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गृहमंत्री अनिल विज विपक्ष और उपमुख्यमंत्री के बीच एक मजबूत दीवार के रूप में खड़े नजर आए

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चंडीगढ़ (चंद्र शेखर धरणी): हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन जहरीली शराब से हुई मौतों तथा शराब तस्करी का मामला खूब गूंजा। एक ओर जहां विपक्षी दल कांग्रेस एवं इनेलो इस मुद्दे को लेकर मौजूदा सरकार को घेरने की जद्दोजहद में थी, खास तौर पर विपक्षी दलों के मुख्य फोकस में आबकारी एवं कराधान विभाग संभाल रहे दुष्यंत चौटाला थे। वहीं लेकिन सदन पटल पर हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज दुष्यंत चौटाला और विपक्ष के बीच में एक दीवार के रूप में नजर आए। 

अनिल विज ने बड़े सहज रूप से लेकिन आक्रामक शब्दों के साथ सरकार का पक्ष रखा। गृहमंत्री अनिल विज के तेवर देखकर इस मामले में अभय चौटाला का रुख भी कुछ देरी के बाद नरम हो गया। क्योंकि सदन पटल पर प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज ने विपक्ष को ही घेरते हुए कहा कि यमुनानगर में शराब तस्करी के मामले में पकड़ा गया एक आरोपी कांग्रेस का नेता मांगेराम था। वहीं दूसरा 2014 में रादोर से इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार गौरव गुप्ता के पिता राजकुमार गुप्ता थे। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला शांत बैठकर सारी गतिविधियां देखते नजर आए। कुछ विभाग के अधिकारियों की आई पर्चियां विज को थमाते रहे। सम्भवतः यह सत्ता पक्ष का स्ट्रैटजिक प्लान भी हो सकता है। क्योंकि चाचा अभय चौटाला के भतीजे दुष्यंत चौटाला पर तल्ख तेवर रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

दरअसल, संबंधित मामला गृह विभाग से कहीं अधिक आबकारी एवं कराधान विभाग का बनता था, बावजूद इसके दुष्यंत द्वारा जवाबदेही देने की बजाय अनिल विज इस पूरा मामले का बोझ अपने कंधों पर लेते दिखे। प्रदेश के गृहमंत्री हमेशा सदन पटल पर विपक्ष के हर सवाल और बात का जवाब आंकड़ों सहित व शायराना अंदाज में देते नजर आते रहे हैं। समय-समय पर उनके शब्दों में पैनी धार भी देखने को मिलती रही है। आज भी गृहमंत्री अनिल विज का कुछ ऐसा ही रूप विधानसभा में सभी ने देखा। उन्होंने शराब के बनने समेत क्यूआर कोड से संबंधित भी पूरी जानकारी सदन पटल पर रखी और बड़ी आसानी से इस मामले को शांत कर करने की रणनीति पर काम किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सवालों का जवाब भी दिया और पूरा प्रस्ताव भी पड़ा। हर प्रश्न का उत्तर देते हुए अनिल विज दिखाई दिए। जिस प्रकार से राजनीतिक मंचों पर चाचा अभय चौटाला और भतीजे दुष्यंत चौटाला के तल्ख तेवर और कटाक्ष रूपी बाण देखने को मिलते रहे हैं। इसी प्रकार की स्थिति विधानसभा में भी बन सकती थी, लेकिन आज की पूरी गतिविधि में विज की भूमिका सरकार के लिए खास तौर पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के लिए बेहद सकारात्मक साबित हुई। विज आज यहां हरियाणा विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर दे रहे थे।

