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बादल परिवार ने SGPC को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया,गुरु की गोलक और लंगर की कनक तक नहीं छोड़ी: तलबीर सिंह गिल

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आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और मजीठा के हल्का इंचार्ज तलबीर सिंह गिल ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्यप्रणाली और बादल परिवार के कथित हस्तक्षेप पर तीखा हमला बोला है। गिल ने आरोप लगाया कि सिखों की सर्वोच्च संस्था आज भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है और इसके पीछे सीधे तौर पर बादल परिवार का हाथ है।

गुरुद्वारा अंब साहिब की जमीन बिक्री पर सवाल

तलबीर सिंह गिल ने गुरुद्वारा अंब साहिब की जमीन बेचे जाने के मामले पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह मानना मुश्किल है कि कोई मामूली मैनेजर बिना राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला कर सकता है। उन्होंने कहा कि मैनेजर सिर्फ एक मोहरा है और असली खेल पीछे बैठे आका खेल रहे हैं।

गिल ने आशंका जताई कि एसजीपीसी की बेशकीमती संपत्तियों को बेचकर आगामी चुनावों के लिए फंड इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि बादल दल अपनी राजनीतिक जमीन बचा सके।

अखंड पाठ साहिब के ‘पाठों की बिक्री’ का आरोप

गिल ने ज्ञानी रघुबीर सिंह जी के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि यह सुनकर दिल दहल जाता है कि श्री अखंड पाठ साहिब के पाठ 5-5 लाख रुपये में बेचे जा रहे हैं। उन्होंने जत्थेदार पर करोड़ों रुपये के राशन घोटाले और पाठों की बिक्री के आरोपों का जिक्र करते हुए एसजीपीसी प्रधान धामी से तुरंत इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने कहा कि घोटालों को छोटा-मोटा बताकर गुरु की गोलक लूटने वालों को बचाया जा रहा है।

सुखबीर बादल और मजीठिया से सीधे सवाल

तलबीर सिंह गिल ने सीधे तौर पर सुखबीर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया से सवाल किया कि यदि वे श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानते हैं तो 90 लाख रुपये के विज्ञापन खर्च की रसीद संगत के सामने क्यों नहीं रखी गई?

उन्होंने कहा कि हुक्मनामा होने के बावजूद पैसे जमा न कराना यह साबित करता है कि वे अकाल तख्त के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। गिल ने आरोप लगाया कि अकाली दल और एसजीपीसी में केवल चाटुकारों को अहम पदों पर बिठाया जा रहा है और 85 विभाग वापस लेने का फैसला महज दिखावा है।

लंगर की कनक बेचने का गंभीर आरोप

गिल ने यह भी आरोप लगाया कि एसजीपीसी के कुछ खास सदस्य गुरुद्वारों की जमीनों पर कब्जा किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब के लंगर के लिए संगत द्वारा भेजी गई कनक (गेहूं) को बेच दिया गया और दो साल तक उसके पैसे जमा नहीं किए गए।

उन्होंने कहा कि जो लोग गुरु के लंगर की कनक तक हजम कर सकते हैं, उनसे पंथ की भलाई की उम्मीद करना व्यर्थ है।

ईमानदार सदस्यों से एकजुट होने की अपील

तलबीर सिंह गिल ने चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे कितनी भी रैलियां कर ली जाएं या माफीनामे लिखे जाएं, अब संगत उन्हें माफ नहीं करेगी। उन्होंने एसजीपीसी के ईमानदार सदस्यों से अपील की कि वे एकजुट होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं और संस्था की गरिमा को बचाएं।

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