Connect with us

Delhi

Ram Mandir: न आंखों की चोट देखी, न रातों की नींद… रामलला की मूर्ति के लिए अरुण योगीराज ने दिन-रात किया एक

Published

on

नेशनल डेस्क: अयोध्या के राम मंदिर में मूर्तिकार अरुण योगीराज की तराशी हुई ‘रामलला’ की मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। मूर्तिकार योगीराज ने इस मूर्ति को दिव्य और आलौकिक स्वरूप प्रदान करने के लिए दिन रात एक कर दिया था। उन्होंने न आंख पर लगी चोट की परवाह की और न ही नींद की। योगीराज के परिवार ने यह जानकारी दी।

इस उपलब्धि से बेहद खुश- पत्नी
कर्नाटक में मैसुरु के मूर्तिकार का परिवार खुशी से झूम रहा है क्योंकि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने उनके द्वारा बनाई गए ‘रामलला’ की मूर्ति को राम मंदिर में स्थापना के लिए चुना है। योगीराज की पत्नी विजेयता ने कहा कि वह इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उन्होंने एक किस्सा भी साझा किया जिसमें बताया गया कि कैसे मूर्ति बनाते समय योगीराज की आंख में चोट लग गई थी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “मैं बहुत खुश हूं। हमें यह नेक काम करने का दायित्व सौंपा गया है।”

विजेयता ने कहा, ‘जब यह कार्य (योगीराज को) दिया गया तो हमें पता चला कि इसके लिए उचित पत्थर मैसूरु के पास उपलब्ध है। हालांकि, वह पत्थर बहुत सख्त था। इसकी नुकीली परत उनकी आंख में चुभ गई और उसे ऑपरेशन के जरिए निकाला गया। दर्द के दौरान भी वह नहीं रुके और काम करते रहे। उनका काम इतना अच्छा था कि हर कोई प्रभावित हुआ। हम सभी को धन्यवाद देते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वो (योगीराज) कई रात सोए नहीं और रामलला की मूर्ति बनाने में तल्लीन रहे। ऐसे भी दिन थे जब हम मुश्किल से बात करते थे और वह परिवार को भी मुश्किल से समय देते थे। अब ट्रस्ट की सूचना से सारी मेहनत की भरपाई हो गई है।’

पिती से सीखीं मूर्तिकला की बारीकियां
योगीराज के भाई सूर्यप्रकाश ने कहा कि यह परिवार के लिए एक यादगार दिन है। उन्होंने कहा, “योगीराज ने इतिहास रचा है और वह इसके हकदार थे। यह उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण है जो उन्हें इतनी ऊंचाइयों तक ले गया।” सूर्यप्रकाश ने कहा कि योगीराज ने मूर्तिकला की बारीकियां अपने पिता से सीखीं। वह बचपन से इसे लेकर उत्सुक थे। योगीराज की माता सरस्वती ने संवाददाताओं से कहा कि यह बहुत ही हर्ष की बात है कि उनके बेटे द्वारा निर्मित मूर्ति का चयन किया गया है। उन्होंने कहा, ”जब से हमें यह खबर मिली है कि अरुण द्वारा बनाई गई मूर्ति का चयन (स्थापना के लिए) किया गया है, हम बहुत खुश हैं। हमारा पूरा परिवार प्रसन्न है।”

मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को अयोध्या में घोषणा की थी कि नई मूर्ति में भगवान राम को पांच साल के बच्चे के रूप में खड़ी मुद्रा में दर्शाया गया है और कहा कि इसे 18 जनवरी को ‘गर्भगृह’ में ‘आसन’ पर विराजमान किया जाएगा। रामलला की मूर्ति चुने जाने की सूचना जैसे ही बहार आई पड़ोसियों और कुछ नेताओं ने योगीराज के परिवार से मुलाकात की और उनके बेटे की प्रशंसा के रूप में सरस्वती को माला भेंट की। योगीराज ने ही केदारनाथ में स्थापित आदि शंकराचार्य की मूर्ति और दिल्ली में इंडिया गेट के पास स्थापित की गई सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा बनाई है।

मूर्ति बनाने में आई चुनौतियों पर क्या बोले योगीराज?
योगीराज ने रामलला की नई मूर्ति बनाने में आई चुनौतियों के बारे में कहा, ‘‘मूर्ति एक बच्चे की बनानी थी, जो दिव्य हो, क्योंकि यह भगवान के अवतार की मूर्ति है। जो भी कोई मूर्ति को देखें उसे दिव्यता का एहसास होना चाहिए।” प्रख्यात मूर्तिकार ने कहा, ”बच्चे जैसे चेहरे के साथ-साथ दिव्य पहलू को ध्यान में रखते हुए मैंने लगभग छह से सात महीने पहले अपना काम शुरू किया था। मूर्ति के चयन से ज्यादा मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि ये लोगों को पसंद आनी चाहिए। सच्ची खुशी मुझे तब होगी जब लोग इसकी सराहना करेंगे।”

