Haryana
केसरिया पगड़ी से पंजाब पर नजर? बजट में हरियाणा के CM नायब सैनी का सियासी संदेश, कांग्रेस ने बोला हमला
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा का बजट पेश किया। बजट भाषण के दौरान सीएम सैनी केसरिया रंग की पगड़ी पहने हुए नजर आए। उन्होंने पगड़ी पहनकर बजट भाषण दिया जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी। राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सैनी की बढ़ती पंजाब सक्रियता और उनके पहनावे का यह चयन एक प्रतीकात्मक संदेश हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में सैनी ने पंजाब में कई दौरे किए हैं। वे पार्टी बैठकों को संबोधित कर रहे हैं। वो विभिन्न समुदायों के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं और विपक्षी दलों के नेताओं को भारतीय जनता पार्टी में शामिल कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बता दें कि पंजाब की राजनीति में पगड़ी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम प्रतीक मानी जाती है।
बीजेपी ने सीएम सैनी को सौंपी जिम्मेदारी
बीजेपी ने सैनी को पंजाब में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। माना जा रहा है कि पार्टी राज्य में अपनी पकड़ बढ़ाने के लिए हरियाणा मॉडल को उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। अपने भाषणों में सैनी अक्सर हरियाणा की योजनाओं का जिक्र करते हैं। इनमें महिलाओं के लिए 2,100 रुपये की सहायता योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 24 फसलों की खरीद जैसे कदम शामिल हैं। वे इन पहलों की तुलना पंजाब की नीतियों से करते हुए वहां की सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं।
“मुझे लगता है कि नायब सिंह सैनी अब पंजाब से चुनाव लड़ने में दिलचस्पी रखते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने हरियाणा से ज़्यादा समय पंजाब में बिताया है। शायद उन्हें अपने देश में साइडलाइन किए जाने का डर है और वे यहां अपनी जगह बनाना चाहते हैं।”
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने बोला हमला
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आरोप लगाया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री अपने राज्य की अपेक्षा पंजाब की राजनीति में अधिक रुचि ले रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सैनी शायद पंजाब से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वडिंगग ने हरियाणा के बजट को भी निशाने पर लिया और इसे महज औपचारिकता बताया। उन्होंने कहा कि केवल प्रतीकों और पहनावे से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का उल्लेख करते हुए कहा कि पारंपरिक परिधान अपनाने से राजनीतिक विश्वसनीयता नहीं बढ़ती।
