्यादा पानी का उपयोग कर रहा है। SYL का निर्माण न होने के कारण भी हरियाणा पानी के अपने आवंटित हिस्से 3.5 MAF हिस्से में से केवल 1.62 MAF पानी का इस्तेमाल कर रहा है। मान सरकार केवल भ्रमित कर रही है। सस्ती राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। जो हमारा कृषि योग्य पानी है, आप उसे देने के बजाय पीने का पानी भी छीन रहे हैं। हरियाणा के काफी जिलों में पीने के पानी की समस्या आ रही है। हम इसे संभाल रहे हैं।

7 जिलों में पानी की कमी, 156 जलघर खाली: सैनी ने कहा- सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, कुरुक्षेत्र, जींद और भिवानी 4931.9 करोड़ लीटर पेयजल चाहिए। मगर, यहां 764.8 करोड़ लीटर ही उपलब्ध है, जो मांग मात्रा से 15.5 प्रतिशत कम है। 614 जलघरों में से 156 जलघरों में पानी की एक बूंद भी नहीं है। 36 गांव में टैंकर से पानी भेजा जा रहा है। यहां ग्रामीण पूरी तरह भाखड़ा पर निर्भर हैं।

भगवंत मान टकराव की राह पर: नायब सैनी ने कहा- जल बंटवारे पर एक तरफा फैसले और केंद्र सरकार के निर्देशों की अवहेलना राज्यों के बीच सहयोग की भावना को कमजोर करता है। सबसे प्रमुख उदाहरण SYL नहर का है। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पक्ष में फैसला दिया। इसके बाद भी मान सरकार सहयोग के बजाय टकराव की राह पर हैं। अब यही रुख BBMB को देखकर भी लग रहा है।

पानी विवाद पर पंजाब-हिमाचल CM ने क्या क्या कहा….

भगवंत मान बोले- पानी पर डाका डालने की कोशिश: भगवंत मान ने कहा- BJP द्वारा एक चाल चलते हुए, पंजाब की सहमति के बिना BBMB के ज़रिए पंजाब के पानी पर डाका डालने की कोशिश की जा रही है। लेकिन हम इनकी इस ज़बरदस्ती को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। पंजाब के पानी पर सिर्फ पंजाबियों का हक है और हम एक-एक बूंद की रक्षा करेंगे।

सुखविंदर सुक्खू बोले- हिमाचल के पानी पर पंजाब-हरियाणा लड़ रहे: जो पानी हिमाचल से आता है, उसका अधिकतर बंटवारा, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में होता है। जब हमने पानी से आय कमाने की सोची तो दोनों की राज्यों ने विरोध कर दिया। हम पानी पर अधिकार नहीं मांग रहे। हिमाचल के लोगों की जमीन गई और लड़ाई पंजाब और हरियाणा के बीच हो रही है। उन्हें हमारा भी सहयोग करना चाहिए। हमें पॉलिसी के हिसाब से 12% रॉयल्टी मिले।
हाईकोर्ट से भाखड़ा डैम पर पुलिस हटाने की मांग

वहीं, हरियाणा के एडवोकेट रविंद्र सिंह ढुल ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाकर नंगल स्थित भाखड़ा डैम से पुलिस फोर्स हटाने की मांग की है। एडवोकेट ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) और केंद्र सरकार को पार्टी बनाया है।

साथ ही हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान कर चुकी है। इसके लिए दिल्ली में अधिकारियों से ड्राफ्ट तैयार कराया जा रहा है। उम्मीद है कि आज याचिका दायर की जाएगी।

हरियाणा के 9 जिलों में पानी का संकट हो रहा

सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हरियाणा के 9 जिलों में पानी का संकट होने लगा है। अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो दिल्ली और राजस्थान जाने वाले पानी में कटौती की जा सकती है। हरियाणा से ही दोनों राज्यों को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति होती है।

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