Punjab
पंजाब SC आयोग चेयरमैन का बाजवा पर तंज:जसवीर बोले- गरीबों को अपमानित करने वालों पर होगी कार्रवाई, बाबा निरंजन दास का आशीर्वाद लिया
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी आज (शनिवार) जालंधर के दौर पर हैं। जहां उन्होंने डेरा सचखंड बल्ला में नतमस्तक होकर बाबा निरंजन दास जी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा को जारी नोटिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि संविधान और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
गढ़ी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी यदि कोई भी नेता गरीबों के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने या उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश करेगा, तो आयोग एक मजबूत प्रतिद्वंदी की तरह उनके सामने खड़ा होगा।
डेरा सचखंड बल्ला में टेका मत्था
चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने बाबा निरंजन दास जी से मुलाकात की और उन्हें गुलाब के फूल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि आज का दिन प्रेम का प्रतीक है और इसी भावना के साथ वे मानवता और सद्भाव का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।
इसके पश्चात, वे जालंधर के अंबेडकर भवन भी गए, जहां सीपीएफ यूनियन के प्रधान और अन्य पदाधिकारियों के साथ भारतीय संविधान दिवस और अनुसूचित जाति के अधिकारों से जुड़े विभिन्न गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रताप सिंह बाजवा को नोटिस और आयोग की सख्त चेतावनी
गढ़ी ने बताया कि आयोग ने प्रताप सिंह बाजवा को नोटिस जारी किया है और उन्हें 16 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं और सिद्धांतों के अनुसार, यदि कोई भी दबंग व्यक्ति किसी गरीब सिख या वंचित वर्ग के व्यक्ति को ललकारेगा, तो पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग खामोश नहीं बैठेगा। आयोग पूरी ताकत के साथ पीड़ित के साथ खड़ा होगा और आरोपी का सामना करेगा।
कानून का उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
चेयरमैन गढ़ी ने अपने संबोधन में बिना किसी विशेष नेता का नाम लिए तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश का संविधान और कानून सर्वोपरि है। यदि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के दायरे का उल्लंघन करता है, तो एससी आयोग उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि अगर हमें कहीं भी यह नजर आया कि कोई नेता गरीबों की बैंड बजाने की बात करता है, उनके रंग-रूप या जाति पर टिप्पणी कर उनका मजाक उड़ाता है, या फिर ‘3 मिनट में गर्दन मरोड़ने’ जैसी हिंसक धमकियां देता है, तो आयोग ऐसे लोगों के खिलाफ चट्टान की तरह खड़ा होगा।
कहा कि, आयोग का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना है, और इसके लिए वे किसी भी टकराव से पीछे नहीं हटेंगे।