Punjab

माननीय अदालत द्वारा Arvind Kejriwal को आबकारी नीति मामले में बरी किया जाना सच्चाई और लोकतंत्र की जीत: Mohinder Bhagat

Published

on

पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों के बरी किए जाने को सत्य और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि आरोप निराधार और बेबुनियाद थे, और राजनीतिक दबाव के बावजूद न्यायपालिका ने निष्पक्षता के साथ फैसला सुनाया।

मंत्री भगत ने कहा कि अदालत ने पूरी जांच के बाद यह साबित कर दिया कि आरोपों के कोई ठोस प्रमाण नहीं थे। यह निर्णय दर्शाता है कि न्यायपालिका लोकतंत्र की आधारशिला है और सच्चाई के सामने झुकती नहीं। अदालत के इस फैसले ने आम जनता का भरोसा और मजबूत किया है और यह साबित किया कि अंततः सत्य और न्याय की ही विजय होती है।

श्री भगत ने कहा कि इस मामले के माध्यम से कुछ राजनीतिक दलों ने आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं की छवि धूमिल करने के कई प्रयास किए। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे मामलों और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का उद्देश्य केवल चुनावी लाभ हासिल करना और विपक्षी नेतृत्व को कमजोर करना था। लेकिन अदालत ने यह साबित कर दिया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और न्यायपालिका की शक्ति के सामने कोई भी राजनीतिक षड्यंत्र टिक नहीं सकता।

मंत्री भगत ने अरविंद केजरीवाल को प्रतिबद्ध और दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक चुनौतियों और विरोध के बावजूद केजरीवाल हमेशा पारदर्शी शासन और जनकल्याण के लिए काम करते रहे। उनके नेतृत्व में दिल्ली और पंजाब में शिक्षा, स्वास्थ्य, मुफ्त बिजली और मोहल्ला क्लिनिक जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन हुआ। अदालत का यह फैसला केवल नेताओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश में लोकतंत्र और न्याय के लिए प्रेरणा है।

श्री भगत ने कहा कि यह निर्णय यह संदेश देता है कि सत्य और न्याय की विजय हमेशा होती है, और ईमानदार नेता जनता के विश्वास और सेवा के मार्ग पर हमेशा टिके रहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से न केवल आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं की छवि मजबूत होगी, बल्कि पूरे देश में लोकतंत्र और न्याय की प्रतिष्ठा भी और बढ़ेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version