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‘पीएम मोदी को मिलना चाहिए Nobel Peace पुरस्कार’, इस संगठन ने नोबेल फाउंडेशन को पत्र लिखकर की मांग

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PM Narender Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना चाहिए. हिंदू सेना के संस्थापक और अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने नोबेल फाउंडेशन को पत्र भेजकर यह मांग की है. यह पत्र फाउंडेशन की आधिकारिक ईमेल आईडी और पते पर भेजा गया है। संगठन ने अपने पत्र में लिखा है कि एक वैश्विक नागरिक के तौर पर मेरा मानना ​​है कि दुनिया में शांति, कूटनीति और मानवीय सहायता की दिशा में पीएम मोदी का काम उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए योग्य उम्मीदवार बनाता है. पीएम मोदी ने घर और दुनिया में हर जगह शांति बनाए रखने के लिए बहुत अच्छा काम किया है।

हिंदू सेना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने क्षेत्रीय सहयोग और विवादों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई है. प्रधान मंत्री मोदी का सबका साथ, सबका विकास दृष्टिकोण भारत और इसकी सीमाओं से परे मानव समुदाय के सामूहिक विकास के प्रति उनके समर्पण को उजागर करता है। हिंदू सेना ने नोबेल फाउंडेशन को लिखे अपने पत्र में कहा है कि पीएम मोदी का सबसे बड़ा योगदान पड़ोसी देशों के साथ भारत के राजनयिक संबंधों को मजबूत करना है।

पत्र में उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी प्रथम नीति अपनाकर पड़ोसी देशों के साथ-साथ दक्षिण एशिया से परे देशों के साथ आपसी विश्वास, समझ और सहयोग बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति का उपयोग करके शांति और स्थिरता में बहुत योगदान दिया है।

ज्ञात हो कि नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अपने देश में नागरिक समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे सत्ता में बैठे लोगों के गलत कार्यों की आलोचना करने और नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने के अधिकार को बढ़ावा देते हैं। 1901 से 2023 तक 111 व्यक्तियों और 30 संस्थानों को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति को तीन बार (1917, 1944 और 1963 में) नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त के कार्यालय को दो बार नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

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Bihar: 4 साल के बच्चे का शव मिलने से परिजनों ने गुस्से में स्कूल को लगा दी आग

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Bihar की राजधानी पटना के दीघा इलाके में उस वक्त सन सनी फैल गई जब एक निजी स्कूल में गुरुवार से लापता स्कूली छात्र का शव नाले में मिला | बताया जा रहा है कि छात्र का शव स्कूल के नाले में मिला| मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस भी मोर्चे पर पहुंच गई| लोग गुस्से में हैं और सड़कें जाम कर रहे हैं| बता दें कि बच्चा कल से लापता था और लगातार उसकी तलाश की जा रही थी| छात्र की उम्र चार साल का थी | छात्र का शव मिलने के बाद आक्रोशित भीड़ की शक्ल में असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया|

बतादें की असामाजिक तत्वों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए पटना दानापुर रोड पर आगजनी की| दीघा एशियाना रोड भी जाम हो गया| कई स्कूल बसें रोकी गईं और पैदल यात्रियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुईं| इतना ही नहीं गुस्साई भीड़ ने स्कूल में भी आग लगा दी | पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई है| स्कूल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है |

इस बीच स्कूल बिल्डिंग में लगी आग पर काबू पा लिया गया और 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है| परिजनों की शिकायत पर दीघा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है| इस बीच पुलिस ने सभी लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है|

वहीं सिटी एसपी ने बताया कि रात में छात्र के लापता होने की जानकारी मिली| मौके का सीसीटीवी फुटेज भी मिला जिसमें बच्चा जाता तो दिखा, लेकिन आता नहीं। इसलिए हम इसकी जांच हत्या के तौर पर करेंगे| फिलहाल तीन लोगों को हिरासत लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है |

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Rajasthan में किराये के लिए किराएदार ने बुजर्ग महिला को उतारा मौत के घाट

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Rajasthan के जयपुर में सोमवार को किराए को लेकर माकन मालकिन और किरायेदार के बीच विवाद हो गया था | जिसके बाद एक किरायेदार ने 55 वर्षीय बुजर्ग महिला और उसके नाबालिग पोते की हत्या कर दी। दरसअल, पोते ने किराएदार को अपनी दादी की हत्या करते हुए देख लिया, जिसके बाद आरोपी ने उसकी भी हत्या कर दी| पुलिस ने बताया कि जयपुर के सांगानेर इलाके में बहस के बाद आरोपी मनोज बैरवा ने प्रेम देवी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया|

रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने वहां खड़े महिला के सात वर्षीय पोते गौरव की भी हत्या कर दी| इतना ही नहीं दोनों को मारने के बाद मनोज बैरवा ने दोनों शवों को घर की पानी से भरी टंकी में फेंक दिया| जानकरी के मुताबिक, शव को पानी की टंकी में फेंकने के बाद आरोपी भागने लगा लेकिन तभी पड़ोसियों को इसकी भनक लग गई और उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसका पीछा किया और हत्यारे किरायेदार को पकड़ लिया|

इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो सांगानेर पुलिस ने आरोपी मनोज को हिरासत में ले लिया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया| पुलिस पूछताछ में आरोपी मनोज बैरवा ने बताया कि उसका मकान मालकिन से कई बार झगड़ा होता था और घटना से पहले भी झगड़ा हुआ था| इस दौरान वह होश में नहीं था क्युकी उसने नशा कर रखा था और गुस्से में आकर बुजर्ग महिला की हत्या कर दी|

रिपोर्ट के मुताबिक उस बुजर्ग महिला के पोते गौरव ने किराएदार मनोज को हत्या करते हुए देख लिया और जब वह चिल्लाने लगा तो किराएदार ने उस पर भी चाकू से वार कर हत्या कर दिया | फिर उन दोनों के शवों को छिपाने के लिए पानी की टंकी में फेंक दिया | फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया|

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Rajasthan: मै आगे की पढ़ाई नहीं करना चाहता, मां में घर छोड़ कर जा रहा हूं, NEET की तैयारी कर रहे छात्र ने परिवार को लिखा पत्र

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Rajasthan के कोटा में एक अजीब मामला सामने आया है | जहां एक 19 वर्षीय छात्र ने अपने परिवार को एक पत्र लिखा। पत्र में छात्र ने लिखा कि मैं घर छोड़ रहा हूं, मैं आगे पढ़ाई नहीं करना चाहता। मेरे पास कम से कम 8 हजार रुपये हैं और मैं पांच साल के लिए घर छोड़ रहा हूं| छात्र ने आगे लिखा कि मैं अपना फोन बेचकर सिम तोड़ रहा हूं और मां से कहूंगा कि वह टेंशन न लें। मैं कोई गलत कदम नहीं उठाऊंगा| मेरे पास सभी के नंबर हैं, जरूरत पड़ने पर मैं खुद फोन कर लूंगा।’

कोटा में 3 साल रहकर निजी कोचिंग से पढ़ाई कर रहा था| 5 मई को उसने नीट का एग्जाम दिया| उसके बाद घर वालों से भी बात हुई | पिता को राजेंद्र ने कहा कि 160 क्वेश्चन वह करके आया है और पेपर अच्छा गया है| 6 मई को राजेंद्र ने अपने बड़े भाई के फोन पर एक मैसेज भेजा |

उसमें उसने लिखा कि – “मैं घर छोड़कर जा रहा हूं, मुझे आगे की पढ़ाई अब नहीं करनी 5 साल बाद घर लौट आऊंगा, मम्मी को कहना वह कोई टेंशन ना ले, मैं कोई भी मैं कोई भी गलत कदम नहीं उठाऊंगा और साल में एक बार फोन जरूर करूंगा”|

यह पत्र बामनवास, गंगारामपुर निवासी राजिंदर मीना ने अपने माता-पिता को लिखा है। मीना कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही थी। वहीं, बेटे की चिट्ठी पढ़कर परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक राजिंदर के पिता जगदीश मीना ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है| परिजनों को उसके लापता होने की जानकारी तब हुई जब उनके मोबाइल पर छात्र का मैसेज आया। राजेंद्र के पिता किसान है और वह खेती करते हैं| 6 मई से ही अपने बेटे को पुलिस के साथ मिलकर ढूंढ रहे हैं|

राजेंद्र के पिता के मुताबिक, उनका बेटा छह मई को लापता हो गया था| वह दोपहर 1.30 बजे कोटा में अपने पेइंग गेस्ट आवास से निकले थे। उसका संदेश मिलने के बाद, उसके परिवार के सदस्यों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने से पहले उसकी तलाश शुरू कर दी। फिलहाल राजिंदर का कोई पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है|

हर साल देशभर से लाखों छात्र NEET मेडिकल परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा आते हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से कोटा से भी ऐसी खबरें आ रही हैं, जहां छात्र पढ़ाई का दबाव नहीं झेल पाते और आत्महत्या कर लेते हैं।

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