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युवा भारत को श्री गुरु रविदास जी के ‘बेगमपुरा’ के संकल्प वाला देश बनाने के लिए आगे आएं — Manish Sisodia

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श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में तैयार कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आज पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से श्री गुरु रविदास जी की बाणी और सामाजिक समानता के संकल्प पर संत समाज की अगुवाई में विचार-विमर्श की शुरुआत की गई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी श्री मनीष सिसोदिया ने युवाओं को आह्वान किया कि वे भारत को श्री गुरु रविदास जी के ‘बेगमपुरा’ के संकल्प वाला देश बनाने के लिए आगे आएं।

श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह बड़ा सवाल है कि आज भी हमारा देश श्री गुरु रविदास जी द्वारा 650 वर्ष पहले दिए गए समानता और सभी को बराबर अवसर देने के सिद्धांतों वाला देश क्यों नहीं बन सका। उन्होंने कहा कि भले ही डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से इस सोच को आगे बढ़ाया, फिर भी आज कई कड़वी सच्चाइयां मौजूद हैं, जिनके कारण हम गुरु महाराज के संकल्प से काफी दूर हैं। उन्होंने कहा कि असमानता और भेदभाव को समाप्त करने के लिए देश के संविधान को सही ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।

मनीष सिसोदिया ने श्री गुरु रविदास जी के संदेश को विश्वभर में फैलाने के लिए उठाए जा रहे कदमों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब सरकार को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम और विचार-विमर्श युवाओं के मन में सामाजिक और आर्थिक असमानता से जुड़े सवालों के जवाब देने में सहायक होंगे।

उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली में असमानता और पक्षपात के संबंध में 3 वर्ष से 33 वर्ष तक के बच्चों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए अफसोस जताया कि श्री गुरु रविदास जी द्वारा 650 वर्ष पहले समाप्त करने का आह्वान की गई असमानता और भेदभाव की जड़ें आज भी समाज में गहराई से मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के इस देश में केवल 1 प्रतिशत लोगों के पास 40 प्रतिशत संपत्ति है, जबकि 50 प्रतिशत लोगों के पास मात्र 6 प्रतिशत संपत्ति है। यह स्थिति सवाल खड़ा करती है कि क्या भारत वास्तव में समानता की ओर बढ़ रहा है? उन्होंने कहा कि वास्तविक समानता तभी आएगी जब श्री गुरु रविदास जी के सिद्धांतों पर आधारित समाज स्थापित होगा।

इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में पंजाब के वित्त, योजना, कर एवं आबकारी तथा परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी के समानता के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जहां खुरालगढ़ में श्री गुरु रविदास स्मारक का विस्तार किया जा रहा है, वहीं फरीदपुर में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना की जा रही है, जिसका कार्य जल्द शुरू होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि जहां देश और दुनिया के सभी संविधान समानता की बात करते हैं, वहीं श्री गुरु रविदास जी ने 650 वर्ष पहले ही धार्मिक रूप में यह संदेश दिया और ‘बेगमपुरा’ का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज भी उनके सिद्धांतों पर चलकर ही भेदभाव समाप्त किया जा सकता है।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हम अपने गुरुओं की शताब्दियां मना रहे हैं। उन्होंने बताया कि 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर खुरालगढ़ से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने और श्री गुरु रविदास जी का संदेश विश्वभर तक पहुंचाने के लिए वर्षभर कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की थी।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में आध्यात्मिक माहौल बनाकर विद्यार्थियों को गुरु रविदास जी के सामाजिक क्रांति के संदेश से जोड़ना है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार ने पंजाबी यूनिवर्सिटी को वित्तीय संकट से उबारने की अपनी प्रतिबद्धता निभाई है, जिसके चलते विश्वविद्यालय का बजट 120 करोड़ रुपये से बढ़कर 415 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

विचार-विमर्श के दौरान डेरा संत प्रीतम दास (बाबे जोडा) के जनरल सेक्रेटरी बहन संतोष ने संत निर्मल दास की ओर से बोलते हुए कहा कि महान संत गुरु रविदास जी की बाणी के 40 शब्द और 1 श्लोक गुरु नानक देव जी लेकर आए, जिन्हें श्री गुरु अर्जन देव जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब में स्थान दिया। उन्होंने कहा कि गुरु जी ने अंधविश्वास को समाप्त कर लोगों को ‘शब्द गुरु’ से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से आए प्रो. मनजिंदर सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में श्री गुरु रविदास जी की बाणी और सामाजिक समानता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज के सबसे निचले वर्ग को भी “मोही तोही अंतर कैसा” के माध्यम से ईश्वर के समान दर्जा दिया और “सोहं” के जरिए आत्मविश्वास जगाया।

इससे पहले पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जगदीप सिंह ने मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पूरे राज्य में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शन और चार शोभा यात्राएं भी शामिल हैं।

समारोह का संचालन डीन यूथ वेलफेयर डॉ. भीमइंदर सिंह ने किया। इस अवसर पर विधायक अजीतपाल सिंह कोहली, चेतन सिंह जौड़ामाजरा, गुरदेव सिंह देव मान, रणजोध सिंह हडाणा, जिला योजना समिति के चेयरमैन तेजिंदर मेहता, पंजाब एग्रो के चेयरमैन बलजिंदर सिंह ढिल्लों, डिप्टी मेयर जगदीप जग्गा, प्रिंसिपल जे.पी. सिंह, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया, एडीसी नवरीत कौर सेखों, रजिस्ट्रार डॉ. दविंदरपाल सिंह सिद्धू, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. ममता शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. हरजिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।

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