स्कूल हॉस्टल में फंदे से लटका मिला पांचवीं के छात्र का शव, प्रबंधक, प्रधानाचार्य सहित चार के खिलाफ पिता ने दर्ज कराई हत्या की रिपोर्ट - Early News 24

स्कूल हॉस्टल में फंदे से लटका मिला पांचवीं के छात्र का शव, प्रबंधक, प्रधानाचार्य सहित चार के खिलाफ पिता ने दर्ज कराई हत्या की रिपोर्ट

स्कूल हॉस्टल में फंदे से लटका मिला पांचवीं के छात्र का शव, प्रबंधक, प्रधानाचार्य सहित चार के खिलाफ पिता ने दर्ज कराई हत्या की रिपोर्ट

गोला गोकर्णनाथ (खीरी): नगर से सटे कोटवारा रोड बोर्डिंग स्कूल सिल्वर सिटी एकेडमी में पांचवीं के छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने पूछताछ के लिए एक कर्मचारी को हिरासत में लिया है।

हॉस्टल में ही पंखे के कुंडे से लटका मिला शव
भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम भवानीपुर निवासी मनोज कुमार के पुत्र गौरव राज और सुमित राज सिल्वर सिटी एकेडमी के छात्रावास में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। रविवार की रात 5वीं के छात्र गौरव (12) का शव मफलर से हॉस्टल में ही पंखे के कुंडे से लटका मिला। हॉस्टल के वार्डेन ने गौरव के छोटे भाई सौरभ से परिवार को सूचना देने को कहा। परिजन रात में ही विद्यालय पहुंचे तो उन्हें सौरभ का शव बेड पर पड़ा मिला। हैदराबाद थाना पुलिस ने रात में ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। वहां से शव गांव पहुंचा तो परिजन विद्यालय प्रबंधन पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करने लगे। मामला बिगड़ता देख कई थानों की पुलिस भवानीपुर गांव पहुंच गई।

प्रबंधक, प्रधानाचार्य सहित चार के खिलाफ पिता ने दर्ज कराई हत्या की रिपोर्ट
मृतक के पिता मनोज कुमार की तहरीर पर विद्यालय के प्रबंधक हरमोहन सिंह, प्रधानाचार्य सर्वजीत सिंह, रात्रि ड्यूटी कर्मचारी सुरवीर और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई तब शव का अंतिम संस्कार किया गया।

बच्चे की मौत से दुखी हूं, आरोप निराधार है: स्कूल प्रबंधक
सिल्वर सिटी एकेडमी स्कूल के प्रबंधक हरमोहन खुराना का कहना है कि रविवार की शाम उन्होंने बच्चों के साथ सत्संग किया। फिर बच्चों के साथ रात 8 बजे तक टीवी देखी। फिर सभी सोने चले गए। पता नहीं, यह घटना कैसे हो गई। उनका कहना है कि सर्दी के कारण स्कूल में छुट्टी थी तो गौरव के परिजनों से भी कहा गया था कि बच्चों को घर ले जाएं, पर प्रशासन दो-दो दिन छुट्टियां बढ़ा रहा था तो उनके परिजनों ने कहा की दो दिनों के लिए बच्चों को यहीं रहने दो। दो दिन के लिए घर क्या ले जाएं। बच्चे मौत से पर वह बेहद दुखी है। अन्य सभी आरोप निराधार हैं।

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