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ACB ने सफाई घोटाले में हुई सख्त, आठ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में लगभग 50 हजार पेजों का चालान किया पेश

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एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कोर्ट को करीब 50 हजार पन्नों का एक बड़ा दस्तावेज सौंपा है। यह दस्तावेज कुछ लोगों के बारे में है, जिन पर सफाई प्रोजेक्ट में धोखाधड़ी का आरोप है। अभी वे मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन धोखाधड़ी में शामिल तीन कर्मचारियों और पांच ठेकेदारों को वे पहले ही पकड़ चुके हैं। पकड़े गए लोगों के पास से उन्हें 2.5 करोड़ रुपये की कई कीमती चीजें और करीब 16 लाख रुपये नकद मिले हैं।

अभी सात और लोगों को पकड़ना है, जिनकी तलाश की जा रही है। टीम इन लापता लोगों को ‘भगोड़ा’ कहने की भी योजना बना रही है। अब तक उन्होंने पांच ठेकेदारों के साथ कुछ अन्य कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया है। अगर लापता लोग पकड़े नहीं गए, तो उन्हें और परेशानी का सामना करना पड़ेगा। महेंद्र सिंह नाम के एक इंस्पेक्टर ने बताया कि उन्होंने 23 अगस्त को कोर्ट को यह बड़ा दस्तावेज सौंपा था। वे यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि लापता लोगों के पास क्या संपत्ति है, ताकि अगर वे नहीं आए, तो वे उसे ले सकें।

एसीबी ने कोर्ट को यह बताकर बड़ा कदम उठाया है कि आठ लोगों ने पैसे के घोटाले में कुछ गलत किया है। इन लोगों में नवीन गोयत नाम का एक व्यक्ति शामिल है, जो पहले पंचायती राज के लिए काम करता था और अब रोहतक में दूसरी नौकरी करता है। जसबीर सिंह जैसे अन्य लोग भी हैं, जो इंजीनियर हैं और कुलवंत सिंह, जो अकाउंटेंट हैं। फिर कुछ ठेकेदार हैं, जो निर्माण में मदद करते हैं, जैसे फरियाबाद के दिलबाग सिंह, कुतुबपुर के अभय संधू, राजेश पुंडरी, पुंडरी के अनिल गर्ग और रोहताश। अभी ये सभी लोग जेल में हैं। सफाई घोटाले में शामिल होने के आरोपी लोगों को कोर्ट से कोई मदद नहीं मिल रही है।

इनमें से दो लोगों जयवीर सिंह और साहिल कश्यप ने कैथल की कोर्ट से बिना गिरफ्तार हुए जेल से बाहर रहने की मांग की, लेकिन एंटी करप्शन ब्यूरो ने उनके खिलाफ पुख्ता सबूत दिखाए और कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया। एक अन्य व्यक्ति कुलवंत सिंह, जो पहले से ही जेल में है, ने भी कोर्ट से उसे जाने देने की मांग की, लेकिन उस मांग को भी खारिज कर दिया गया। अब कई आरोपी उच्च न्यायालय से मदद मांगने की योजना बना रहे हैं। घोटाले में मुख्य आरोपी जसविंदर सिंह का कहना है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है और उसने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच करने को कहा है।

जो टीम गलत काम करने वालों को पकड़ती है, वही टीम घोटाले करने वाले एक व्यक्ति से पैसे और सामान छीन रही है। उन्होंने नवीन गोयत नाम के एक व्यक्ति की जमीन का एक टुकड़ा लिया है, जो पहले सरकार के लिए काम करता था। यह जमीन जींद नामक जगह पर एक अस्पताल के पास है। वे यह भी पता लगा रहे हैं कि घोटाले में शामिल लोगों के पास और क्या-क्या चीजें हैं और वे उन चीजों को भी छीनने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि काफी समय बीत चुका है, लेकिन सात लोग जिन पर कुछ गलत करने का आरोप है, अभी भी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की गिरफ्त में नहीं आए हैं। टीम उन्हें खोजने और गिरफ्तार करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, लेकिन इसमें शामिल मुख्य लोग, जैसे डिप्टी सीईओ जसविंदर सिंह, कमलजीत, सुमित और प्रवीण सरदाना नाम का एक नेता अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं।

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