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Faridabad गीता महोत्सव: युवाओं को संस्कृति और श्रीमद्भागवद गीता से जोड़ने का प्रयास

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Faridabad में आयोजित तीन दिवसीय गीता महोत्सव ने सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को श्रीमद्भागवद गीता के आदर्शों और सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोड़ना था। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुप्रिया ढांडा ने किया, जिन्होंने महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं के लिए इसके लाभों को रेखांकित किया।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:

गीता के संदेश और भारतीय संस्कृति को विशेष रूप से युवा पीढ़ी के साथ साझा करना। महोत्सव का फोकस इस बात पर था कि कैसे गीता के आदर्श आज की पीढ़ी के जीवन में प्रेरणा ला सकते हैं। शुभारंभ के अवसर पर एनआईटी विधायक सतीश फागना मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एडीसी साहिल गुप्ता ने इसके संचालन में अहम भूमिका निभाई।

फरीदाबाद के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया, जिससे उत्सव में रंग और उल्लास भर गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। साथ ही, नगर शोभायात्रा का आयोजन भी किया गया।

डॉ. सुप्रिया ढांडा ने कहा कि वर्तमान भौतिकतावादी जीवन शैली में परंपराओं को जीवंत बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है। गीता महोत्सव इस दिशा में एक सार्थक प्रयास है, जो युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने और भारतीय संस्कृति पर गर्व करने का अवसर प्रदान करता है।

यह महोत्सव हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यह दर्शाता है कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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