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नये प्रोजेक्टों की प्रक्रिया जल्द मुकम्मल करने पर ज़ोर

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पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री बलकार सिंह द्वारा राज्य के विभिन्न विकास कामों की प्रगति सम्बन्धी रिविऊ मीटिंगों का दौर लगातार जारी है। उन्होंने विधायकों और हलका इंचार्जों की हाज़िरी में मुख्य दफ़्तर और क्षेत्रीय दफ़्तर के सीनियर अधिकारियों के साथ प्रगति के अधीन कामों की जायज़ा मीटिंग करते हुये नये प्रोजेक्टों की दफ़्तरी प्रक्रिया जल्द मुकम्मल करने पर ज़ोर दिया।

स्वच्छ भारत और अमरुत्त मिशन के अधीन आते कामों के लिए जारी फंडों, कामों की मौजूदा स्थिति, ख़र्च किये फंडों और बकाया फंडों की विस्तृत जानकारी लेने के उपरांत उन्होंने अधिकारियों को विकास प्रोजेक्टों को तेज़ी से मुकम्मल करने के लिए हिदायतें जारी की। उन्होंने कहा कि राज्य के शहरों का बहुपक्षीय और योजनाबद्ध विकास करवाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार वचनबद्ध है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कैबिनेट मंत्री की तरफ से एक-एक स्कीम में कवर होने वाले कामों की प्रगति और बकाया फंडों के बारे मुकम्मल जानकारी विधायकों और हलका इंचार्जों के साथ सांझा की गई।

कैबिनेट मंत्री ने सीनियर और क्षेत्रीय अधिकारियों को कहा कि वह विकास कामों के बारे सारी जानकारी विधायकों और हलका इंचार्जों के साथ सांझा करनी यकीनी बनाएं जिससे आम जनता की सहूलत/ जरूरत के मुताबिक विकास कार्य करवाए जा सकें।

मंत्री बलकार सिंह ने आगे कहा कि जिन प्रोजेक्टों की डीपीआर स्टेट स्तरीय टैकनिकल कमेटी से मंज़ूर हो चुकी है, उन कामों का टैंडर प्रकाशित करवा के जल्दी काम शुरू करवाए जाएँ। उन्होंने कहा कि विकास कामों में होने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि विकास कामों के लिए सरकार के पास फंडों की कोई कमी नहीं है। इसलिए यदि किसी नगर कौंसिल और नगर पंचायत को नये विकास कामों के लिए अतिरिक्त फंडों की ज़रूरत हो तो अपने हलके विधायक के साथ विचार विमर्श करने के उपरांत एक्शन प्लान समेत मुकम्मल प्रस्ताव तैयार करके भेजा जाये। उन्होंने इस बात की तरफ भी अधिकारियों को विशेष ध्यान देने के लिए कहा कि बकाया फंडों को विकास कामों के लिए निर्धारित समय-सीमा में ख़र्च करना यकीनी बनाया जाये।

उन्होंने कहा कि राज्य निवासियों को साफ़-सुथरा वातावरण मुहैया करवाने के लिए विरासती अवशेष को वैज्ञानिक ढंग से निपटाया जाये। इसके इलावा सुखे और गीले कूड़े की डोर टू डोर इकट्ठा करके स्रोत वाली जगहों से ही अलग- अलग करके एम. आर. एफ प्लांट और कमपोस्ट पिट्टस में प्रोसेसिंग के लिए भेजा जाना यकीनी बनाया जाये जिससे इसकी रीसाइक्लिंग के उपरांत इसकी खाद बना कर इसको प्रयोग में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में सिवरेज आदि की सफ़ाई को भी यकीनी बनाया जाये।

मंत्री ने विकास कामों में गुणवत्ता और पारदर्शिता की तरफ ज़ोर देते हुये अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसको किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा।

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लुधियाना में प्रेमी की हरकतों से तंग तलाकशुदा महिला ने किया Suicide

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अपने प्रेमी की दूसरी युवती के साथ दोस्ती होने का पता चला तो उसने Suicide कर ली। Suicide करने से पहले महिला ने Suicide नोट लिखा, जिसमें साफ तौर पर Suicide के लिए जीवन साथी को जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने मृतका मनदीप कौर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा है। सुसाइड नोट को भी अपने कब्जे में लिया गया है। वहीं, मृतका के परिजनों के बयानों के आधार पर बनती कार्रवाई किए जाने की बात मानी जा रही है।

जानकारी के मुताबिक मनदीप कौर की शादी करीब 7 साल पहले हुई थी। उसको एक बेटी भी है। मनदीप का अपने पति के साथ किसी बात को लेकर तलाक हो गया था, जिसके बाद उसकी बेटी अपने दादके परिवार में ही रह रही है।

मनदीप कौर अपने मायके में रहती थी और पिंडी गली में एक दुकान पर काम करती थी। मंगलवार सुबह रोजाना की तरह मनदीप और उसके मां-बाप काम पर चले गए। कुछ देर बाद मनदीप ने अपनी मां को फोन कर घर बुलाया। पिता घर लौटे तो मनदीप खुदकुशी कर चुकी थी।

