Punjab

किसानों को बड़ी राहत, राजस्थान और हरियाणा के बाद अब Punjab में भी गेहूं खरीद में केंद्र सरकार ने दी छूट

Published

on

पंजाब के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने गेहूं खरीद के मानकों में छूट देने की घोषणा की है। यह छूट ओलावृष्टि और वर्षा की वजह से गेहूं की फसल पर पड़े प्रतिकूल असर के कारण मिली है।

केंद्रीय टीम ने पिछले दिनों पंजाब की मंडियों का दौरा किया था, जिसके बाद भारतीय खाद्य निगम की पंजाब इकाई ने इसकी सिफारिश की थी। अहम बात यह है कि सिफारिश के अनुसार सिकुड़े व टूटे दाने पर 20 प्रतिशत और चमकहीन दानों पर 80 प्रतिशत तक छूट दी गई है। यह राजस्थान और हरियाणा को मिली छूट से अधिक है।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) ने हरियाणा में 70 प्रतिशत चमकहीन दाने और 15 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़े दाने खरीदने की मंजूरी दी है। वहीं, राजस्थान में यह सीमा क्रमशः 50 और 15 प्रतिशत है। ओलावृष्टि और वर्षा के कारण पंजाब में ज्यादा नुकसान हुआ है।

पंजाब सरकार के अनुसार राज्य में 1.30 लाख एकड़ फसल ओलावृष्टि और वर्षा से प्रभावित हुई है। सरकार अभी भी गिरदावरी करवा रही है। दूसरी तरफ वर्षा के कारण दाने में चमक नहीं होने के कारण एजेंसियां गेहूं की खरीद नहीं कर रही हैं, जिसके कारण मंडियों में फसल का अंबार बढ़ता ही जा रहा है।

बता दें कि पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने नौ अप्रैल को खरीद के नियमों में छूट की मांग की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने अपनी टीम पंजाब में भेजी थी। टीम ने पंजाब के विभिन्न जिलों और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की कई मंडियों और खरीद केंद्रों से गेहूं के नमूने इकट्ठा किए।

इसके बाद गेहूं की खरीद के लिए निर्धारित एक समान मानकों के अनुपालन की जांच करने के लिए इन नमूनों का विश्लेषण किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि गेहूं के दानों की चमक जाने, दाना सिकुड़ने व टूट में वर्षा और ओलावृष्टि बड़ा कारण रहा।

इस विश्लेषण के आधार पर एफसीआई पंजाब ने सिफारिश की कि 20 प्रतिशत तक सिकुड़े और टूटे हुए दानों को व 80 प्रतिशत तक चमक में कमी वाले दानों को बिना किसी मूल्य कटौती के तथा 6 प्रतिशत तक खराब या हल्के खराब दानों को खरीद में छूट की अनुमति दी जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version