'भ्रष्टाचार पर प्रहार का सबसे कारगर मंत्र है तकनीक'- गोरखपुर में बोले CM योगी आदित्यनाथ - Early News 24

‘भ्रष्टाचार पर प्रहार का सबसे कारगर मंत्र है तकनीक’- गोरखपुर में बोले CM योगी आदित्यनाथ

'भ्रष्टाचार पर प्रहार का सबसे कारगर मंत्र है तकनीक'- गोरखपुर में बोले CM योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक का प्रयोग आज योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन तथा जीवन के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण है और तकनीक, भ्रष्टाचार पर प्रहार का सबसे कारगर मंत्र है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत विद्यार्थियों में स्मार्टफोन-टैबलेट वितरण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से युवाओं को समयानुकूल सक्षम, समर्थ बनाने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भरता की तरफ अग्रसर करने के लिए प्रदेश सरकार 2 करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन-टैबलेट उपलब्ध कराने के लक्ष्य की प्राप्ति की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है।

प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली 2017 के पहले भ्रष्टाचार की चपेट में थी: CM योगी
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली 2017 के पहले भ्रष्टाचार की चपेट में थी। कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, सोनभद्र, चित्रकूट जैसे जिलों में राशन के अभाव में, भूख के कारण लोगों की मौत हो जाती थी। सांसद के रूप में वहां पहुंचने पर पता चलता था कि गरीबों को राशन नहीं मिलता था। उनके नाम से उठा राशन, सशक्त माफिया हड़पकर बेच देते थे। एफसीआई की गोदाम से निकलने के साथ ही खाद्यान्न प्रदेश के बाहर यहां तक कि दूसरे देशों तक पहुंच जाता था। 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री बनने के एक सप्ताह बाद ही उन्होंने प्रदेश की अस्सी हजार राशन की दुकानों पर छापेमारी कराई तो 30 लाख फर्जी राशन कार्ड का पता चला। इसके बाद राशन की सभी दुकानों को तकनीकी के इस्तेमाल से, पॉइंट ऑफ सेल से जोड़ दिया गया। राशन कार्ड को आधार से संबद्ध कर दिया गया। इसका परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली देश में सबसे अच्छी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक लंबे दौर तक विश्वविद्यालय एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान सिर्फ डिग्री, डिप्लोमा बांटने वाले टापू बनकर रह गए थे। उन्हें इससे बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति दी है। इस नीति से जुड़कर संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को पारंपरिक पाठ्यक्रम का ज्ञान देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से दिए जा रहे स्माटर्फोन को केंद्र व राज्य सरकार की कई योजनाओं की जानकारी से भी जोड़ा गया है। युवा इसके जरिए पीएम स्टाटर्अप योजना, स्टैंडअप योजना, मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को जानकर आत्मनिर्भरता की राह भी चुन सकते हैं। इसमें बालिकाओं के लिए भी कई स्कीम जुड़ी है।

जब भी कोई बड़ी इंडस्ट्री लगती है तो उसकी स्थापना के पहले सामाजिक प्रभाव अध्ययन किया जाता: CM योगी
योगी ने कहा कि जब भी कोई बड़ी इंडस्ट्री लगती है तो उसकी स्थापना के पहले सामाजिक प्रभाव अध्ययन किया जाता है। इस पर देश-दुनिया की कुछ बड़ी कम्पनियों का एकाधिकार सा है। वे मोटी फीस लेती हैं। उन्होंने कहा कि क्या ये अध्ययन अपने यहां के उच्च शिक्षण संस्थान नहीं कर सकते। ऐसा होने पर उनको आर्थिक लाभ तो होगा ही, इस अध्ययन से जुड़कर कई युवाओं को भी मानदेय मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने शिक्षण संस्थानों को इंडस्ट्री से जुड़कर विद्यार्थियों को सीएम इंटर्नशिप योजना से जोड़ने की भी नसीहत दी। कहा कि इस योजना में आधा मानदेय सरकार देती है और आधा इंडस्ट्री। उन्होंने युद्ध प्रभावित देशों रूस, इजराइल, साउथ कोरिया, जर्मनी आदि के हालात की चर्चा करते हुए कहा कि युद्ध के बाद निर्माण का दौर भी आता है। दो देशों के युद्ध के बीच अपने लिए सकारात्मक मार्ग देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम इन देशों में निर्माण के लिए अपनी भूमिका देख सकते हैं। इजराइल आदि देशों से कुशल भारतीय मानव संसाधन की बहुत मांग है। यूपी से पांच हजार लोग भेजे जा रहे हैं। वहां रहना-खाना मुफ्त होगा, महीने में सवा से डेढ़ लाख रुपये पारिश्रमिक मिलेगा। वहां जाने वाले लोग कमाई कर रकम भारत भेजेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के देशों में मानव संसाधन की मांग के अनुरूप हमें खुद को तैयार करना होगा।

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