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झारखंड के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के ‘आदिवासी विरोधी’ रुख पर निशाना साधा

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नेशनल डेस्क: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के कथित ‘आदिवासी विरोधी’ रुख पर निशाना साधते हुए लोगों से अगले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का आग्रह किया। सोरेन ने झारखंड के साहिबगंज जिले के अपने विधानसभा क्षेत्र बरहेट में ‘आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार’ के तीसरे चरण के शुभारंभ के अवसर पर यह बयान दिया।

उन्होंने कहा,”जिस तरह से इसने यानी केंद्र सरकार ने वन अधिकार अधिनियम को कमजोर किया है, आदिवासियों और मूलवासियों को एक और संघर्ष शुरू करना होगा। भोजन, कपड़े, दवा सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। घरेलू गैस सिलेंडर जो पहले 400 रुपये का था अब 1000 से 1200 रुपये में बिक रहा है और यह गरीबों की पहुंच से बाहर है।” मुखयमंत्री ने कहा,”इसबार भाजपा सरकार को केंद्र से हटाने की आवश्यकता है।

वरना देश में आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों के लिए कोई स्थान नहीं रहेगा।” सोरेन ने आरोप लगाया कि जब भी चुनाव आते हैं तो उन्हें यानी भाजपा नेताओं को भोगनाडीह (संथाल विद्रोह का मुख्य केंद्र) और उलिहातू (आदिवासी प्रतीक बिरसा मुंडा का जन्मस्थान) याद आता है। सोरेन ने यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 15 नवंबर को झारखंड के खूंटी जिले में बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु के दौरे को लेकर दिया।

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