शराब तस्करी के मामले में सरकार की कार्रवाई के बारे में क्या बताया विज ने

विज ने बताया कि आबकारी एवं कराधान विभाग ने एसईटी की सिफारिशों पर काम करते हुए व्यवस्थित सुधार के लिए सक्रिय रूप से अनेक गुणात्मक कदम उठाये हैं। विभाग ने अवैध शराब से होने वाले राजस्व नुकसान को रोकने हेतु भी अनेक कदम उठाये हैं। जिसमें डिस्टिलरी और बॉटलिंग संयंत्रों से अवैध शराब की आपूर्ति रोकने हेतु निम्नलिखित कदम उठाये गए है जिसके तहत राज्य के सभी डिस्टिलरी और बॉटलिंग संयंत्रों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं जिनको मुख्यालय स्थित एकीकृत नियंत्रण कक्ष से जोडा गया है। इन कैमरों से लाइव फीड मुख्य कार्यालय के साथ- साथ जिला स्तर पर डीईटीसी को भी उपलब्ध कराई जा रही है। आबकारी नीति 2023-24 के खंड 12.3 के प्रावधानों के अनुसार एल-1 और एल-13 लाइसेंसधारियों के परिसर में भी सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं। इसके अलावा, शहरी दुकानों के प्रवेश, निकास व बिलिंग काउंटरों और अहातों के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर भी सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं। डिस्टिलरी के साथ-साथ बॉटलिंग प्लांट में भी प्रवाह (फ्लो) मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

इस संदर्भ में डिस्टिलरी नियमों में भी जरूरी बदलाव किये गए हैं और विभाग द्वारा प्रवाह (फ्लो) मीटरों से संबंधित मानक भी तय कर दिये गए हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं कि स्प्रिट के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन जीपीएस युक्त हों और इन वाहनों में ई-लॉक प्रणाली की भी व्यवस्था हो। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्प्रिट ले जाने वाले ऐसे वाहनों के सभी आउटलेट पर टैम्प्रूफ सील लगाई जाए। इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी कर दिये गये हैं। आबकारी नीति 2023-24 के खंड 12.1 के तहत शराब की बोतल पर हॉलोग्राम लगाना अनिवार्य किया गया है। सभी उत्पादकों के लिए अपने परिसर से अंग्रेजी व देसी शराब आपूर्ति से पूर्व सभी बोतलों पर हॉलोग्राम लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ-साथ विभाग ने 12.12.2023 से पायलट आधार पर राज्य के सभी डिस्टिलरी और बॉटलिंग संयंत्रों में क्यू. आर. कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम शुरू किया है। इस परियोजना का उद्देश्य है कि अति सुरक्षा युक्त हाँलोग्राम लगी अंग्रेजी व देसी शराब आपूर्ति की पूरी कडी की निगरानी की जाये।

उन्होंने बतया कि विभाग द्वारा अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए नियमित रूप से शराब के ठेको की जाँच की जाती है। राजस्व हानि को रोकने के लिए आबकारी नीति 2023-24 में अवैध शराब की बिक्री से संबंधित कठोर दण्ड का प्रावधान किया गया है। शराब की अवैध विक्री के खिलाफ विभाग द्वारा की गई त्वरित और कड़ी कार्रवाई से शराब लाइसेंसधारियों द्वारा कोटा उठाने में वृद्धि हुई है और इसके परिणामस्वरूप आबकारी शुल्क, अतिरिक्त आबकारी शुल्क व परमिट शुल्क के रूप में सरकार के राजस्व में वृद्धि हुई है। वर्तमान आबकारी नीति वर्ष, 2023-24 में 12.06.2023 से 20.11.2023 की अवधि के लिए आबकारी राजस्व पिछले आबकारी नीति वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 22.70 प्र्रतिशत बढ़ गया है, जो कि विभाग द्वारा आबकारी नीति को सही ढंग से लागू करने का नतीजा है।

इसी प्रकार विज ने बताया कि अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए अधिकांश शराब के ठेकों पर बिल जारी करने हेतु प्वांइट आफॅ सेल (पीओएस) मशीनें लगाई गई हैं। बाकी बचे ठेकों पर मशीनें न लगाने को लेकर आबकारी नीति के तहत जुर्माना लगाया जा रहा है ताकि वो भी इस प्रावधान का पालन करें। अवैध और नकली शराब को रोकने के लिए हरियाणा आबकारी अधिनियम, 1914 के प्रावधानों में संशोधन किया गया है। धारा 61 के प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाया गया है। इसके अलावा, मार्च, 2020 में संशोधन के माध्यम से धारा 72ए पेश की गई, जिसमें हानिकारक दवा या विदेशी घटक वाली शराब के कारण मृत्यु होने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान है।

