Punjab

पंजाब में किसान आंदोलन, Dallewal की स्थिति और प्रशासन से टकराव गहराया

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किसानों और प्रशासन के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात और बातचीत के विफल होने के बाद स्थिति और गंभीर होती दिख रही है। खनूरी बॉर्डर पर हिरासत में लिए गए किसान नेता जगजीत Dallewal की 44 घंटे बाद लुधियाना के डीएमसी अस्पताल से पहली तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह पुलिसकर्मियों के साथ अस्पताल के अंदर जाते दिख रहे हैं। उनकी बिगड़ती हालत को लेकर किसानों में गहरी चिंता बनी हुई है। पुलिस अभी भी दल्लेवाल से किसी को मिलने की अनुमति नहीं दे रही है, जिससे किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

बैठक बेनतीजा

बुधवार को खनूरी बॉर्डर पर पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जैसे डीआईजी मनदीप सिद्धू और पटियाला एसएसपी नानक सिंह, ने किसानों के साथ बैठक की। प्रशासन चाहता था कि किसान आमरण अनशन खत्म करें, लेकिन किसान नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक जगजीत दल्लेवाल को सामने नहीं लाया जाएगा, बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।

अनशन की रणनीति

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर अनशन के दौरान किसी नेता की मृत्यु होती है, तो अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उसके स्थान पर नया नेता अनशन शुरू करेगा, और यह क्रम तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।

Dallewal की हालत पर सवाल

Dallewal की स्थिति को लेकर किसान नेता सुखजीत सिंह हरदो झंडे ने भी अनशन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दल्लेवाल को जबरन नाक में नली लगाकर खाना खिलाने की कोशिश की जा रही है। न तो अस्पताल और न ही सरकार इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक जानकारी साझा कर रही है। इसे किसान मानवाधिकार उल्लंघन बता रहे हैं।

संभावित टकराव की आशंका

स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो चुकी है। किसान नेता कह रहे हैं कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। वे बड़ी संख्या में अपने समर्थकों को मोर्चे पर बुला रहे हैं, जिससे आंदोलन और व्यापक हो सकता है।

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