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Delhi

12 कॉलेजों के लिए Delhi सरकार ने जारी किए 100 करोड़, बजट में तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी

Published

on

Delhi सरकार ने Delhi विश्वविद्यालय के 12 कॉलेजों को 100 करोड़ रुपये दिए। उच्च शिक्षा मंत्री आतिशी ने दूसरी तिमाही में कॉलेजों के लिए पैसे मंजूर किए।

दिल्ली सरकार ने वर्ष 2024-25 में कॉलेजों की मदद के लिए 400 करोड़ रुपये अलग रखे हैं। यह केजरीवाल के दिल्ली का नेता बनने से पहले मिलने वाले पैसे से तीन गुना ज़्यादा है।

लोगों को कॉलेज जाने की सुविधा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी संभालने वाली आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार के लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। वे हर साल बजट में शिक्षा के लिए काफ़ी पैसे अलग रखते हैं।

कुछ कॉलेजों में पैसे के प्रबंधन को लेकर समस्याएँ रही हैं। लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इन गलतियों से उन कॉलेजों के शिक्षक और छात्र प्रभावित न हों। इसलिए, वे शिक्षकों को चिकित्सा और पेंशन लाभ दिलाने में मदद करने के लिए 100 करोड़ रुपये दे रहे हैं, जो वित्तीय समस्याओं के कारण उन्हें नहीं मिल पा रहे थे।

सरकार ने 2014-15 में कॉलेजों को 132 करोड़ रुपये दिए थे और अब वे इस वर्ष लगभग 400 करोड़ रुपये दे रहे हैं, जो कि तीन गुना से भी अधिक है।

author avatar
Editor Two
Continue Reading

Delhi

Delhi में दो तीन दिन बारिश होने के आसार, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

Published

on

आज थोड़ी बारिश हो सकती है और फिर मंगलवार और बुधवार को Delhi में और बारिश होगी। बादल भी छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।

मौसम विभाग ने कहा है कि आज थोड़ी बारिश हो सकती है (Green Alert), और कल और परसों थोड़ी और बारिश हो सकती है (पीला अलर्ट)। लेकिन कभी-कभी मौसम विभाग मानसून के मौसम में बारिश के बारे में हमेशा सही नहीं होता है। हमें यह पक्का पता नहीं चल पाएगा कि अगले दो दिनों के बारे में वे सही हैं या नहीं, जब तक कि वे दिन वास्तव में न आ जाएं।

आज, सुबह सूरज निकला और बहुत गर्मी और चिपचिपाहट महसूस हो रही है। न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस था और बाद में यह 36 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो सकता है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक बहुत बारिश होगी, फिर उसके बाद दो दिनों तक थोड़ी बारिश होगी। लेकिन सप्ताहांत में, हमारे पास फिर से बहुत बारिश होगी और वे चाहते हैं कि हम सावधान रहें। यह थोड़ा ठंडा भी होगा, जिसमें अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

author avatar
Editor Two
Continue Reading

Delhi

स्पेस Startups को बढ़ावा देने के लिए कदम, फंडिंग की कमी दूर करने टैक्स में रियायत देने स्किल डेवलपमेंट बढ़ावा देने जैसे दिए सुझाव

Published

on

वित्त मंत्री ने बजट में Startups नामक नए व्यवसायों की मदद के लिए कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने उन्हें 2025 तक बिना कर चुकाए अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए और समय दिया। हालाँकि, इन लाभों के बावजूद, पिछले दो वर्षों में कम नए Startups आए हैं और उनमें कम पैसा लगाया गया है। Startups इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे नए विचार लेकर आते हैं जो चीजों को बेहतर और सस्ता बनाते हैं।