इसलिए यह कहना उचित नहीं है कि हाँलोग्राम तथा डिस्टिलरी व ठेकों पर सीसीटीवी कैमरे संबंधी आदर्श प्रणाली (एसओपी) की पालना नहीं हो रही। जैसा की ऊपर वर्णन किया गया है आबकारी नीति, वर्ष 2023-24 में हॉलोग्राम अनिवार्य किया गया है, तथा डिस्टिलरी और बॉटलिंग संयंत्रों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं जिनको मुख्यालय स्थित एकीकृत नियंत्रण कक्ष से जोडा गया है, एल-1 और एल-13 लाइसेंसधारियों के परिसर में भी सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं। सही मायने में विभाग द्वारा सक्रिय रूप से नये कदम उठाये गए हैं जो कि राज्य के सभी डिस्टिलरी और बॉटलिंग संयंत्रों में क्यू. आर. कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू करने से साबित होता है।

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Chandigarh News : आखिर अमरुद घोटाला है क्या ? पंजाब के 22 ठिकानों पर ED की कार्रवाई

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Enforcement directorate

Ghuva Scam : अमरुद बाग घोटाले को लेकर सूचना निदेशालय (ईडी) एक्शन मोड में है। पंजाब सरकार द्वारा अधिग्रहीत जमीन में अमरूद के बाग दिखाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में ईडी ने जांच तेज कर दी है. टीम ने बुधवार को चंडीगढ़, मोहाली और फिरोजपुर समेत 22 जगहों पर छापेमारी की.

इस बीच टीम पंजाब के आईएएस वरुण रुजम के घर भी पहुंची. टीम को मौजूदा एक्साइज कमिश्नर वरुण रूजम के घर के पीछे एक पार्क में कुछ फटे हुए दस्तावेज मिले. इन दस्तावेज़ों में अमरूद के बागानों का उल्लेख है। ईडी को शक है कि खुद को बचाने के लिए दस्तावेजों को फाड़कर फेंक दिया गया.

इसके साथ ही वरुण की पत्नी पर फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का मुआवजा लेने का भी आरोप है. इसके अलावा फिरोजपुर के डीसी राजेश धीमान की पत्नी भी इस मामले में आरोपी हैं. इसके साथ ही ईडी कारोबारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और अन्य लोगों के घरों तक पहुंची है. ईडी लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही थी। इसके मुताबिक गमाडा से सारा रिकार्ड कब्जे में ले लिया गया है।

पता चला है कि इन टीमों में ईडी जालंधर के अधिकारी भी शामिल हैं. ये टीमें स्थानीय पुलिस को भी साथ लेकर आई हैं। इसके साथ ही इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है. इस बीच जो लोग घरों में मिले उन्हें अंदर ले जाया गया। किसी को फोन आदि करने की इजाजत नहीं थी।

आपको बता दें कि मामला ग्रेटर मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा एयरपोर्ट रोड पर एयरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है. गमाडा द्वारा अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत दिया गया था। उस जमीन में लगे अमरूद के पेड़ों की कीमत जमीन से अलग दी जाती थी।

उद्यान विभाग द्वारा फलदार वृक्षों की कीमत तय की गई। इसके बाद, भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने बागवानी निदेशक को फलों के पेड़ों की एक सर्वेक्षण सूची भेजी और पेड़ों की एक मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की।

जमीन अधिग्रहण से पहले कुछ लोगों ने यहां अमरूद के पौधे लगाए थे, लेकिन गमाडा अधिकारियों के मुताबिक उनकी उम्र 4 से 5 साल बताई जा रही है। इससे उनका मुआवज़ा काफी बढ़ गया. इस तरह एक साथ कई लोगों को गलत तरीके से मुआवजा मिल गया. इस मामले में विजिलेंस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन मुआवजा राशि वापस जमा कराने पर कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।

इस मामले में आरोपियों ने मुआवजा पाने के लिए ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) द्वारा अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन पर मानक से अधिक अमरूद के पेड़ लगा दिए थे। आरोप है कि जमीन के पट्टाधारकों ने प्रति एकड़ 2000 से 2500 पेड़ दिखाए। यह पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की प्रति एकड़ 132 पेड़ों की सिफारिश से कहीं अधिक था।

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Chandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?

