Connect with us

Delhi

यह कैसा राम राज्‍य, जहां 90 प्रतिशत लोगों को रोजगार नहीं मिल सकता : राहुल गांधी

Published

on

नेशनल डेस्क: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ‘राम राज्‍य’ की परिकल्‍पना को साकार करने का दावा करने वाली केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि यह कैसा राम राज्‍य है जहां कुल आबादी में लगभग 90 फीसद हिस्‍सेदारी रखने वाले पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और अल्‍पसंख्‍यकों को रोजगार नहीं मिल सकता। अपनी ‘भारत जोड़ो न्‍याय यात्रा’ के तहत कानपुर पहुंचे राहुल ने शहर स्थित घंटाघर चौराहे पर एक जनसभा को सम्‍बोधित करते हुए मोदी सरकार पर देश की आबादी में करीब 90 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी रखने वाले पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और अल्‍पसंख्‍यकों के साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया।

‘यह कैसा राम राज्य है’
उन्‍होंने कहा, ”देश में 50 प्रतिशत आबादी पिछड़े वर्गों की है, दलित 15 प्रतिशत, आठ प्रतिशत आदिवासी और अल्‍पसंख्‍यक 15 प्रतिशत हैं। आप जितना चिल्लाना चाहते हैं चिल्लाएं लेकिन इस देश में आपको रोजगार नहीं मिल सकता। आप पिछड़े, दलित, आदिवासी या गरीब सामान्य वर्ग के हैं तो आपको रोजगार नहीं मिल सकता। (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी जी नहीं चाहते कि आप लोगों को रोजगार मिले।” पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा, ”यह कैसा राम राज्य है जिसमें 90 प्रतिशत लोगों को रोजगार नहीं मिल सकता। लोग भूखे मर रहे हैं। मीडिया में बड़े-बड़े उद्योगों में आपका कोई नहीं है। किसी संस्था में आपका कोई नहीं। नौकरशाही में आपका कोई नहीं।”

प्राण प्रतिष्‍ठा में कितने लोग पिछड़े वर्ग के थे
राहुल ने गत 22 जनवरी को अयोध्‍या में हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी पिछड़े, दलित और आदिवासी वर्गों की उपेक्षा का आरोप लगाया और कहा, ”आपने प्राण प्रतिष्‍ठा का कार्यक्रम देखा। उसमें कितने लोग पिछड़े वर्ग के थे, दलित और आदिवासी कितने थे। आदिवासी राष्ट्रपति (द्रौपदी मुर्मु) को भी नहीं बुलाया गया। ” राहुल ने जातिवार गणना पर जोर देते हुए कहा, ”हमने कहा है कि हिंदुस्तान की प्रगति के लिए सबसे बड़ा क्रांतिकारी कदम जातिवार जनगणना है। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जातिवार जनगणना के बाद आर्थिक सर्वे और वित्तीय सर्वे करके हम पता लगाएंगे कि दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के हाथ में कितना पैसा है।”

अडाणी-अंबानी जैसे लोग राज कर रहे
उन्‍होंने आरोप लगाते हुए कहा, ”देश का पूरा का पूरा धन दो तीन प्रतिशत लोगों के हाथ में है। अडाणी, अंबानी, टाटा, बिड़ला…. यह दो-तीन प्रतिशत लोग आप पर राज कर रहे हैं। नए हिंदुस्तान के महाराजा हैं यह लोग…. और जो प्रजा है वह भटकती है! कभी आप लोगों के पेपर लीक हो जाते हैं, कभी आपको नौकरी से निकाला जाता है, आप पर जीएसटी लागू होती है, नोटबंदी लागू होती है, आपकी सरकारी भर्तियां नहीं होती। आपका जो सेना में जाने का रास्ता था वह भी इन्होंने (मोदी सरकार) अग्निवीर योजना से बंद कर दिया है।”

यह देश भाईचारे का है, मोहब्बत का है
राहुल गांधी ने कहा, ”हम सब जानते हैं कि यह देश नफरत का नहीं है। इसका इतिहास नफरत का नहीं है, इसके धर्म नफरत के नहीं हैं, इसकी भाषा नफरत की नहीं है, यह देश भाईचारे का है, मोहब्बत का है, एक दूसरे की इज्जत करने का है।” इससे पहले, राहुल की यात्रा उन्‍नाव पहुंची। इस दौरान सोहरामऊ से उन्‍नाव के बीच उन्‍होंने सड़क पर खडे़ लोगों का बस से ही हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उन्‍नाव शहर से निकलने के बाद और शुक्‍लागंज पहुंचने से पहले राहुल का काफिला अकरमपुर के पास कुछ देर के लिए रुका जहां उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से भेंट की।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Delhi

