बॉयकॉट से मालदीव की इकोनॉमी को लगेगा तगड़ा झटका, टूरिज्म के साथ इनपर भी होगा असर - Early News 24

बॉयकॉट से मालदीव की इकोनॉमी को लगेगा तगड़ा झटका, टूरिज्म के साथ इनपर भी होगा असर

बॉयकॉट से मालदीव की इकोनॉमी को लगेगा तगड़ा झटका, टूरिज्म के साथ इनपर भी होगा असर

बिजनेस डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में लक्षद्वीप ट्रिप पर नजर आए, जिसके बाद से मालदीव में गर्मी का महौल है। दरअसल, पीएम मोदी की ट्रिप के बाद मालदीव के कुछ मंत्रियों ने भारत सरकार और पीएम मोदी के बारे में कुछ अपमानजनक टिप्पणी की थी जिसके बाद मालदीव सरकार ने रविवार को ही उन मंत्रियों को सस्पेंड कर दिया लेकिन मालदीव के मंत्रियों की हरकत का हर्जाना अब पूरे देश को भुगतना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर वहां की इकॉनमी पर पड़ेगा।

मालदीव के नेताओं की टिप्पणी के बाद भारत की एक बड़े ऑनलाइन ट्रेवल एजेंट ने मालदीव की सभी फ्लाइट्स की बुकिंग को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी बॉयकॉट मालदीव तेजी से ट्रेंड कर रहा है। ऐसे में अगर भारतीय पर्यटकों ने मालदीव की तरफ जाना छोड़ दिया तो उनकी इकॉनमी को महंगा पड़ना तय है, क्योंकि वहां सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक भारत से ही पहुंचते हैं। वहीं, टूरिज्म के अलावा भी मालदीव कई मायनों में भारत पर भी निर्भर है।

लाखों की संख्या में मालदीव जाते हैं भारतीय
मालदीव की टूरिज्म मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 के दौरान कुल 17.58 लाख विदेशी पर्यटक मालदीव पहुंचे थे। उनमें से सबसे ज्यादा भारतीय पर्यटक थे। इसके बाद रूसी पर्यटक का स्थान है। पिछले साल 13 दिसंबर तक कुल 2,09,198 भारतीय पर्यटक मालदीव पहुंचे जबकि वहां इसी तारीख तक 2,09,146 रूसी पर्यटक पहुंचे थे। तीसरे स्थान पर चीन था जिसके 1,87,118 पर्यटकों ने मालदीव का भ्रमण किया था। अब अगर भारतीय पर्यटक वहां पहुंचना रोक देते हैं तो आप समझ सकते हैं कि वहां की इकॉनमी पर कितना असर पड़ेगा।

चावल, फल मसाले हो जाएंगे बंद!
मालदीव भारत 2021 में मालदीव के तीसरे सबसे बड़े व्यापार भागीदार के रूप में उभरा। मालदीव से भारत मुख्य रूप से स्क्रैप धातुएं आयात करता है जबकि भारत मालदीव को विभिन्न प्रकार के इंजीनियरिंग और औद्योगिक उत्पाद जैसे फार्मास्यूटिकल्स, रडार उपकरण, रॉक बोल्डर, सीमेंट निर्यात करता है। इसमें कृषि उत्पाद जैसे चावल, मसाले, फल, सब्जियां और पोल्ट्री उत्पाद भी शामिल हैं।

टूरिज्म ही नहीं, भारत पर इस चीज के लिए भी निर्भर है मालदीव
मालदीव की अर्थव्यवस्था अपने टूरिज्म पर बहुत ज्यादा निर्भर है जो कि विदेशी मुद्रा आय और सरकारी राजस्व का बड़ा सोर्स है। टूरिज्म सीधे तौर पर मालदीव की जीडीपी का लगभग चौथाई हिस्सा है और परोक्ष रूप से जीडीपी का बहुत बड़ा हिस्सा है। अगर रोजगार की बात करें तो मालदीव के लोगों के लिए पर्यटन ही सबसे बड़ा आधार है। रोजगार में टूरिज्म का योगदान एक तिहाई से ज्यादा है। अगर इससे जुड़े क्षेत्रों को शामिल करें तो कुल रोजगार में पर्यटन का योगदान करीब 70 फीसदी तक है।

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