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ये चंडीगढ़ के शीर्ष 10 रेस्तरां हैं। ये रेस्तरां चंडीगढ़ में विविध पाक दृश्य को दर्शाते हैं, जो बढ़िया भोजन से लेकर अनौपचारिक भोजनालयों तक भोजन के अनुभवों की एक श्रृंखला प्रदान करते हैं, और दुनिया भर के विभिन्न व्यंजनों को प्रदर्शित करते हैं।

Virgin Courtyard : वर्जिन कोर्टयार्ड एक बढ़िया भोजनालय है जो अपने रोमांटिक माहौल और इतालवी व्यंजनों के लिए जाना जाता है। यह बाहर बैठने के साथ एक आकर्षक वातावरण प्रदान करता है, जो रोमांटिक रात्रिभोज या विशेष अवसरों के लिए एकदम सही है। मेन्यू में विभिन्न प्रकार के प्रामाणिक इतालवी व्यंजन जैसे पास्ता, रिसोटो, लकड़ी से बने पिज्जा और स्वादिष्ट मिठाई शामिल हैं। रेस्तरां भोजन के पूरक के रूप में बढ़िया वाइन का चयन भी प्रदान करता है। Location: SCO 1A, Madhya Marg, Sector 7C, Chandigarh.


Swagath Restaurant & Bar: स्वागत रेस्तरां और बार अपने प्रामाणिक दक्षिण भारतीय व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है। रेस्तरां ताजा सामग्री और सुगंधित मसालों के साथ तैयार किए गए पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजनों का एक विविध मेनू प्रदान करता है। डोसा और इडली से लेकर स्वादिष्ट करी और बिरयानी तक, स्वागत व्यंजनों की एक रमणीय श्रृंखला परोसता है जो दक्षिण भारतीय स्वादों के सार को पकड़ता है। रेस्तरां का आकर्षक माहौल और चौकस सेवा भोजन के अनुभव को बढ़ाती है। Location: SCO 7, Sector 26, Chandigarh.


Pal Dhaba: पाल ढाबा एक लोकप्रिय भोजनालय है जो अपने उत्तर भारतीय और पंजाबी व्यंजनों के लिए जाना जाता है। इसमें एक देहाती माहौल है जो पारंपरिक पंजाबी ढाबों के आकर्षण को दर्शाता है। पाल ढाबा अपने मुँह में पानी लाने वाले तंदूरी व्यंजनों, रसीले कबाब, समृद्ध करी और ताज़ी पकाई हुई रोटी के लिए प्रसिद्ध है। रेस्तरां के हार्दिक और स्वादिष्ट भोजन, इसके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के साथ, इसे स्थानीय लोगों और आगंतुकों के बीच समान रूप से पसंदीदा बना दिया है। Location: SCO 151 & 152, Sector 28 D, Sector 28, Chandigarh.

Nandoo’s: नंदो एक प्रसिद्ध श्रृंखला रेस्तरां है जो लौ-ग्रिल्ड पेरी-पेरी चिकन में विशेषज्ञता रखता है। दक्षिण अफ्रीका से उत्पन्न, नंदो अपने विशिष्ट पेरी-पेरी मैरिनेड के साथ एक अनूठा भोजन अनुभव प्रदान करता है, जो चिकन को मसालेदार और तीखे स्वादों से भर देता है। अपने प्रसिद्ध चिकन व्यंजनों के अलावा, नंदो के मेनू में विभिन्न प्रकार के साइड, सलाद और मिठाई शामिल हैं, जो सभी उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और मोटे मसालों के साथ तैयार किए जाते हैं। Location: Elante Mall, 178-178A, Purv Marg, Industrial Area Phase I, Chandigarh.