CM Kejriwal को जमानत देते समय ASG राजू ने हाई कोर्ट से क्या कहा

Published

on

दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में CM Kejriwal की जमानत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार 21 जून को नया मोड़ ले लिया, जिसके चलते जमानत निलंबित कर दी गई है| एक दिन पहले रात 8 बजे रोज एवेन्यू कोर्ट ने CM Kejriwal को 1 लाख रुपये के निजी मुचलके और कुछ शर्तों पर जमानत दे दी थी| ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की| पीएमएलए की धारा 45 का जिक्र करते हुए ईडी के वकील ने कहा कि यह धारा सरकारी वकील को जमानत देने से इनकार करने का अधिकार देती है, लेकिन राउज एवेन्यू कोर्ट को यह मौका नहीं दिया गया |

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) की धारा 45 के तहत, सरकारी अभियोजक को जमानत पर रोक के लिए आवेदन करने का अधिकार है लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। सरकारी वकील की अर्जी खारिज कर दी गई है| राऊज़ एवेन्यू कोर्ट ने जमानत पर 48 घंटे की रोक के प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध को खारिज कर दिया।

एसवी राजू ने कहा, ‘मैं जमानत पर रोक लगाने का अनुरोध करता हूं| जमानत आदेश कल रात पारित किया गया था, लेकिन अभी तक अदालत की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है। हमें जमानत पर रोक लगाने की गुहार लगाने का मौका भी नहीं दिया गया| अरविंद केजरीवाल के वकील ने भी बहस पूरी नहीं की और मुझे आधे घंटे के भीतर जल्दी से दलीलें पेश करने का निर्देश दिया गया| मेरे पास इतना कम समय था कि मैं लिखित आवेदन भी नहीं दे सका। यह अस्वीकार्य है।’

CM Kejriwal को किन शर्तों पर मिली जमानत?

अरविंद केजरीवाल के वकील ऋषिकेश कुमार ने बताया कि 1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी गई है. उन्होंने कहा, ‘जमानत आदेश राउज एवेन्यू कोर्ट ने रात 8 बजे जारी किया. जमानत की कार्यवाही शुक्रवार सुबह पूरी हो जाएगी और दोपहर में अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आ जाएंगे. यह देश और आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं की बड़ी जीत है ।

कोर्ट ने जमानत के साथ यह शर्त भी रखी है कि अरविंद केजरीवाल जांच में बाधा डालने या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे| उनसे जांच में सहयोग करने और जरूरत पड़ने पर अदालत में पेश होने को भी कहा गया है |

author avatar
Editor Two
Continue Reading

Delhi

Delhi के वीआईपी एरिया लुटियन जोन में भी पानी को लेकर मच रहा हाहाकार

Published

on

देश की राजधानी Delhi में पानी की कितनी किल्लत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वीआईपी क्षेत्र माने जाने वाले लुटियन जोन में भी पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। सीएम अरविंद केजरीवाल के विधानसभा क्षेत्र गोल मार्केट, संसद भवन, साउथ ब्लॉक से 1 किमी दूर गोल मार्केट के शहीद भगत सिंह मार्केट, शहीद भगत सिंह मार्ग, डॉक्टर्स लेन, पंचकुइयां रोड डबल स्टोरी टाइप वन तक में नलों से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। कहीं सीवर का डायरेक्ट पानी तो कहीं पर नलों से पीला पानी आ रहा है।

लोगों की शिकायत लेकर राजधानी नागरिक कल्याण समिति को एनडीएमसी अधिकारियों से संपर्क साधना पड़ा। नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल के अनुसार, सीवर के मैनहोल भरे होने के कारण 750 क्वार्टर्स के कई ब्लॉकों के घरों में काला पानी आने से लोग परेशान है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) कहती है कि इन्हें साफ करने का काम केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) का है। वहीं, शहीद भगत सिंह मार्केट, शहीद भगत सिंह मार्ग और डॉक्टर्स लेन में पीले रंग का पानी आने से घरों के आरओ भी बार-बार खराब हो रहे हैं।

लोगों को रात को बाल्टी भरके पानी रखना पड़ता है और जब सुबह मिट्टी नीचे बैठ जाती है तब वे पानी का इस्तेमाल कर पाते हैं। राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अनुसार, संजय कॉलोनी, विवेकानंद कॉलोनी, पंचकुइया रोड जैसी बस्ती में टैंकर के घुसते ही भगदड़ मच जाती है। टैंकर के नल से पानी लेने के बजाय चलते टैंकर पर दबंग लोग चढ़ जाते हैं। लोग टैंकरों में अपने-अपने पाइप डाल लेते हैं। ऐसे में वृद्ध, लाचार और दिव्यांग लोग पानी लेने के लिए तरसते रहते हैं। उन्हें पानी नहीं मिल पाता।

यह मामला आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली कैंट के विधायक वीरेंद्र कुमार कादयान के क्षेत्र का है। आया नगर और आसपास के इलाकों में भी लोग पानी के संकट से जूझ रहे हैं। यहां कुछ ब्लॉक तो ऐसे हैं, जहां कई-कई दिनों तक पानी नहीं आता है। गोल मार्केट में लोगों को पीने और नहाने-धोने के लिए पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। कल्याण समिति के अध्यक्ष के अनुसार, इन इलाकों में सरकारी टैंकर बहुत कम आते हैं। ऐसे में लोग प्राइवेट टैंकर से पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। प्राइवेट टैंकर वालों ने भी पानी के दाम बढ़ा दिए हैं, जो पानी पहले 600 रुपए में मिलता था अब 1 हजार रुपए में मिल रहा है।

