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Air India Plane Crash: आखिर क्यों Cutoff Position में थे Fuel Switche?

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एयर इंडिया फ्लाइट 171 की दुखद दुर्घटना की जांच में एक बड़ा सवाल सामने आया है: टेकऑफ के दौरान दोनों इंजन अचानक बंद क्यों हो गए? प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण था — कॉकपिट में लगे फ्यूल स्विचेज का “RUN” से “CUTOFF” पोजीशन में जाना। यह इतना गंभीर मामला है कि सिर्फ एक सेकंड में दोनों इंजन बंद हो गए और 260 लोगों की जान चली गई।

क्या होते हैं फ्यूल स्विच और इनका काम क्या है?

फ्यूल स्विच विमान के इंजन में ईंधन की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। ये स्विच कॉकपिट के सेंटर कंसोल में थ्रॉटल लीवर के ठीक नीचे लगे होते हैं। इन्हें ऐसे डिजाइन किया गया है कि कोई पायलट गलती से भी इन्हें टच न कर सके। इनके दोनों तरफ फिजिकल ब्रैकेट्स और एक स्प्रिंग-लोडेड मैकेनिज्म होता है, जिसे ऊपर खींचे बिना स्विच हिल ही नहीं सकते।

एक एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट जॉन कॉक्स के मुताबिक, “आप इन स्विच को यूं ही हल्के में नहीं हिला सकते। इन्हें खासतौर पर गलत तरीके से चलने से रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।”

तो फिर ऐसा हुआ कैसे?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों स्विच एक ही सेकंड में “RUN” से “CUTOFF” में चले गए, जिससे दोनों इंजन को अचानक फ्यूल मिलना बंद हो गया और वे बंद हो गए। हादसे के बाद ये भी पता चला कि यह एयरक्राफ्ट Honeywell कंपनी के पार्ट नंबर 4TL837-3D वाले स्विच इस्तेमाल कर रहा था।

पहले से था अलर्ट, लेकिन अनदेखी हुई

2018 में FAA (Federal Aviation Administration) ने एक सलाह जारी की थी कि कुछ Boeing 787 एयरक्राफ्ट्स में लगे फ्यूल स्विच में लॉकिंग मैकेनिज्म पूरी तरह से काम नहीं कर रहे हो सकते हैं। लेकिन यह सिर्फ एक सलाह (advisory) थी, अनिवार्य आदेश (mandatory) नहीं। इसलिए एयर इंडिया ने इस चेकअप को जरूरी नहीं समझा और फ्यूल स्विच की जांच नहीं करवाई

FAA ने इसे इतना गंभीर नहीं माना कि इसके लिए “एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव” (AD) जारी किया जाए, जिससे यह चेकअप जरूरी बन जाता।

“CUTOFF” पोजीशन में जाने के क्या असर होते हैं?

जब फ्यूल स्विच “CUTOFF” में जाते हैं, तो इंजन को फ्यूल मिलना तुरंत बंद हो जाता है। इससे इंजन बंद हो जाता है और उससे जुड़ी बिजली सप्लाई, एयरक्राफ्ट सिस्टम और डिस्प्ले भी बंद हो जाते हैं। ऐसा सिर्फ इमरजेंसी में किया जाता है, जैसे कि इंजन में आग लगने पर या इंजन को दोबारा स्टार्ट करने के लिए।

इस हादसे में जैसे ही दोनों इंजन बंद हुए, क्रू ने स्विच को फिर से “RUN” में करने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सिर्फ 32 सेकंड में प्लेन जमीन से टकरा गया। इतने कम समय और ऊंचाई में इंजन को दोबारा चालू करना नामुमकिन था।

अब तक क्या एक्शन लिया गया है?

Boeing और General Electric (जो इंजन बनाती है) ने अब तक कोई नई चेतावनी या सेफ्टी बुलेटिन जारी नहीं किया है। जांच एजेंसी AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) ने भी कहा है कि बाकी विमानों पर कोई तुरंत जांच जरूरी नहीं है। यह पहली बार है कि इतने सुरक्षित माने जाने वाले Boeing 787 विमान में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हुआ है। दुनिया भर में 1,100 से ज्यादा 787 विमान उड़ान भर रहे हैं।

इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि सलाह को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी और सेफ्टी फीचर्स होने के बावजूद, अगर कुछ छोटी चीजें समय पर चेक न हों तो वह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती हैं।

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