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फतेहगढ़ साहिब में मनरेगा के समर्थन में ‘APP’ का जोरदार प्रदर्शन

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मनरेगा योजना को कमजोर करने और इसका नाम बदलकर ‘वीबी-जी राम जी’ रखने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने जिला फतेहगढ़ साहिब में जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस विशाल धरना-प्रदर्शन की अगुवाई हलका विधायक लखबीर सिंह राय और आम आदमी पार्टी की एससी विंग के प्रदेश अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह जीपी ने की। प्रदर्शन के दौरान केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और मजदूरों के हक में एकजुटता दिखाई गई।

धरने को संबोधित करते हुए विधायक लखबीर सिंह राय ने कहा कि मनरेगा जैसी जन-कल्याणकारी योजना गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत की रीढ़ है, लेकिन केंद्र सरकार इसे खत्म करने की साजिश रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार मनरेगा का नाम बदलने की राजनीति कर रही है। राय ने कहा कि किसान आंदोलन में हार के बाद केंद्र सरकार अब मजदूर वर्ग से बदला ले रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से पंजाब के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। कभी फंड रोके जाते हैं, तो कभी जनहित योजनाओं को कमजोर किया जाता है। लखबीर सिंह राय ने ऐलान किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी पंजाब के अधिकारों और मजदूरों के हक के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

पंजाब को आर्थिक रूप से कमजोर करने का आरोप

आम आदमी पार्टी की एससी विंग के प्रदेश अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह जीपी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र की मोदी सरकार ने पंजाब को आर्थिक रूप से कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि नौजवानों, महिलाओं और उद्योगों के लिए किए गए वादे पूरे नहीं किए गए, बल्कि पंजाब के हिस्से के फंड रोककर विकास कार्यों में जानबूझकर बाधाएं डाली गईं।

गुरप्रीत सिंह जीपी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मनीष सिसोदिया की अगुवाई में आम आदमी पार्टी हर मंच पर मनरेगा के साथ हो रही छेड़छाड़ का विरोध करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों के साथ अन्याय बंद नहीं हुआ, तो पूरे पंजाब में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

मजदूर संगठनों ने भी जताया विरोध

धरने के दौरान भारतीय किसान मजदूर एकता महासंघ (रिऊणा) के प्रदेश अध्यक्ष बलविंदर सिंह चनारथल ने भी केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जब तक यह मजदूर विरोधी फैसला वापस नहीं लिया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

इस रोष प्रदर्शन में बड़ी संख्या में गांवों से मजदूर, महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला और हलका स्तर के कई पदाधिकारी, सरपंच, पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

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