टैंकर माफिया पर क्या कार्रवाई की भाजपा

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि यह शर्मनाक है कि दिल्ली के जल संकट को हल करने के बजाय जल मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज राजनीतिक नाटक कर रहे हैं। कपूर ने कहा, चौंकाने वाली बात है कि उचित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विधायकों की बैठकें बुलानी पड़ रही हैं। दिल्ली के लोग मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज से जानना चाहते हैं कि उन्होंने अपनी विधायक भावना गौड़ और पानी टैंकर माफिया का हिस्सा रहे उनके साथियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है।

author avatar
Editor Two
Continue Reading

Delhi

मोदी-शाह ने निवेशकों के 30 लाख करोड़ डुबोए, जेपीसी जांच होः Rahul

Published

on

कांग्रेस सांसद Rahul गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर शेयर मार्केट में घोटाले का आरोप लगाया। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल ने कहा- इन्हीं के द्वारा शेयर खरीदने की सलाह और फिर ‘झूठे एग्जिट पोल’ से बाजार में हाहाकार मचा। निवेशकों के 30 लाख करोड़ डूब गए। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच होनी चाहिए। Rahul ने दावा किया कि भाजपा को आंतरिक सर्वे में 220 सीट मिल रही थीं, लेकिन एग्जिट पोल में ज्यादा दिखाई गईं। तीन जून को शेयर मार्केट सारे रिकॉर्ड तोड़ देता है और 4 जून को खटाक से नीचे
चला जाता है।

Rahul ने 3 बड़े सवाल उठाए…

• पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देश की जनता को बाजार में निवेश करने की सलाह क्यों दी?

• पीएम और गृह मंत्री ने दोनों इंटरव्यू अदाणी के उन चैनल्स को दिए, जिनके ऊपर सेबी की जांच चल रही
है। ऐसे में उन चैनल्स का क्या रोल है|

•भाजपा, झूठे एग्जिट पोल वालों और मुनाफा कमाने वाले विदेशी निवेशकों के बीच क्या रिश्ता है?

Rahul से सवाल-जवाब

1. इस मामले में आप क्या कोर्ट जाएंगे या थाने में?

  • जो भी हुआ, वह नॉर्मल नहीं है। वित्त मंत्री, गृह मंत्री और पीएम ने अदाणी जी के चैनल के जरिए इंटरव्यू देकर बाजार में निवेश का मैसेज दिया था। इसके बाद ही लोगों ने निवेश किया था। अभी तो हम जेपीसी की मांग कर रहे हैं, ताकि लोगों को इस मामले में पता चल सके।
  • 2. जिनके शेयर ज्यादा खरीदे-बेचे गए। उनकी जांच चाहिए?
  • • स्कैम हुआ है। पीएम और गृहमंत्री ने सीधे कहा कि शेयर मार्केट ऊपर जाएगा। पीएम ने साफ कह दिया कि शेयर खरीदना चाहिए। जब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री इस तरह की बात करते हैं तो जनता का विश्वास बढ़ता है। इन्हें मालूम था कि 300-400 सीट का रिजल्ट नहीं है। फिर भी मार्केट अस्थिर करने की कोशिश की।
  • 3. क्या पीएम और गृहमंत्री पर स्कैम का आरोप लगा रहे हैं?
  • हवा में बात नहीं कर रहे। जांच होगी तो सब साफ- साफ पता चल जाएगा। इसके लिए गलत एग्जिट पोल चलाए गए। उन्हीं के लोगों ने इन्वेस्ट किया और उनको फायदा हुआ और बाकी लोगों को घाटा हुआ। इस मामले में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री डायरेक्ट इन्वॉल्व हैं।
  • 4. क्या अदाणी को फायदा दिलाने के लिए ऐसा किया?
    नहीं। अदाणी का कनेक्शन हो सकता है।
  • 5.हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना में आपकी सरकार है, क्या वहां के लोगों के लिए राज्य एजेंसियों से जांच करवाएंगे?
  • सोच सकते हैं, पर जेपीसी जांच सही औजार होगी।
  1. 6.केंद्र ने जेपीसी जांच नहीं कराई, तो आप क्या करेंगे?
  2. विपक्ष पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है। ऐसे में हम दबाव डालेंगे। इससे दूसरा नतीजा आएगा।
  3. 7.क्या हिंडनबर्ग मामले के साथ इसकी जांच चाहते हैं?
    ये अदाणी मामले से बड़ा केस है। हालांकि ये दोनों केस जुड़े हुए हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने शेयर खरीदने की सलाह दी थी। जो हुआ, इसके लिए ये जिम्मेदार हैं।
author avatar
Editor Two
Continue Reading

Trending