डॉ. हेडगेवार स्मारक संघ द्वारा गणतंत्र दिवस पर किया गया ध्वजारोहण - Early News 24

डॉ. हेडगेवार स्मारक संघ द्वारा गणतंत्र दिवस पर किया गया ध्वजारोहण

डॉ. हेडगेवार स्मारक संघ द्वारा गणतंत्र दिवस पर किया गया ध्वजारोहण

जालंधर: भारत के 75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर डॉ. हेडगेवार स्मारक संघ द्वारा गोपाल नगर, पीली कोठी में भव्य आयोजन किया गया, इस कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान से की गई। इस अवसर पर देश भगत यूनिवर्सिटी के डॉ. देवेंद्र कुमार, प्रोफेसर मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने बताया कि संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्त्तव्य भी बताता है। उन्होंने देश के देर तक गुलाम रहने के कारणों पर चिंतन करने का आह्वान किया और साथ ही देश में आज की स्थिति का चित्रण किया। उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्र पिछले एक दशक से बहुत ही तीव्र गति से उन्नति कर रहा है, और आज इंफ्रास्ट्रक्चर डिफेंस अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी खेल आदि हर क्षेत्र में भारत अग्रणीय भूमिका निभा रहा है। डॉ. हेडगेवार स्मारक संघ के सचिव श्री कंकेश गुप्ता ने मंच संचालन किया। श्री विक्रम अरोड़ा ने आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत वंदे मातरम के साथ हुआ। कार्यक्रम में 100 से अधिक शहर के गण्यमान्य एवं बुद्धिजीवी लोगों ने हिस्सा लिया और देश समाज के प्रति अपने कर्त्तव्यों को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक श्री शशांक जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक श्री नवदीप जी, श्री राम कृष्ण जी, डॉ बलराज गुप्ता, डॉ गौरव गुप्ता, डॉ परविंदर बजाज, श्री अजय गोस्वामी, प्रिंसिपल राकेश शर्मा, पत्रकार अजीत सिंह बुलन्द, सरदार एम.पी. सिंह, डॉ. श्रीमति पूनम भरद्वाज, श्रीमति पारुल अरोड़ा, डॉ. रजत सरीन, डॉ. पवित्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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भारतीय संविधान सबसे खूबसूरत, अल्पसंख्यक समुदाय को भी देता है उच्च पदों के अवसर: अभिजय चौपड़ा
कार्यक्रम के मुख्यातिथि पंजाब केसरी समूह के निरेशक श्री अभिजय चौपड़ा ने भारतीय संविधान की खूबियों पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारे देश का संविधान किसी नागरिक के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करता और यह संविधान की ही खूबसूरती है कि भारत में अल्पसंख्यक समुदाय से प्रधानमंत्री भी बनते हैं और राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और सेना के प्रमुख जैसे अहम पदों पर भी अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोग सेवा कर चुके हैं, जबकि किसी अन्य देश का संविधान इस तरह की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि संविधान में समय के मुताबिक संशोधनों की जरूरत पड़ती है और अब भी देश के संविधान में कई ऐसे प्रावधान हैं जिन्हें मौजूदा समय को ध्यान में रखते हुए बदलने की जरूरत है।  
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अच्छे शासक ही कर सकते हैं संविधान का सही पालनः प्रमोद

इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर क्षेत्र के सामाजिक समरसता प्रमुख श्री प्रमोद ने कहा कि देश के शासक अगर अच्छे हैं तो संविधान का सही पालन हो सकता है, अगर देश के शासक सही नहीं है तो अच्छा संविधान भी कुछ नहीं कर सकता। इस संविधान के कारण ही हमको आज राम लल्ला के लिए जन्म स्थान मंदिर भव्य रूप में प्राप्त हुआ है। इस संविधान ने ही हमें यह अनुमति दी है कि हम आपने दुख, अपनी समस्याएं अखबार, सोशल मीडिया और अदालतों के माध्यम से सरकार के सामने रखने में सक्षम हुए हैं। यही हमारी असली स्वतंत्रता है जो संविधान के माध्यम से बाबा साहिब डॉ. भीम राव अम्बेदकर जी ने हमें प्रदान की है।

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