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कांग्रेस लाशों पर राजनीति करना बंद करे, पंजाब 1984 में कांग्रेस की भूमिका को नहीं भूला: हरभजन सिंह ETO

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता और कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने गुरुवार को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और कांग्रेस पार्टी द्वारा स्वर्गीय गुलज़ार सिंह की दर्दनाक मौत पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश करने के लिए आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस को लाशों पर राजनीति करना बंद करना चाहिए और कानून को अपना काम करने देना चाहिए।

एक बयान में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि गुलज़ार सिंह की मौत एक बेहद दुखद घटना है और पंजाब सरकार इस मामले में पहले ही ठोस कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने कहा, “निष्पक्ष जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है और आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।”

मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार को इस अपूरणीय क्षति से उबरने के लिए समय और स्थान देने की बजाय, कांग्रेसी नेता इस त्रासदी को राजनीतिक अवसर में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं को मृतकों के प्रति संवेदनशीलता के बारे में पंजाब को भाषण देने का कोई हक नहीं है, जबकि उनकी अपनी पार्टी का इतिहास देश के इतिहास के सबसे काले पन्नों से भरा हुआ है। उन्होंने कहा, “पंजाब 1984 को नहीं भूला है। पंजाब बेगुनाह पंजाबियों की हत्याओं को नहीं भूला है। पंजाब उस राजनीतिक संरक्षण और सुरक्षा को नहीं भूला है जो सिख विरोधी हिंसा से जुड़े कांग्रेसी नेताओं को दी गई थी। पूर्व कांग्रेसी सांसद सज्जन कुमार को 1984 के दंगों के मामलों में दोषी ठहराया गया था और वह अभी भी उस काले अध्याय का प्रतीक है।”

मंत्री ने कहा कि जब इसके मौजूदा पंजाब अध्यक्ष के आचरण की जांच की जाती है तो कांग्रेस का रिकॉर्ड और भी सवालों के घेरे में आ जाता है। उन्होंने आगे कहा, “राजा वड़िंग को पंजाब के लोगों को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने पंजाब से उठकर केंद्रीय गृह मंत्री बने प्रमुख दलित नेता स्वर्गीय सरदार बूटा सिंह के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां क्यों की थीं।”

हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा, “बूटा सिंह जी एक महान दलित नेता थे जिन्होंने अपनी मेहनत और जनसेवा के माध्यम से बाधाओं को तोड़ा। फिर भी राजा वड़िंग ने उनके खिलाफ अपमानजनक और नस्लभेदी टिप्पणियां करने का रास्ता चुना। उन टिप्पणियों पर एक एफआईआर दर्ज की गई थी, और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने बाद में पंजाब पुलिस को इस मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। वही राजा वड़िंग अब पंजाब को दलित सम्मान के बारे में भाषण दे रहे हैं।”

हरभजन सिंह ईटीओ ने तीखा सवाल करते हुए पूछा, “जब राजा वड़िंग सरदार बूटा सिंह के खिलाफ टिप्पणियां कर रहे थे, तब दलितों के प्रति यह हमदर्दी कहां थी? जब 1984 का नरसंहार हुआ था, तब पंजाब के लिए कांग्रेस की चिंता कहां थी? और यह नैतिक गुस्सा तब कहां था जब उस काले दौर से जुड़े कांग्रेसी नेता राजनीतिक रसूख का आनंद ले रहे थे? पंजाब को सब कुछ याद है।”

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी दिल्ली से ट्वीट करते हैं और राजा वड़िंग पंजाब पहुंच जाते हैं, लेकिन दोनों ही लाश पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित परिवार को इस अपूरणीय क्षति से उबरने के लिए समय देने की बजाय, कांग्रेस उनके दर्द को राजनीतिक अवसर में बदल रही है। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।”

हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि पंजाब के लोगों ने डर, सांप्रदायिक विभाजन और मानवीय त्रासदियों के शोषण की राजनीति को बार-बार खारिज किया है। उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस को एक बात स्पष्ट रूप से याद रखनी चाहिए: पंजाब किसी को भी एक गरीब दलित कार्यकर्ता की मौत को अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा की सीढ़ी नहीं बनाने देगा।”

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