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BJP राजनीतिक फ़ायदे के लिए एसआईआर प्रक्रिया का कर रही है गलत इस्तेमाल, यह गंभीर चिंता का विषय: नील गर्ग
आम आदमी पार्टी (आप) ने वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इन-डेप्थ रिवीजन (एसआईआर) को लेकर गहरी चिंता जताई है। पार्टी नेता नील गर्ग ने कहा कि यह मुद्दा अब सार्वजनिक बहस के साथ-साथ संस्थागत जांच का विषय भी बन गया है।
नील गर्ग ने कहा कि वोटर लिस्ट का स्पेशल इन-डेप्थ रिवीजन गंभीर चिंता का विषय है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि रिपोर्टों के अनुसार पंजाब में एसआईआर अप्रैल से शुरू हो सकता है और पार्टी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
विरोधी क्षेत्रों में वोट काटने के आरोप
गर्ग ने आरोप लगाया कि कई ऐसे इलाकों और बूथों पर, जहां विरोधी पक्षों के वोटरों की संख्या अधिक है, बड़ी संख्या में वोट काटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि दलित भाईचारे को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वोटर रिवीजन प्रक्रिया का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पारदर्शी संशोधन से कोई एतराज़ नहीं
पार्टी का पक्ष रखते हुए नील गर्ग ने कहा कि आम आदमी पार्टी को वोटर लिस्ट के वास्तविक और पारदर्शी सुधार से कोई आपत्ति नहीं है। यदि किसी वोटर की मृत्यु हो गई है या वह स्थानांतरित हो गया है, तो उसका नाम अपडेट किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानूनी और पारदर्शी तरीके से किया गया संशोधन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन संशोधन के नाम पर राजनीति करना और विरोधी पक्ष के वोट काटना लोकतंत्र के खिलाफ है।
भाजपा पर सीधा आरोप, कड़ी चेतावनी
नील गर्ग ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की ऐसी किसी भी योजना को पंजाब में सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का हर वॉलंटियर हर वोट पर कड़ी नजर रखेगा और मतदाता स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि एसआईआर के नाम पर किसी भी तरह की धोखाधड़ी न हो सके।