Whistling Duck: व्हिसलिंग डक एक ट्रेंडी रेस्तरां है जो वैश्विक व्यंजनों की विशेषता वाले अपने विविध मेनू के लिए जाना जाता है। रेस्तरां आधुनिक सजावट और आरामदायक बैठने के साथ एक जीवंत वातावरण प्रदान करता है। मेन्यू में दुनिया भर के स्वादों का मिश्रण शामिल है, जिसमें एशियाई स्टिर-फ्राइज़ और भूमध्यसागरीय सलाद से लेकर अमेरिकी बर्गर और मैक्सिकन टैको तक के विकल्प शामिल हैं। व्हिसलिंग डक में एक अच्छी तरह से भंडारित बार भी है जो कॉकटेल, वाइन और स्पिरिट के चयन परोसता है। Location: SCO 10, Back Lane, Sector 26, Chandigarh.


Brooklyn Central: ब्रुकलिन सेंट्रल एक लोकप्रिय रेस्तरां है जो अपने अमेरिकी शैली के भोजन और जीवंत वातावरण के लिए जाना जाता है। ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क के अनौपचारिक भोजन दृश्य से प्रेरित, रेस्तरां बर्गर, सैंडविच, रिब्स और स्टीक्स जैसे क्लासिक अमेरिकी व्यंजनों की विशेषता वाला एक मेनू प्रदान करता है। अपने जीवंत वातावरण, औद्योगिक-चिक सजावट और मैत्रीपूर्ण सेवा के साथ, ब्रुकलिन सेंट्रल भोजन करने वालों के लिए एक आधुनिक मोड़ के साथ आरामदायक भोजन का आनंद लेने के लिए एक स्वागत योग्य स्थान प्रदान करता है। Location: SCO 20, Madhya Marg, Sector 26, Chandigarh.


Café JC’s: कैफे जेसी एक आरामदायक कैफे है जो अपने आरामदायक माहौल और महाद्वीपीय और इतालवी व्यंजनों के विविध मेनू के लिए जाना जाता है। कैफे इनडोर और आउटडोर बैठने के विकल्पों के साथ एक आकर्षक सेटिंग प्रदान करता है। मेन्यू में नाश्ते के सामान, सैंडविच, सलाद, पास्ता और लकड़ी से बने पिज्जा शामिल हैं, जो सभी ताजा और स्थानीय रूप से प्राप्त सामग्री का उपयोग करके तैयार किए जाते हैं। कैफे जेसी कॉफी, चाय, स्मूदी और मॉकटेल सहित पेय पदार्थों का चयन भी प्रदान करता है। Location: SCO 437 & 438, Sector 35C, Chandigarh.


The Willow Cafe: द विलो कैफे एक अनोखा भोजनालय है जो अपने शांत वातावरण और शाकाहारी-अनुकूल भोजन के लिए जाना जाता है। कैफे एक आरामदायक और स्वागत योग्य वातावरण प्रदान करता है, जिसमें अंदर और बाहर हरियाली से घिरा हुआ है। मेन्यू में सलाद, सैंडविच, रैप्स, सूप और भारतीय विशेषताओं सहित विभिन्न प्रकार के शाकाहारी और शाकाहारी विकल्प शामिल हैं। विलो कैफे जैविक और टिकाऊ सामग्री का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भोजन करने वालों के बीच एक लोकप्रिय विकल्प बन गया है। Location: Shop 1, Inner Market, Sector 10 D, Chandigarh.

Gustoso: गुस्टोसो एक प्रामाणिक इतालवी रेस्तरां है जो अपने लकड़ी से बने पिज्जा और क्लासिक इतालवी व्यंजनों के लिए जाना जाता है। रेस्तरां गर्म रोशनी और सुरुचिपूर्ण सजावट के साथ एक स्टाइलिश और समकालीन सेटिंग प्रदान करता है। मेन्यू में एंटीपास्टी, पास्ता, रिसोटस और मुख्य व्यंजनों की एक श्रृंखला है, जो सभी प्रामाणिक इतालवी स्वादों और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के साथ तैयार किए जाते हैं। गुस्टोसो के पास भोजन के अनुभव के पूरक के रूप में इतालवी वाइन प्रदर्शित करने वाली वाइन की एक विस्तृत सूची भी है। Location: SCO 16 & 17, Madhya Marg, Sector 7C, Chandigarh.


