Punjab
2 दिन स्कूल न आने पर अभिभावकों को जाएगा फोन — CM भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज शिक्षा विभाग का चार साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का स्तर हर जगह समान होना चाहिए और जो देश शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं, वे हमेशा तरक्की करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने स्कूलों की ओर ध्यान नहीं दिया, लेकिन उनकी सरकार ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में दिल्ली मॉडल लागू कर उन्हें निजी स्कूलों से भी बेहतर बनाया है। अब सरकारी और निजी स्कूलों की पढ़ाई और ढांचा लगभग समान हो चुका है।
सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा क्षेत्र में ₹19,279 करोड़ का बजट रखा है, जो पिछले वर्ष से 7 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा के दो अलग-अलग स्तर नहीं होने चाहिए और हर बच्चे को समान अवसर मिलना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि “स्कूल ऑन व्हील्स” और सरकारी स्कूलों के लिए पीले रंग की बस सेवा शुरू की गई है, जिससे 15,000 से अधिक छात्रों को आने-जाने की सुविधा मिल रही है। इन बसों में GPS सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे अभिभावक बस की लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं।
इसके अलावा, पहली बार स्कूलों में “अध्यापक-माता-पिता मिलनी” कार्यक्रम शुरू किया गया है। राज्य के 1,932 स्कूलों में कैंपस मैनेजर नियुक्त किए गए हैं और 1,323 सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए गए हैं।
सीएम ने बताया कि पंजाब उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जहां सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है। स्कूलों को हाई-स्पीड इंटरनेट देने के लिए भी बड़े स्तर पर बजट का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि अब तक 14,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है, जबकि 12,000 से अधिक कर्मचारियों को नियमित किया गया है। शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए 8 बैच सिंगापुर भेजे गए हैं और 400 से अधिक शिक्षक व प्रिंसिपल फिनलैंड और सिंगापुर में प्रशिक्षण ले चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई छात्र लगातार दो दिन स्कूल नहीं आता है, तो उसके अभिभावकों को तुरंत फोन किया जाएगा, ताकि बच्चों की शिक्षा में कोई कमी न रहे।