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पिछले एक माह से पी.आर.टी.सी. का कामकाज पड़ा ठप, जानें क्या है मामला

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पटियाला: पी.आर.टी.सी. का मुख्य कार्यालय पटियाला में है। पिछले एक महीने से प.आर.टी.सी. के अहम पद खाली हैं। न तो कोई मेनेजिंग डायरेक्टर (एम.डी.) है और न ही कोई अतिरिक्त मेनेजिंग डायरेक्टर (एएमडी)। ये दोनों पद रिक्त होने के कारण पी.आर.टी.सी. का कामकाज पुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यालय की सभी शाखाओं में फाइलों का अंबार लगा हुआ है। समस्त फैसले एम.डी. और ए.एम.डी. द्वारा लिए जाते हैं। पी.आर.टी.सी. के एम.डी. रहे आई.ए.एस. अधिकारी विपुल उज्जवल भारत सरकार के डैपुटेशन में चले गए हैं, जबकि ए.एम.डी. चरणजोत सिंह को सरकार ने संगरूर में एस.डी.एम. लगा दिया है ए.एम.डी. चरणजोत ने 30 अक्टूबर को कार्यभार छोड़ दिया था, जबकि एम.डी. विपुल उज्जवल 6 नवंबर को चले गए थे।

 ऐसा पहली बार हुआ है जब पी.आर.टी.सी. के दोनों ही महत्वपूर्ण पद इतने लंबे समय से खाली पड़े हैं। पी.आर.टी.सी. के हैड ऑफिस की ब्रांचें व 12 डिपो के जी.एम. द्वारा भेजी गई फ़ाइलें एम.डी. और ए.एम.डी. के पास आती हैं। उच्च अधिकारियों की सहमति के बाद ही निर्णय लिए जाते हैं। इसके अलावा कर्मचारियों की पदोन्नति, वेतन वृद्धि देना, आरोप पत्र पर निर्णय आदि भी एम.डी. और ए.एम.डी. लेते हैं। अब ये सभी काम लंबित हो गए हैं, जिससे कर्मचारी काफी दुखी हैं। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ भी नहीं मिल रहा है।

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