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BJP ने फिर रची किसानों को बर्बाद करने की साजिश, Modi-Trump के बीच क्या समझौता हुआ जनता को बताए केंद्र सरकार: तलबीर गिल

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता तलबीर गिल ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार एक बार फिर देश के अन्नदाता के खिलाफ साजिश रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की मेहनत और भविष्य को दांव पर लगाकर कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की तैयारी में है।

बुधवार को आप नेता गुरप्रताप सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तलबीर गिल ने कहा कि भाजपा सरकार इससे पहले भी तीन काले कृषि कानून किसानों पर थोपने की कोशिश कर चुकी है, जिसका पंजाब सहित पूरे देश के किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर डटकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उस ऐतिहासिक आंदोलन में शायद ही कोई ऐसा किसान परिवार रहा हो जो शामिल न हुआ हो।

तलबीर गिल ने कहा कि भाजपा सरकार ने हर संभव कोशिश की कि किसी तरह किसानी को खत्म किया जा सके, लेकिन किसानों की एकता और संघर्ष के आगे उसे झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज हालात एक बार फिर वैसे ही बनते नजर आ रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बेहद हैरानी की बात है कि देश से जुड़ी अहम डील पर जानकारी जनता को नहीं, बल्कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट से मिल रही है और प्रधानमंत्री मोदी उनका स्वागत कर रहे हैं। गिल ने पूछा कि आखिर मोदी सरकार पर्दे के पीछे ऐसी कौन-सी डील कर रही है, जिसे देश की जनता से छुपाया जा रहा है?

तलबीर गिल ने मांग की कि इस समझौते को तुरंत सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने आशंका जताई कि यह गुप्त समझौता एक बार फिर उन्हीं ‘काले कानूनों’ की वापसी की ओर इशारा कर रहा है, जो किसानों के अस्तित्व को खत्म करने की सोची-समझी साजिश थे।

भाजपा पर हमला तेज करते हुए गिल ने कहा कि मोदी सरकार का एकमात्र लक्ष्य अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाना है। भाजपा दिन-रात मेहनत करने वाले किसानों की कीमत पर बड़े-बड़े कारपोरेट घरानों की तिजोरियां भरने की साजिश रच रही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह समझौता लागू होता है, तो यह देश की फसलों और किसानी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला साबित होगा। तलबीर गिल ने पंजाब और देश की जनता से अपील की कि अब समय आ गया है कि सभी लोग एकजुट होकर भाजपा की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों।

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