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बेंगलुरु, मुंबई समेत देश के कई शहरों में LPG सिलेंडर का संकट; केंद्र सरकार का आया जवाब

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बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई में होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की संस्थाओं ने मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच सप्लाई में रुकावट की वजह से कमर्शियल कुकिंग गैस सिलेंडर की कमी की बात कही है। वहीं, केंद्र ने तेल रिफाइनरियों को लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश दिया है।

इस रुकावट ने मुंबई और बेंगलुरु में कामकाज पर असर डालना शुरू कर दिया है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद चल रहे मिडिल ईस्ट संघर्ष की वजह से ग्लोबल सप्लाई में रुकावटों के बीच होटल और रेस्टोरेंट कुकिंग गैस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

चेन्नई में होटल एसोसिएशन ने जताई चिंता

चेन्नई में होटल एसोसिएशन ने कहा कि स्थिति अब और भी गंभीर हो गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एम रवि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक लेटर में कहा, “फूड इंडस्ट्री कई अस्पतालों के लिए 24 x 7 काम करती है, जिन्हें समय पर खाना सप्लाई करने की जरूरत होती है। इसके अलावा, आईटी पार्क, कॉलेज हॉस्टल के स्टूडेंट्स, ट्रेन और बिजनेस ट्रैवलर्स सभी पर असर पड़ेगा, अगर कमर्शियल LPG की सप्लाई में रुकावट आती है।”

केंद्र सरकार का आदेश

केंद्रीय मंत्रालय की ओर से एलपीजी कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि फिलहाल 19, 47.5 व 425 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडरों की रिफिलिंग बंद रखी जाए। घरेलू एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।

वहीं, एनआरएआई ने कहा कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि सरकार ने साफ किया है कि रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर कोई बैन नहीं है। लेकिन, जमीनी हालात अलग हैं। सप्लायर इसे सप्लाई करने में असमर्थता जता रहे हैं। इससे रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और बदले में नागरिकों के लिए जरूरी सर्विस के तौर पर खाने की सप्लाई पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। 

पुणे में श्मशान घाट बंद

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे एलपीजी पार्ट्स के इस्तेमाल पर रोक के बाद शहर के गैस श्मशान घाटों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है।

वहीं, रेस्तरां मालिकों का कहना है कि रविवार से कमर्शियल एलपीजी सप्लाई काफी हद तक बंद हो गई है, जबकि घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी में बुकिंग के बाद दो से आठ दिन तक की देरी हो रही है।

कड़े किए गए नियम

मौजूद स्टॉक को बढ़ाने के लिए, तेल कंपनियों ने रीफिल के नियम कड़े कर दिए हैं। कस्टमर अब पिछली डिलीवरी के 21-25 दिन बाद ही नया घरेलू सिलेंडर ऑर्डर कर सकते हैं। डिलीवरी एजेंट्स ने जमाखोरी और दूसरी जगह भेजने से रोकने के लिए ओटीपी या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करना भी शुरू कर दिया है। इस बीच, कमर्शियल सप्लाई पर ज्यादा असर पड़ रहा है।

कहां-कहां लगाई गईं पाबंदियां

पंजाब

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 8 मार्च को पूरे पंजाब में नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी सिलेंडर भेजना रोक दिया। इस रोक में 19 किग्रा. के कमर्शियल पैक और बड़े इंडस्ट्रियल सिलेंडर शामिल हैं। डिस्ट्रीब्यूटर्स को सलाह दी गई है कि वे 25 दिन के समय से पहले किसी भी रिफिल बुकिंग को मना कर दें।

हिमाचल प्रदेश

औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ सहित हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक है। यहां पैकेजिंग, फार्मा, गत्ता निर्माण, फूड प्रोसेसिंग और अन्य कई उद्योगों में प्रतिदिन हजारों व्यावसायिक सिलिंडरों का उपयोग होता है।

इसके साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और फूड आउटलेट्स में भी 19 किलो के व्यावसायिक सिलेंडर इस्तेमाल किए जाते हैं। सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने से उद्योगों और कारोबारियों के सामने उत्पादन और सेवाएं जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश

यूपी के कानपुर में भी एलपीजी को लेकर ग्राहकों की परेशानी बढ़ने लगी है। ग्राहक एलपीजी की बुकिंग तो करा रहे हैं लेकिन कई दिन बाद भी उनके घर तक सिलिंडर नहीं पहुंच रहा है।

इस बीच एलपीजी की कालाबाजारी भी होने लगी है। जो लोगों एजेंसियों से सिलेंडर नहीं ले पाते हैं, उनको कालाबाजारी करने वाले 1400 से 1500 रुपये में सिलेंडर बेच रहे हैं। वहीं एलपीजी एजेंसियों का कहना है कि पर्याप्त संख्या में सिलेंडर उपलब्ध है।

वहीं, गाजियाबाद में भी व्यवसायिक गैस सिलेंडर में गैस भरने पर रोक लगा दी है। इस संंबंध में सभी गैस एजेंसी संचालकों को गैस कंपनियों की ओर से संदेश भेजा गया है।

झारखंड

झुमरीतिलैया में इंडेन गैस के वितरक रामपाल गैस एजेंसी के मैनेजर राजू अजमानी ने बताया कि कंपनियों द्वारा सॉफ्टवेयर अपडेट कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार अब उपभोक्ता 25 दिन बाद ही अगला सिलिंडर प्राप्त कर सकेंगे।

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