उन्हें बढ़ने में मदद करने के लिए, विशेषज्ञ उन्हें अधिक पैसा देने, कर में छूट देने और नए कौशल सीखने और शोध करने के लिए सहायता देने जैसी चीजों का सुझाव देते हैं। अंतरिक्ष उद्योग में स्टार्टअप्स की मदद करने के लिए कुछ सुझाव भी दिए गए हैं, जिसमें कुछ हिस्सों पर करों को हटाकर और उन्हें और चीजें बनाने के लिए प्रोत्साहन देना शामिल है। स्पेस एसोसिएशन ने सिफारिश की है कि अंतरिक्ष परियोजनाओं के लिए आवश्यक कुछ हिस्सों पर कर नहीं लगाया जाना चाहिए, जैसे कि वर्तमान में उपग्रहों को लॉन्च करने पर कर नहीं लगाया जाता है। ये बदलाव भारत में अंतरिक्ष उद्योग को बढ़ने और अधिक सफल होने में मदद कर सकते हैं।

आईएसपीए चाहता है कि सरकार अंतरिक्ष यान के लिए विशेष हिस्से बनाने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन दे, जैसे वे ड्रोन बनाने वाली कंपनियों को देते हैं। उनका मानना ​​है कि इससे अधिक कंपनियों को भारत में ये हिस्से बनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और दूसरे देशों से अधिक पैसा आएगा। भारत में 400 से ज़्यादा नई कंपनियाँ हैं जो अंतरिक्ष के लिए चीज़ें बनाना चाहती हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए पैसे की ज़रूरत है। विदेशी कंपनियों के लिए उनमें निवेश करना आसान बनाने से उन्हें पैसे बचाने में मदद मिलेगी।

आईएसपीए अलग-अलग राज्यों में अंतरिक्ष औद्योगिक पार्क बनाना चाहता है और कई निजी कंपनियाँ इन परियोजनाओं में निवेश करने में दिलचस्पी रखती हैं। वे अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए ज़रूरी उपकरणों के आयात पर कर में छूट और छूट की माँग कर रही हैं।

डीप टेक इकोसिस्टम मजबूत करने की जरूरत
मनोज अग्रवाल मुतबिक सरकार को भारत में हाई-टेक स्टार्टअप की मदद के लिए और ज़्यादा काम करना चाहिए। उनका मानना ​​है कि इन स्टार्टअप को शोध और विकास के लिए बहुत ज़्यादा पैसे की ज़रूरत होती है, लेकिन जब वे अभी शुरुआत कर रहे होते हैं तो निवेश पाना मुश्किल हो सकता है। उन्हें लगता है कि सरकार को हाई-टेक स्टार्टअप का समर्थन करने के इच्छुक निवेशकों की मदद के लिए एक विशेष कोष बनाना चाहिए।

टैक्स में छूट की मांग
श्रीजय शेठ, जिन्होंने एक ऐसी कंपनी शुरू की है जो नए व्यवसायों को कानूनी मदद देती है, का मानना ​​है कि स्टार्टअप चाहते हैं कि सरकार कर नियमों में सुधार करे ताकि वे अधिक पैसे बचा सकें। अनिरुद्ध दमानी, जो नए व्यवसायों में निवेश करने वाले एक फंड को चलाते हैं, का मानना ​​है कि सरकार स्टार्टअप को बढ़ने में मदद करने के लिए कुछ करेगी। एक चीज जो वे कर सकते हैं, वह है ऐसे कर से छुटकारा पाना जो स्टार्टअप के लिए चुकाना मुश्किल है।

नेहा सिंह और मनोज अग्रवाल का मानना ​​है कि लोगों के लिए नए व्यवसायों में पैसा लगाना आसान बनाना महत्वपूर्ण है। उन्हें लगता है कि सरकार को कर कानूनों में बदलाव करना चाहिए ताकि निवेशकों के लिए स्टार्टअप का समर्थन करना अधिक आकर्षक हो। उन्हें उम्मीद है कि आगामी बजट में कर प्रणाली को सरल बनाने और नई कंपनियों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने के उपाय शामिल होंगे। वे यह भी उल्लेख करते हैं कि अन्य देश स्टार्टअप का समर्थन करने वाले निवेशकों को कर लाभ प्रदान करते हैं, और उन्हें लगता है कि भारत को भी व्यवसायों में अधिक लोगों को निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ऐसा ही करना चाहिए।

एंजल टैक्स से छुटकारा पाना और घर बेचने से होने वाले लाभ पर कर न लगाना स्टार्टअप को बढ़ने में मदद करेगा। कर्मचारी स्टॉक विकल्पों के स्थान पर स्टॉक बेचने से प्राप्त धन पर कर लगाने से अधिक लोगों के लिए स्टॉक विकल्प प्राप्त करना आसान हो जाएगा और स्टार्टअप्स को प्रतिभाशाली कर्मचारियों को नियुक्त करने में मदद मिलेगी।

author avatar
Editor Two
Continue Reading

Trending