Connect with us

Chandigarh

शिवराज चौहान व संघ न हो नाराज, मध्य प्रदेश में मनोहर लाल निभाएंगे मास्टर प्लान में अहम भूमिका

Published

on

चंडीगढ़ (चंद्र शेखर धरणी): भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी भी प्रान्त के सीएम को दूसरे प्रान्त के सीएम का नाम फाइनल करने के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर भजपा राष्ट्रीय संगठन ने  विश्वास जताते हुए उन्हें मध्यप्रदेश के पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी है।

सूत्रों के अनुसार हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रधानमंत्री के विश्वास पात्रों में से  एक हैं। भाजपा राष्ट्रीय संगठन व आरएसएस दोनों के शीर्ष नेतृत्व में मनोहार लाल की जबरदस्त पकड़ भी इसका एक कारण है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में देश में आरएसएस के बड़े चेहरे रहते हैं। आरएसएस का प्रमुख गढ़ मध्यप्रदेश भी सदैव माना जाता रहा है। केंद्र सरकार भाजपा संगठन के मास्टरप्लान को कम्प्लाइन्स करने के लिए मनोहर लाल से उपयुक्त व्यक्ति अन्य कोई हो ही नहीं सकता।

एमपी का सीएम कौन होगा? इस पर निर्णय तो जल्दी आएगा। आरएसएस कहीं इस मामले में नाराज न हो जाए इसलिए मनोहर लाल को वहां भेजा गया है।  सूत्रों के अनुसार मनोहर लाल के कौशल को वहां देखा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ ही आरएसएस के अधिकांश नेताओं के बीच जबरदस्त अंडर स्टैंडिंग है। मनोहरलाल खुद आरएसएस के समर्पित कार्यकर्ता हैं।चर्चा है कि क्या एमपी में किसी नए चेहरे को सीएम बनाने की राह तैयार की जा रही है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आर एस एस के बड़े नेताओं से जबरदस्त तालमेल भजपा संगठन की हर इच्छा को पूर्ण करने में सार्थक साबित हो सकती है। यहां यह भी किसी से छुपा नहीं है कि शिवराज सिंह चौहान के सहयोग में आरएसएस के कई बड़े चेहरे भी हैं। शिवराज सिंह चौहान व मनोहर लाल व्यक्तिगत मित्र हैं। दोनों ने कई साल आरएसएस के लिए एक साथ काम भी किया है।

भाजपा का जब हरियाणा में आधार नहीं था तब दूसरे दलों के साथ चुनाव गठबंधन में लड़ती रही है। उस दौर में जहां हरियाणा के भजपा  नेता व वर्तमान में गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भजपा को अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ने को कहते थे। वहीं शिवराज सिंह चौहान भी खुल कर बोलते थे कि हरियाणा में भजपा अकेले अपने दम पर चुनाव लड़े। भजपा ने एक बार चुनाव लड़ा, लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिली। बाद में 2014 में आखिरकार हरियाणा में भाजपा जीतने में सफल हुई।

मध्यप्रदेश जैसे राज्य व देश में लोकसभा के चुनाव 2024 में निकट होने के चलते भाजपा भी संघ को किसी भी मामले में नाराज नहीं करना चाहती। ऐसा माना जा रहा है कि अगर शिवराज सिंह चौहान भाजपा के मास्टर प्लान में न हुए तो संघ के नेताओं को केवल मनोहर लाल खट्टर अपने अनुभव, आरएसएस में रिश्तों व सम्बन्धों के आधार पर संतुलन बरकरार रखने में सफल रह सकते हैं। संघ के फैंसले भजपा की नियुक्तियों पर पूरा प्रभाव कई बार डालते रहें हैं।

यहां यह भी चर्चा की मनोहर लाल बखूबी मध्यप्रदेश में सीएम पद के सभी दावेदारों को यह भी समझा सकते हैं कि भाजपा व संघ में पद नहीं दायित्व बड़ा होता है। अगर यह कहा जाए कि मध्यप्रदेश में मनोहर लाल की बड़ी भूमिका का लाभ हर तरह से भजपा संगठन व आरएसएस दोनों को मिलेगा तो गलत नहीं होगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Punjab2 hours ago

जालंधर में गर्मी का कहर, 45-46 डिग्री तापमान का अलर्ट जारी

Punjab3 hours ago

सत्ता हथियाने और पंजाब को लूटने का मौकापरस्त संयोग है अकाली दल-भाजपा गठजोड़; लोग इसे सिरे से नकार देंगे: CM भगवंत सिंह मान

Punjab4 hours ago

भगवंत मान सरकार द्वारा दिल्ली हवाई अड्डे के लिए लग्जरी बसों के बेड़े का विस्तार; परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 5 नई सुपर इंटीग्रल वोल्वो बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

Punjab4 hours ago

देश की स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा पंजाब, 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की गई – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

National4 hours ago

ED की रेड करा पंजाब के हिन्दू व्यापारियों को तंग कर रही ईडी पार्टी- केजरीवाल