Hops n Grains: हॉप्स एन ग्रेन्स एक सूक्ष्म शराब बनाने की दुकान और रेस्तरां है जो अपने शिल्प बियर और स्वादिष्ट भोजन प्रसाद के लिए जाना जाता है। शराब बनाने की दुकान पारंपरिक शराब बनाने की तकनीकों और प्रीमियम सामग्री का उपयोग करके विभिन्न प्रकार के हस्तनिर्मित बीयर का उत्पादन करती है, जिसमें लेजर्स, एल्स और स्टाउट्स शामिल हैं। अपने बीयर के अलावा, हॉप्स एन ग्रेन्स ऐपेटाइज़र, बर्गर, पिज्जा, कबाब और भारतीय विशिष्टताओं का एक विविध मेनू प्रदान करता है, जो सभी अपने पेय के साथ पूरी तरह से जोड़ी बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। जीवंत वातावरण, जीवंत संगीत और मैत्रीपूर्ण सेवा हॉप्स एन ग्रेन्स को बीयर के शौकीनों और भोजन प्रेमियों के लिए समान रूप से एक लोकप्रिय गंतव्य बनाती है। Location: SCO 358, Sector 9, Panchkula, Chandigarh.

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Chandigarh में डीजल बसों की जगह चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, केंद्र सरकार से मिली मंजूरी

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यूटी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने ट्राइसिटी रूटों पर 100 डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदलने का फैसला किया है। राज्य स्तरीय संचालन समिति की पहली बैठक में अधिकारियों को सूचित किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया कि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने केंद्र प्रायोजित “प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना” के तहत चंडीगढ़ को 100 बसें आवंटित की हैं। इसके बाद समिति ने 100 डीजल बसों के प्रतिस्थापन की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी।

योजना के तहत, केंद्र 12 मीटर की बस के लिए 10 वर्षों तक प्रति वर्ष 5% की दर से बढ़ोतरी के साथ ₹24/किमी का भुगतान करेगा। सहायता प्रदान की जाएगी. इसके अलावा यूटी को मीटर के पीछे बिजली के बुनियादी ढांचे के लिए 100% केंद्रीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। यूटी इंजीनियरिंग विभाग द्वारा मीटर के पीछे बिजली के बुनियादी ढांचे के लिए 11.87 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया गया है, जिसे मंत्रालय को भेजा गया था, जिसने इसे मंजूरी दे दी है और यह राशि राज्य की नोडल एजेंसी के खाते में जमा कर दी जाएगी।

समिति को बताया गया कि सीईपीटी विश्वविद्यालय ने 2022 से 2031 के लिए खरीद रणनीति के साथ शहर के लिए एक संशोधित बस और सेवा योजना प्रस्तुत की है। समिति को सूचित किया गया कि सी.ई.पी.टी. प्रतिबंध के खिलाफ बस प्रतिस्थापन और सिटी बस सेवाओं के लिए बेड़े को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा एक चरणबद्ध खरीद योजना बनाई गई थी। समिति ट्राइसिटी मार्गों पर 70 बसें जोड़कर सिटी बसों के परिचालन बेड़े को मजबूत करने पर सहमत हुई है।

इस योजना का उद्देश्य उन लोगों के बीच सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करना है जो निजी वाहन पसंद करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय से पीएम ई-बस सेवा के तहत 70 और बसें आवंटित करने का अनुरोध किया जाएगा। समिति ने यूटी के मुख्य अभियंता को बुनियादी ढांचे के लिए जल्द ही ई-टेंडर बुलाने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बसों की डिलीवरी से पहले चार्जिंग तैयार हो जाएगी।

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