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भयंकर गर्मी में पब्लिक को राहत, पंजाब में बिना रुके मिलेगी 24 घंटे बिजली, भगवंत मान के ‘मिशन रोशन’ से बदली तस्वीर

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गर्मी बढ़ने के कारण बिजली की मांग में तेज और अचानक वृद्धि को देखते हुए भगवंत मान सरकार ने पूरे पंजाब में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं. बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि भले ही पंजाब में बिजली की मांग दस दिनों के भीतर 7,900 मेगावाट से बढ़कर 12,000 मेगावाट से अधिक हो गई है, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि राज्य में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.

 

मिशन रोशन के तहत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बिजली ढांचे के सुधार परियोजनाओं और गैर-योजनाबद्ध आउटेज में लगभग 70 प्रतिशत की कमी के साथ पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ग्रिड स्थिरता बनाए रखने में सफल रहा है, वह भी ऐसे समय में जब देश के कई हिस्से बिजली की कमी से जूझ रहे हैं. इससे पंजाब गर्मियों में बिजली की चरम मांग के प्रबंधन में अग्रणी राज्यों की कतार में शामिल हो गया है.

पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि भगवंत मान सरकार ने वर्तमान गर्मी के मौसम के दौरान बिजली की मांग में अचानक वृद्धि से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं और भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है. उन्होंने कहा कि पीएसपीसीएल वर्तमान गर्मी के मौसम के दौरान बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने और पूरे राज्य में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

बिजली मंत्री ने मांग में हाल ही में हुई वृद्धि पर बात करते हुए कहा कि अचानक गर्मी बढ़ने के कारण पिछले कुछ दिनों में पंजाब में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है. राज्य में बिजली की मांग 15 अप्रैल को लगभग 7,900 मेगावाट से बढ़कर 25 अप्रैल तक 12,000 मेगावाट से अधिक हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है.

पंजाब की तैयारियों पर जोर देते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस अचानक वृद्धि के बावजूद पीएसपीसीएल ने समय पर योजना, मजबूत बुनियादी ढांचे और अग्रिम बिजली प्रबंधन के माध्यम से मांग को सफलतापूर्वक संभालते हुए ग्रिड स्थिरता बनाए रखी है.

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने देशभर की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है और देश ने 24 अप्रैल को 252 गीगावाट की सर्वाधिक मांग दर्ज की, जबकि उपलब्ध आपूर्ति लगभग 239 गीगावाट थी, जिससे 13 गीगावाट की कमी उत्पन्न हुई. कई राज्य बिजली की कमी और कटौती का सामना कर रहे हैं, लेकिन सक्रिय योजना के कारण पंजाब की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है.

मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान ने बिजली मंत्री और पीएसपीसीएल की पूरी टीम को निर्देश दिए हैं कि बिजली कटौती के कारण लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, जिसके तहत सभी विभाग मिशन मोड में काम कर रहे हैं.

अन्य राज्यों के साथ बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से 1,500 से 2,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली के लिए बातचीत आगामी चरण में है. वर्ष 2025 की बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुए राज्य के हाइडल प्लांटों को बहाल किया जा रहा है, जिससे जल्द ही लगभग 300 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होने की उम्मीद है.

राज्यों और निजी स्रोतों से अतिरिक्त खरीद के माध्यम से लगभग 1,500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आपूर्ति का रास्ता साफ हुआ है. इसके अलावा पंजाब केंद्र सरकार के पावर पूल से 2,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है. बिजली प्राप्त करने के लिए प्रतिस्पर्धी अल्पकालिक टेंडर जारी किए गए हैं.

अधिक बिजली उपलब्धता को प्रोत्साहित करने के लिए दो महीनों के लिए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक व्हीलिंग चार्ज और क्रॉस सब्सिडी में छूट दी जा रही है. बुनियादी ढांचे की मजबूती पर प्रकाश डालते हुए कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि मिशन रोशन पंजाब के तहत पूरे राज्य में बिजली ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक निवेश किया जा रहा है.

पूरे किए गए और चल रहे प्रमुख कार्यों में 70 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, 200 मौजूदा सब-स्टेशनों का अपग्रेडेशन, 8,000 वितरण ट्रांसफार्मरों (डीटी) की स्थापना/अपग्रेडेशन, ओवरलोडिंग से संबंधित समस्याओं को कम करने के लिए 688 फीडरों को पहले ही डी-लोड किया जा चुका है, लगभग 41,000 नए डीटी स्थापित किए गए हैं और 8,380 डीटी का अपग्रेडेशन किया गया है, 7 नए 66 केवी सब-स्टेशन चालू किए गए हैं और 82 पावर ट्रांसफार्मर पूरी तरह पूर्ण किए जा चुके हैं.

सिस्टम की विश्वसनीयता के बारे में उन्होंने कहा कि पीएसपीसीएल ने पिछले वर्ष की तुलना में गैर-योजनाबद्ध बिजली आउटेज में भी काफी कमी की है. अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक यह लगभग 70 प्रतिशत घटकर वर्ष 2025 में 13,271 से घटकर 2026 में 3,974 रह गई है, जो बुनियादी ढांचे की मजबूती के प्रभाव को दर्शाता है.

पीएसपीसीएल की टीमें गर्मियों के मौसम के दौरान घरेलू, कृषि, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं. लोगों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने अंत में कहा कि पीएसपीसीएल बढ़ती मांग की चुनौती का सामना करने और राज्य भर में गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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