Suicide के लिए प्रेमी को जिम्मेदार ठहराया

मनदीप के शव के पास से मिले सुसाइड नोट पर उसने अपने प्रेमी की हरकतें लिखी हुई थीं। उसने अपनी मौत का जिम्मेदार जीवन नाम के एक युवक को बताया जो कि उसको बीते कई सालों से शादी करवाने का लारा लगा हुआ था। मनदीप कौर ने सुसाइड नोट पर लिखा कि उसको बीते रविवार को पता चला कि जीवन की बीते कुछ साल से एक अन्य लड़की के साथ दोस्ती थी, जिसके साथ भी वह शादी करवाने का वादा किए हुए था। इस घटना का पता चलने पर वह बुरी तरह से टूट गई और सोमवार पूरा दिन परेशान रहने के बाद मंगलवार सुबह खुदकुशी कर ली। उसने खुदकुशी करने से पहले उन लोगों को भी रुपए लौटाने की बात की, जिनको उसने पैसे देने थे।

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दिनेश चड्ढा ने BJP सरकार पर कसे तीखी तंज, कहा “पंजाब में मंडी व्यवस्था को खत्म करने की साजिश कर रही है”

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आप ने पंजाब के ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) को रोकने को लेकर केंद्र की BJP सरकार की तीखी तंज कसे है। आप ने कहा कि BJP सरकार अब अप्रत्यक्ष रूप से पंजाब में मंडी व्यवस्था को खत्म करने की साजिश कर रही है। इसलिए वह RDF के लंबित करीब 7,000 करोड़ रुपये जारी नहीं कर रही है।

आज यानी मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप विधायक दिनेश चड्ढा ने कहा कि पंजाब के ग्रामीण इलाकों में सड़कों को सही नहीं कर रहे है क्योंकि आरडीएफ का पैसा ही ग्रामीण इलाकों में सड़कों की मरम्मत और पंजाब में मंडियों के बेहतर करने के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आगे कहा की केंद्र सरकार ग्रामीण विकास की धनराशि के 7,000 करोड़ रुपये रोक कर रखा है और वह ऐसा साजिश के तहत कर रही है।

आप नेता ने बताया कि इससे पहले BJP ने पंजाब में सरकारी मंडी व्यवस्था को खत्म करने के लिए तीन काले कानून लागू करने की कोशिश की थी। उन कानूनों का पूरे भारत में विरोध हुआ और पंजाब के किसानों ने उस विरोध का नेतृत्व किया, फिर पीएम नरेंद्र मोदी को उन कानूनों को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन आज भी बीजेपी की मंशा वही है। वह पंजाब में सरकारी मंडी व्यवस्था को खत्म करना चाहती है। इसीलिए वे पंजाब का आरडीएफ और एमडीएफ जारी नहीं कर रहे हैं।

आप विधायक ने भाजपा पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि वह किसान और पंजाब के बेटे होने का दावा करते हैं, लेकिन वह कभी भी पंजाब और उसके किसानों के पक्ष में आवाज नहीं उठाते हैं।

उन्होंने कहा कि अब अप्रत्यक्ष रूप से पंजाब की मंडियों को खत्म किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि सुनील जाखड़ और रवनीत बिट्टू भाजपा की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाएं। ‘आप’ नेता ने पंजाब के सभी निर्वाचित लोकसभा सदस्यों से भी अपील की कि पंजाब पर बड़ा खतरा है, पंजाब की आधिकारिक मंडी व्यवस्था और मंडी बोर्ड को खत्म करने की साजिश रची जा रही है, इसलिए वे इस मुद्दे को उठा रहे हैं| इसे संसद में भी उठाया जाना चाहिए|

उन्होंने कहा कि यह सभी लोकसभा सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे केंद्र में जाकर पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ें और केंद्र की तानाशाही सरकार के खिलाफ लड़ें| अब आपको तय करना है कि बीजेपी की सत्तावादी किसान विरोधी नीति के साथ खड़ा होना है या पंजाब के साथ खड़ा होना है।

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आज की मीटिंग में CM Mann ने पुलिस अधिकारों को दिया बड़े आदेश

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पंजाब पुलिस अब नशे के खिलाफ अभियान तेज करने जा रही है| यदि कोई तस्कर पकड़ा गया तो सात दिन के अंदर उसकी संपत्ति जब्त कर ली जायेगी| यदि कोई पुलिसकर्मी किसी भी स्तर पर नशे का कारोबार करता पाया गया तो उसे मौके पर ही बर्खास्त कर दिया जाएगा। इन बातों की जानकारी पंजाब के CM Mann ने साझा की है|

इसके साथ ही कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए दस हजार नए पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी| इसके साथ ही पुलिस मिशन के साथ काम करेगी, जबकि इस काम में आयोग का कोई स्थान नहीं होगा| पुलिस थानों में भाई-भतीजावाद और रिश्तेदारों को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर तबादले किये जा रहे हैं| मुख्यमंत्री ने आज अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान यह फैसला लिया|

बतादें पंजाब में नशीली दवाओं के खतरे से निपटने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य से इस अभिशाप को खत्म करने के लिए एक बहु-दिशात्मक रणनीति तैयार की है।

यहां पंजाब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की पुलिसिंग में कई सुधार लाने जा रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव की तैयारियों के दौरान पंजाब पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी और ड्रग्स जब्त किए हैं और ड्रग्स की आपूर्ति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा की है.

उन्होंने कहा कि यह देखने में आया है कि कई निचले स्तर के पुलिसकर्मी नशा तस्करों के साथ मिले हुए हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उन पुलिस कर्मियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं जो पदानुक्रम में सबसे निचले स्तर पर हैं और लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं।

बता दें कि लोकसभा चुनाव खत्म होते ही मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर डीजीपी गौरव यादव के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने पुलिस को जनता से जुड़ने का निर्देश दिया था| इसके बाद निर्णय लिया गया कि पुलिसकर्मी सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक अपने कार्यालयों में बैठेंगे| लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

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